{"_id":"574b3f6f4f1c1b7c281092bb","slug":"hindi-story-jaat-reservation-mandothi-panchayat-jhajjhar-bahadurgrah","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम को बारह की पंचायत में आने का न्योता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम को बारह की पंचायत में आने का न्योता
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 30 May 2016 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मांडोठी दलाल बारह खाप ने जाट आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की है। गांव मांडोठी में जाट आरक्षण को लेकर रविवार को दलाल बारह की पंचायत हुई। जाट पंचायत ने सरकार से तीन मांगें कीं और सकारात्मक रुख न होने पर मुख्यमंत्री से मांडोठी में 5 जून को प्रस्तावित पंचायत में मौजूद रहने की मांग की। रविवार की पंचायत के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखे।
मांडोठी में हुई पंचायत में फैसला लिया गया कि दलाल बारह की सभी 14 ग्राम पंचायतों के सरपंच खंड के बाकी गांवों की ग्राम पंचायतों के सरपंचों को भी साथ लेकर अगले दो-तीन दिनों में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे और मांडोठी पंचायत में आने का निमंत्रण देंगे। दलाल बारह खाप पंचायत ने फैसला लिया है कि मुख्यमंत्री खुद पंचायत में आकर जाट आरक्षण की मांगों पर जवाब दें। मुख्यमंत्री मांडोठी पंचायत में कब आ सकते हैं ये फैसला खाप पंचायत ने मुख्यमंत्री पर छोड़ दिया।
विज्ञापन
रविवार को हुई पंचायत में कहा गया कि अगर मुख्यमंत्री उनकी मांगों को नहीं मानते हैं और सरपंचों को मांडोठी पंचायत में आने से मना करते हैं तो सरकार का बहिष्कार भी किया जा सकता है। इस मुद्दे पर अगली पंचायत 5 जून को मांडोठी स्थित सीताराम आश्रम में बुलाई गई है। मांडोठी में होने वाली 5 जून की पंचायत में मुख्यमंत्री से मिलकर आने वाले सरपंच मुलाकात और बातचीत का ब्योरा देंगे। सरपंचों की रिपोर्ट आने के बाद ही आरक्षण के संबंध में पंचायत की रणनीति का फैसला लिया जाएगा। रविवार को मांडोठी में जाट आरक्षण के लिए बारह की पंचायत के आयोजन को ध्यान में रखते हुए पुलिस भी सतर्क रही। डीएसपी धीरज सुरक्षा व्यवस्था पर खुद नजर रखे रहे।
विज्ञापन
मांडोठी में हुई पंचायत में फैसला लिया गया कि दलाल बारह की सभी 14 ग्राम पंचायतों के सरपंच खंड के बाकी गांवों की ग्राम पंचायतों के सरपंचों को भी साथ लेकर अगले दो-तीन दिनों में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे और मांडोठी पंचायत में आने का निमंत्रण देंगे। दलाल बारह खाप पंचायत ने फैसला लिया है कि मुख्यमंत्री खुद पंचायत में आकर जाट आरक्षण की मांगों पर जवाब दें। मुख्यमंत्री मांडोठी पंचायत में कब आ सकते हैं ये फैसला खाप पंचायत ने मुख्यमंत्री पर छोड़ दिया।
विज्ञापन
बारह के प्रधान भूप सिंह ने बताया कि जाट आरक्षण को बार-बार कोर्ट में चुनौती दी जा रही है, इसलिए सरकार को जाट आरक्षण का प्रावधान संविधान की 9वीं अनुसूची में करना चाहिए। इसके साथ पंचायत ने जाट आरक्षण आंदोलन में मारे गए युवाओं को शहीद का दर्जा के साथ उनके परिजनों को सरकारी नौकरी देने, प्रत्येक पीड़ित परिवार को कम से कम 10 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने और गलत मुकदमों को रद्द करने की मांग की।
विज्ञापन
रविवार को हुई पंचायत में कहा गया कि अगर मुख्यमंत्री उनकी मांगों को नहीं मानते हैं और सरपंचों को मांडोठी पंचायत में आने से मना करते हैं तो सरकार का बहिष्कार भी किया जा सकता है। इस मुद्दे पर अगली पंचायत 5 जून को मांडोठी स्थित सीताराम आश्रम में बुलाई गई है। मांडोठी में होने वाली 5 जून की पंचायत में मुख्यमंत्री से मिलकर आने वाले सरपंच मुलाकात और बातचीत का ब्योरा देंगे। सरपंचों की रिपोर्ट आने के बाद ही आरक्षण के संबंध में पंचायत की रणनीति का फैसला लिया जाएगा। रविवार को मांडोठी में जाट आरक्षण के लिए बारह की पंचायत के आयोजन को ध्यान में रखते हुए पुलिस भी सतर्क रही। डीएसपी धीरज सुरक्षा व्यवस्था पर खुद नजर रखे रहे।