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आईआईटी को कैंपस के लिए बाढ़सा की जमीन नहीं आई रास

Sat, 18 Jul 2020 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2020 12:09 AM IST
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बाढ़सा में आईआईटी जमीन का जायजा करते एडीसी जगनिवास और अन्य अधिकारी। - फोटो : Bahadurgarh
बादली। भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान की ओर से बाढ़सा में बनाए जा रहे कैंपस की जमीन रास नहीं आ रही है। संस्थान ने अब जिला प्रशासन से जमीन बदलने की मांग की है। इसके बाद प्रशासन ने ग्राम सभा की आपात बैठक बुलाकर स्टेडियम की जमीन को आईआईटी को देने का प्रस्ताव पारित किया है।
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आईआईटी ने 7 साल बीत जाने के बाद जमीन पर कैंपस निर्माण कार्य शुरू नहीं करवाया। अब संस्थान ने जमीन बदलने की मांग जिला प्रशासन को भेजी। संस्थान ने एम्स-2 के पास जमीन का तबादला करने की मांग करते हुए बताया कि जहां पर जमीन दी गई है वह कैंपस निर्माण के लिए उचित नहीं है। उन्हें एम्स संस्थान या रिहायशी क्षेत्र के पास जमीन उपलब्ध करवाई जाए। संस्थान की मांग के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। प्रशासन ने भी जमीन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला उपायुक्त जगनिवास ने एसडीएम विशाल कुमार, नायब तहसीलदार प्रभुदयाल सोनी और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रामकरण शर्मा से बातचीत की। ग्राम पंचायत की भी आपात बैठक बुलाई गई। एक सप्ताह में पूरी कार्रवाई कर ली गई। प्रस्ताव के अनुसार गांव में बनाए गए स्टेडियम की करीब 15 एकड़ जमीन आईआईटी को दी जाएगी। स्टेडियम की हुई चहारदीवारी की लागत आईआईटी देगी। ऐसे में आईआईटी को अब चहारदीवारी के साथ जमीन मिलेगी। स्टेडियम की जमीन आईआईटी अधिकारियों को पसंद आ गई है और वे चहारदीवारी की लागत देने को भी तैयार है।
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तबादला रजिस्ट्री होगी
जमीन तबादले को लेकर रजिस्ट्री करवाई जाएगी। रजिस्ट्री के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। मैंने स्वयं पंचायत और संस्थान के अधिकारियों से बातचीत की है। जिला उपायुक्त ने भी बैठक में जमीन तबादले के आदेश दिए हैं। सरकारी मापदंडों के अनुसार तबादला नीति अपनाई जाएगी।
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- प्रभुदयाल सोनी, नायब तहसीलदार।
2013 में दी थी जमीन
तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने संस्थान को जमीन देते हुए 2020 तक रोजगार के साधन उपलब्ध करवाने की बात कही थी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एवं आईआईटी कमेटी सदस्य डॉ. एम एम पल्लमराजू ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ निर्धारित समय में देश के करोड़ों युवाओं का कौशल विकास करने का वादा किया था।
विधानसभा में उठाया मामला
इसी वर्ष फरवरी-मार्च माह बजट सत्र के दौरान हरियाणा विधानसभा में भी आईआईटी का मुद्दा उठाया। मैंने सरकार से आईआईटी कैंपस का निर्माण कार्य शुरू करवाने की मांग की। हालांकि प्रदेश सरकार ने इसे केंद्र का मुद्दा बताकर कार्रवाई से मना कर दिया था, लेकिन मैंने केंद्र सरकार और संस्थान के अधिकारियों से बातचीत की है।

- कुलदीप वत्स, विधायक बादली।
ग्राम पंचायत को मिला पैसा
आईआईटी को दिल्ली सीमा से सटी 50 एकड़ जमीन दी गई। इसके बदले ग्राम पंचायत को करीब 10 करोड़ रुपये मिले हैं। जमीन की कीमत 3 किस्तों में ग्राम पंचायत को उपलब्ध करवाई गई। सरकार और संस्थान के लिए पंचायत हर संभव मदद के लिए तैयार है। सरकार को भी चाहिए कि कैंपस का निर्माण कार्य में तेजी करवाए ताकि युवाओं को लाभ मिल सके।
- नरेश देवी, सरपंच बाढ़सा।
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