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स्वतंत्रता संग्राम में रोहिल्ला समाज का अहम योगदान : अरविंद

Mon, 28 Aug 2023 01:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Mon, 28 Aug 2023 01:07 AM IST
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Important contribution of Rohilla society in the freedom struggle: Arvind
बहादुरगढ़। भारतीय रोहिल्ला राजपूत क्षत्रिय संघ द्वारा शहर के सेक्टर-9 स्थित कम्युनिटी सेंटर में समाज का प्रथम मिलन समारोह एवं स्मारिका विमोचन कार्यक्रम हुआ। इसमें समाज के लोगों ने एकजुटता का संकल्प लिया। सांसद अरविंद शर्मा ने कहा कि 1857 की क्रांति में रोहिल्ले राजपूत समाज ने अपना योगदान दिया था। सांसद ने संघ को जमीन के लिए 11 लाख व धर्मशाला के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। वहीं पूर्व विधायक नरेश कौशिक ने 1 लाख 1 हजार रुपये देने की घोषणा की।
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कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में सांसद डॉ. अरविंद शर्मा उपस्थित हुए। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक नरेश कौशिक, चेयरपर्सन सरोज राठी वाइस चेयरमैन पालेराम शर्मा, ईओ सजंय रोहिल्ला व पार्षद ज्योति पवन रोहिल्ला मौजूद रहे। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने सांसद शर्मा व अतिथियों का स्वागत किया गया। सभी ने पृथ्वीराज चौहान, राजा रणबीर सिंह, संत नामदेव, महाराणा प्रताप आदि महापुरुषों को नमन किया। इस मौके पर सांसद अरविंद शर्मा ने कहा, मध्यकालीन भारत में राजपूत लड़ाकों को रोहिल्ला की उपाधि से विभूषित किया गया था। रोहिल्ला समाज साम्राज्य 19वीं शताब्दी में स्थापित हुआ। जिसे उर्दू में रुहेल खंड कहा जाता है। उन्होंने बताया कि रोहिल्ला समाज को एकता के सूत्र में बांधने के लिए हमारे समाज में अनेक महापुरुष पैदा हुए। जिन्होंने समाज के उत्थान के लिए अनेक कार्य किए। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 में भी रोहिल्ले राजपूतों ने अपना योगदान दिया। ग्वालियर के किले में रानी लक्ष्मीबाई को हजारों की संख्या में रोहिल्ले राजपूत मिले, इस महायज्ञ में स्त्री व पुरुष सभी ने अपने गहने, धन आदि एकत्र कर झांसी की रानी के साथ अंग्रेजों के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए सम्राट बहादुरशाह-जफर तक पहुंचाए। उन्होंने कहा कि कठेहर रोहिलखण्ड की स्थापना से लेकर सल्तनत काल की उथल पुथल, मारकाट, दमन चक्र तक लगभग 800 वर्ष के शासन काल के पश्चात 1857 तक रोहिले राजपूतों ने राष्ट्रहित में बलिदान दिए। सांसद शर्मा ने कहा कि रोहिले राजा रणवीर सिंह ने तुगलक के सेनापति नसीरुद्दीन चंगेज को हराया था।
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इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजमोहन रोहिल्ला, राष्ट्रीय महासचिव रमेश रोहिल्ला, जिला प्रभारी झज्जर बिजेंद्र रोहिल्ला, जिला संरक्षक चरण प्रकाश, सुनील दत्त, समाजसेवी सोनू रोहिल्ला, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र रोहिल्ला, संगठन मंत्री राजीव रोहिल्ला, सचिव जोगेंद्र रोहिल्ला, प्रचार मंत्री जगबीर रोहिल्ला, सीएम एमिनेंट पर्सन नरेश रोहिल्ला, प्रचार मंत्री कमल रोहिल्ला, उपाध्यक्ष रिंकू रोहिल्ला, मीनाक्षी कानूनी सलाहकार, सूबेदार इंद्र रोहिल्ला, दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष सजंय रोहिल्ला मौजूद रहे।
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