गुड़गांव माइनर टूटी, सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न
माइनर शनिवार शाम करीब 6 बजे के लगभग टूटी। बादली क्षेत्र से गुजरने वाली गुड़गांव जल वितरण नहर टूट गई। नहर टूटी वहीं रोड के नीचे एक पुलिया थी। पुलिया के माध्यम से नहर का सारा पानी रोड के दूसरी तरफ पहुंच गया। कुछ ही समय में सैकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई। काफी संख्या में किसानों ने ज्वार, बाजरा, ग्वार व अन्य फसल उगा रखी थी। नहर टूटने व खेतों में पानी भरने से किसानों को वर्तमान फसलों में नुकसान हुआ है। किसान ज्वार, बाजरा व अन्य फसलों बिजाई कर चुके हैं। किसानों का प्रति एकड़ हजारों रुपये का खर्चा हो चुका है। अब ऐसे में खेतों में पानी भरने से किसानों को नुकसान हुआ है। किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
गुड़गांव जल वितरण नहर पूरी तरह से जर्जर हाल है। नहर के दोनों ओर की दीवारें ईटों से बनी हैं। अनेक स्थान ऐसे भी हैं जहां से नहर की दीवारें पूरी तरह से हट चुकी हैं, टूट चुकी हैं। शनिवार को नहर एक जगह से टूटी है जो कि क्षेत्र की फसल के लिए बर्बादी का कारण बन गई है। माइनर पूरी तरह से जर्जर हालत में होने से हमेशा ही इसके टूटने का खतरा बना रहता है। इसी के चलते नहर अन्य स्थानों से भी टूट सकती है। नहर के देर शाम टूटने से प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। रात के समय खेतों में पानी के बढने की संभावना ज्याद बढ़ गई है क्योंकि नहर का पानी बंद भी कराया जाता है तो बाढ़सा तक बंद होने में ही करीब 6 से 8 घंटे का समय लगता है।