फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Improve lifestyle to avoid brain stroke

Jhajjar-Bahadurgarh News: ब्रेन स्ट्रोक से बचने के लिए करें जीवन शैली में सुधार

Tue, 29 Oct 2024 01:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Tue, 29 Oct 2024 01:51 AM IST
विज्ञापन
Improve lifestyle to avoid brain stroke

विज्ञापन

बहादुरगढ़। अनियमित जीवन शैली, खान-पान और तनाव स्ट्रोक होने के मुख्य कारण हैं। इनमें सुधार करके स्ट्रोक से बचा जा सकता है। इस जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 29 अक्तूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस मनाया जाता है। नागरिक अस्पताल के फिजिशयन डॉ. सुंदरम ने स्ट्रोक के लक्षण और बचाव के उपाय बताए।

उन्होंने बताया कि 60 वर्ष से ऊपर की उम्र के लोगों में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण ब्रेन स्ट्रोक है। उन्होंने बताया कि स्ट्रोक आने के बाद 70 फीसदी मरीजों की सुनने और देखने की क्षमता कमजोर हो जाती है। 30 फीसदी मरीजों का शरीर अपंग हो जाता है। उन्होंने बताया कि दिल की बीमारी वाले 20 फीसदी मरीजों को स्ट्रोक की समस्या होती है। पहले यह समस्या बढ़ती उम्र में होती थी, लेकिन अब स्ट्रोक का खतरा युवाओं को भी होने लगा है।
विज्ञापन




स्ट्रोक के बाद ये तीन काम जरूर करें

-बेहोशी से उठे व्यक्ति को मुस्कुराने के लिए कहें।

-व्यक्ति से कुछ आसान वाक्य बोलने के लिए कहें।

-व्यक्ति से दोनों हाथ ऊपर उठाने के लिए कहें।

डॉ. सुंदरम ने बताया कि ये तीन बातें काफी महत्वपूर्ण हैं और इन तीनों चीजों को करने में व्यक्ति को अगर जरा भी तकलीफ हो रही है तो जल्द ही एंबुलेंस बुलाएं। व्यक्ति को जीभ बाहर निकालने के लिए कहें। अगर जीभ एक तरफ मुड़ी हुई है तो समझ लीजिए ये भी स्ट्रोक का ही लक्षण हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




स्ट्रोक से बचाव

स्ट्रोक से बचाव के लिए व्यायाम, उचित खानपान और नशे से दूर रहने की सबसे ज्यादा जरूरत है। तनाव से बचने की कोशिश करनी चाहिए। बढ़ते रक्तचाप का ध्यान रखना चाहिए। अगर समय पर उपचार मिल जाए तो स्ट्रोक से उभरा जा सकता है और उसके बाद जीवन में बदलाव लाया जा सकता है। इसका मुख्य कारण उच्च रक्तचाप, मधुमेह, रक्त शर्करा, उच्च कोलेस्ट्रॉल, शराब, धूम्रपान और मादक पदार्थों की लत के अलावा आरामतलब जीवनशैली, मोटापा, जंक फूड का सेवन और तनाव है।




ऐसे होता है स्ट्रोक

डॉ. सुंदरम ने बताया कि मस्तिष्क और नाड़ियों को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की निरंतर आपूर्ति रक्त वाहिकाओं से खून के द्वारा की जाती है। जब भी इन रक्त वाहिकाओं में किसी कारण कोई अवरोध हो जाता है तो मस्तिष्क के कुछ हिस्सों को रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है। मस्तिष्क के कुछ हिस्से को तीन या चार मिनट से ज्यादा देर तक रक्त न मिलने पर ऑक्सीजन और पोषक तत्वों के अभाव में कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं और स्ट्रोक हो जाता है। धमनियों में चर्बी की मात्रा अधिक होने से ब्लॉकेज आ जाते हैं, जिससे खून की आपूर्ति मेें बाधा उत्पन्न होने के कारण स्ट्रोक पड़ता है। स्ट्रोक उच्च रक्तचाप के कारण भी होता है। खून के अधिक दबाव से नलिकाएं फट जाती हैं और मस्तिष्क के अंदर खून बहने लगता है, इसलिए इसे ब्रेन हेमरेज भी कहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed