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आरक्षण का ड्रा रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज
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राज्य में स्थानीय निकायों के अध्यक्ष पद आरक्षण के लिए निकाले गए ड्रा को रद्द करके 22 सितंबर को दोबारा ड्रा निकालने के स्थानीय निकाय विभाग के फैसले को बहादुरगढ़ निवासी रविंद्र सैनी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने पहले ड्रा से हुए आरक्षण के अनुसार ही चुनाव करवाने की प्रार्थना की है।
गौरतलब है कि पहले हुए ड्रा में बहादुरगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष का पद पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित हो गया था लेकिन पिछले दिनों स्थानीय निकाय विभाग की ओर से पहले ड्रा को रद्द कर 22 सितंबर को नए सिरे से ड्रा करने का फैसला लिया गया। इस फैसले से बीसी समाज के उन लोगों के अरमानों पर पानी फिर गया जो नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव लड़ना चाहते थे। ऐसे कई लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर प्रचार और जन संपर्क करना शुरू कर दिया था। कई लोग चुनाव जीतकर चेयरपर्सन का पद मिलने की आस लगाए बैठे थे। सैनीपुरा निवासी रविंद्र सैनी भी इनमें शामिल हैं।
विभाग के फैसले से जैसे कई लोगों को निराशा हुई। रविंद्र सैनी ने आरक्षण को रद्द कर दुबारा ड्रा करवाने के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका लगाई है। उन्होंने न्यायालय के माध्यम से पूछा है कि उन्हें आरक्षण को रद्द करने का आधार बताया जाए। साथ ही 22 सितंबर को होने वाले ड्रा पर रोक लगाने की मांग की है। सरकार के फैसले को सैनी ने बैकवर्ड समाज के लोगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया है। सैनी और उनके वकील सौरभ दलाल ने बताया कि याचिका पर मंगलवार 21 सितंबर को सुनवाई होगी।
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गौरतलब है कि पहले हुए ड्रा में बहादुरगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष का पद पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित हो गया था लेकिन पिछले दिनों स्थानीय निकाय विभाग की ओर से पहले ड्रा को रद्द कर 22 सितंबर को नए सिरे से ड्रा करने का फैसला लिया गया। इस फैसले से बीसी समाज के उन लोगों के अरमानों पर पानी फिर गया जो नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव लड़ना चाहते थे। ऐसे कई लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर प्रचार और जन संपर्क करना शुरू कर दिया था। कई लोग चुनाव जीतकर चेयरपर्सन का पद मिलने की आस लगाए बैठे थे। सैनीपुरा निवासी रविंद्र सैनी भी इनमें शामिल हैं।
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विभाग के फैसले से जैसे कई लोगों को निराशा हुई। रविंद्र सैनी ने आरक्षण को रद्द कर दुबारा ड्रा करवाने के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका लगाई है। उन्होंने न्यायालय के माध्यम से पूछा है कि उन्हें आरक्षण को रद्द करने का आधार बताया जाए। साथ ही 22 सितंबर को होने वाले ड्रा पर रोक लगाने की मांग की है। सरकार के फैसले को सैनी ने बैकवर्ड समाज के लोगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया है। सैनी और उनके वकील सौरभ दलाल ने बताया कि याचिका पर मंगलवार 21 सितंबर को सुनवाई होगी।
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