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Jhajjar-Bahadurgarh News: आभा आईडी बनवाने में गुरुग्राम सबसे आगे, अब तक 12.6 लाख आईडी बनीं
Sun, 15 Feb 2026 05:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 15 Feb 2026 05:48 PM IST
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झज्जर। आभा आईडी के जरिये लोगों का मेडिकल रिकॉर्ड अब एक जगह सुरक्षित होगा। डॉक्टर आभा आईडी देखकर मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री जान सकेंगे। प्रदेश में आभा आईडी बनाने का काम स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
प्रदेश में अब तक एक करोड़ 79 लाख 16 हजार 651 लोगों की आभा आईडी बन चुकी है। इससे बनवाने में गुरुग्राम के लोग और स्वास्थ्य विभाग आगे हैं। गुरुग्राम में अब तक 12.6 लाख लोगों की आभा आईडी बन चुकी है।
दूसरे नंबर पर फरीदाबाद जिला है यहां अब तक 12.5 लाख लोगों की आभा आईडी बन चुकी हैं। तीसरे नंबर पर हिसार जिला हैं जहां पर 11.8 लाख लोगों की आईडी बनी हैं।
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महिलाओं से अधिक पुरुषों ने दिखाई दिलचस्पी
प्रदेश में 52.85 प्रतिशत पुरुषों और 47.15 प्रतिशत महिलाओं ने आईडी बनवाई है। इसी प्रकार से 0 से 5 साल तक के 4.94 प्रतिशत, 6 से 18 साल के 15.55 प्रतिशत, 19 से 45 साल के 50.3 प्रतिशत, 46 से 60 साल के 16.7 प्रतिशत और 60 साल से अधिक उम्र के 12.51 प्रतिशत लोगों की आभा आईडी बनाई गई है। यह आईडी सीएचसी सेंटर के अलावा सरकारी अस्पतालों में भी बनाई जा रही हैं। आभा कार्ड सरकार के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत डिजिटल रूप से जारी स्वास्थ्य पहचान है, जिसका प्रबंधन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) की तरफ से किया जाता है।
अब तक एक करोड़ 79 लाख 16 हजार 651 लोगों की आभा आईडी बन चुकी है। आभा आईडी में मरीज का पूरा ब्यौरा दर्ज रहता है और वह उसके जरिये कहीं भी इलाज करवा सकता है।
- डॉ. अंकित शर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन
सभी जानकारी एक जगह मिलेगी
आईडी में इलाज का इतिहास, ब्लड ग्रुप, बीमारी का विवरण, ली गई दवाइयां, लैब जांच रिपोर्ट, एमआरआई, अस्पताल में भर्ती और डिस्चार्ज से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही जगह उपलब्ध होंगी। आभा हेल्थ आईडी के साथ एक क्यूआर कोड भी मिलता है। किसी भी अस्पताल या डॉक्टर के पास इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर मरीज का मेडिकल रिकाॅर्ड तुरंत देखा जा सकता है। इससे इलाज में देरी नहीं होगी और डॉक्टर सही जानकारी के आधार पर बेहतर उपचार कर सकेंगे।
14 अंकों का यूनिक नंबर है आभा आईडी
आभा हेल्थ आईडी 14 अंकों का एक यूनिक नंबर होता है, जो डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली का अहम हिस्सा है। आधार नंबर या मोबाइल नंबर की मदद से यह आईडी बनाई जा सकती है। खास बात यह है कि इस आईडी और पासवर्ड का पूरा नियंत्रण स्वयं लाभार्थी के पास रहता है।
ऐसे बनाएं आभा हेल्थ आईडी
प्रथम चरण में 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी से सत्यापन करें। द्वितीय चरण में नाम, लिंग और जन्मतिथि की जानकारी भरें। तृतीय चरण में पीएचआर एड्रेस बनाकर राज्य और जिला चुनें और प्रक्रिया पूरी करें। इस तरह कुछ ही मिनटों में मोबाइल से आभा हेल्थ आईडी बनाकर डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लिया जा सकता है।
किस जिले में कितनी आभा आईडी बनी (आंकड़ा लाख में है।)
अंबाला 8
भिवानी 9.2
चरखीदादरी 3
