{"_id":"614f7c0d8ebc3e02606de235","slug":"hari-om-pawar-inaugurated-the-martyr-s-memorial-site-bahadurgarh-news-rtk6251261151","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरिओम पंवार ने किया शहीद नमन स्थल का उद्घाटन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरिओम पंवार ने किया शहीद नमन स्थल का उद्घाटन
विज्ञापन
शहीद नमन स्थल के उद्घाटन उपरांत इंकलाबी नारे लगाते अतिथि। संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहादुरगढ़। ओज के प्रख्यात कवि डॉ. हरिओम पंवार ने गांव मांडोठी में चित्रकार महेश दलाल द्वारा स्थापित शहीद नमन स्थल का उद्घाटन किया। शहीद सुखदेव के पौत्र अनुज थापर, कवि प्रवीण शुक्ला, कुलबीर सिंह मलिक, डॉ. महेंद्र सिंह, रघुवेंद्र मलिक व धर्मपाल मलिक आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने किया।
डॉ. हरिओम पंवार ने कहा कि ऐसा अद्वितीय काम केवल दिल कर सकता है, दिमाग नहीं। देश की नई पीढ़ी के लिए शहीद नमन स्थल एक मंदिर है। महेश दलाल की मुंह से बोलती पेंटिंग्स का यह अद्भुत संग्रहालय है। उन्होंने महेश दलाल के पिता कैप्टन जगदेव सिंह और मां मेवा देवी का आशीर्वाद भी लिया। कवि प्रवीण शुक्ला ने भी महेश दलाल द्वारा अपना घर तोड़कर बनाए गए शहीद नमन स्थल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
कूंची से उकेरी है भगत सिंह की जीवनी
विदित है कि मांडोठी गांव में बने इस संग्रहालय में सवा सौ तैलचित्रों पर स्वतंत्रता संग्राम के साथ ही भगत सिंह की पूरी जीवनी उकेरी गई है। शहीद सुखदेव के पौत्र अनुज थापर ने भी आमजन से आजादी की कीमत और मायने समझने का अनुरोध किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे सेवानिवृत्त कर आयुक्त कुलबीर सिंह मलिक और हिसार के दयानंद कॉलेज के इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह ने भी महेश की मेहनत और जज्बात को सलाम किया। इस मौके पर शिल्पगुरु राजेंद्र बोंदवाल, दलाल खाप चौरासी के प्रधान भूप सिंह दलाल, नेशनल अवार्डी चंद्रकांत बोंदवाल, कामरेड जयकरण, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतीश छिकारा व बिल्लू जाट ने कहा कि महेश के इस प्रयास से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. हरिओम पंवार ने कहा कि ऐसा अद्वितीय काम केवल दिल कर सकता है, दिमाग नहीं। देश की नई पीढ़ी के लिए शहीद नमन स्थल एक मंदिर है। महेश दलाल की मुंह से बोलती पेंटिंग्स का यह अद्भुत संग्रहालय है। उन्होंने महेश दलाल के पिता कैप्टन जगदेव सिंह और मां मेवा देवी का आशीर्वाद भी लिया। कवि प्रवीण शुक्ला ने भी महेश दलाल द्वारा अपना घर तोड़कर बनाए गए शहीद नमन स्थल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
विज्ञापन
कूंची से उकेरी है भगत सिंह की जीवनी
विदित है कि मांडोठी गांव में बने इस संग्रहालय में सवा सौ तैलचित्रों पर स्वतंत्रता संग्राम के साथ ही भगत सिंह की पूरी जीवनी उकेरी गई है। शहीद सुखदेव के पौत्र अनुज थापर ने भी आमजन से आजादी की कीमत और मायने समझने का अनुरोध किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे सेवानिवृत्त कर आयुक्त कुलबीर सिंह मलिक और हिसार के दयानंद कॉलेज के इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह ने भी महेश की मेहनत और जज्बात को सलाम किया। इस मौके पर शिल्पगुरु राजेंद्र बोंदवाल, दलाल खाप चौरासी के प्रधान भूप सिंह दलाल, नेशनल अवार्डी चंद्रकांत बोंदवाल, कामरेड जयकरण, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतीश छिकारा व बिल्लू जाट ने कहा कि महेश के इस प्रयास से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।
विज्ञापन