फरीदाबाद 12.5
फतेहाबाद 7.1
गुरुग्राम 12.6
हिसार 11.8
झज्जर 6.1
जींद 9
कैथल 7.5
करनाल 11.7
कुरुक्षेत्र 7
महेंद्रगढ़ 7.4
मेवात 9.5
पलवल 6.1
पंचकूला 3.6
पानीपत 9.1
रेवाड़ी 6.6
रोहतक 6.4
सिरसा 9.6
सोनीपत 9.1
यमुनानगर 9.2
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प्रदेश में अब तक एक करोड़ 79 लाख 16 हजार 651 लोगों की आभा आईडी बन चुकी है। इससे बनवाने में गुरुग्राम के लोग और स्वास्थ्य विभाग आगे हैं। गुरुग्राम में अब तक 12.6 लाख लोगों की आभा आईडी बन चुकी है।
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दूसरे नंबर पर फरीदाबाद जिला है यहां अब तक 12.5 लाख लोगों की आभा आईडी बन चुकी हैं। तीसरे नंबर पर हिसार जिला हैं जहां पर 11.8 लाख लोगों की आईडी बनी हैं।
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महिलाओं से अधिक पुरुषों ने दिखाई दिलचस्पी
प्रदेश में 52.85 प्रतिशत पुरुषों और 47.15 प्रतिशत महिलाओं ने आईडी बनवाई है। इसी प्रकार से 0 से 5 साल तक के 4.94 प्रतिशत, 6 से 18 साल के 15.55 प्रतिशत, 19 से 45 साल के 50.3 प्रतिशत, 46 से 60 साल के 16.7 प्रतिशत और 60 साल से अधिक उम्र के 12.51 प्रतिशत लोगों की आभा आईडी बनाई गई है। यह आईडी सीएचसी सेंटर के अलावा सरकारी अस्पतालों में भी बनाई जा रही हैं। आभा कार्ड सरकार के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत डिजिटल रूप से जारी स्वास्थ्य पहचान है, जिसका प्रबंधन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) की तरफ से किया जाता है।
अब तक एक करोड़ 79 लाख 16 हजार 651 लोगों की आभा आईडी बन चुकी है। आभा आईडी में मरीज का पूरा ब्यौरा दर्ज रहता है और वह उसके जरिये कहीं भी इलाज करवा सकता है।
- डॉ. अंकित शर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन
सभी जानकारी एक जगह मिलेगी
आईडी में इलाज का इतिहास, ब्लड ग्रुप, बीमारी का विवरण, ली गई दवाइयां, लैब जांच रिपोर्ट, एमआरआई, अस्पताल में भर्ती और डिस्चार्ज से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही जगह उपलब्ध होंगी। आभा हेल्थ आईडी के साथ एक क्यूआर कोड भी मिलता है। किसी भी अस्पताल या डॉक्टर के पास इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर मरीज का मेडिकल रिकाॅर्ड तुरंत देखा जा सकता है। इससे इलाज में देरी नहीं होगी और डॉक्टर सही जानकारी के आधार पर बेहतर उपचार कर सकेंगे।
14 अंकों का यूनिक नंबर है आभा आईडी
आभा हेल्थ आईडी 14 अंकों का एक यूनिक नंबर होता है, जो डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली का अहम हिस्सा है। आधार नंबर या मोबाइल नंबर की मदद से यह आईडी बनाई जा सकती है। खास बात यह है कि इस आईडी और पासवर्ड का पूरा नियंत्रण स्वयं लाभार्थी के पास रहता है।
ऐसे बनाएं आभा हेल्थ आईडी
प्रथम चरण में 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी से सत्यापन करें। द्वितीय चरण में नाम, लिंग और जन्मतिथि की जानकारी भरें। तृतीय चरण में पीएचआर एड्रेस बनाकर राज्य और जिला चुनें और प्रक्रिया पूरी करें। इस तरह कुछ ही मिनटों में मोबाइल से आभा हेल्थ आईडी बनाकर डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लिया जा सकता है।
किस जिले में कितनी आभा आईडी बनी (आंकड़ा लाख में है।)
अंबाला 8
भिवानी 9.2
चरखीदादरी 3
फरीदाबाद 12.5
फतेहाबाद 7.1
गुरुग्राम 12.6
हिसार 11.8
झज्जर 6.1
जींद 9
कैथल 7.5
करनाल 11.7
कुरुक्षेत्र 7
महेंद्रगढ़ 7.4
मेवात 9.5
पलवल 6.1
पंचकूला 3.6
पानीपत 9.1
रेवाड़ी 6.6
रोहतक 6.4
सिरसा 9.6
सोनीपत 9.1
यमुनानगर 9.2