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ग्राम पंचायत ने की शिक्षकों की सीएम विंडो पर शिकायत
jhajjar
Updated Wed, 23 Mar 2016 01:29 AM IST
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मुख्यमंत्री साहब, गांव के सरकारी स्कूल में चार अध्यापक पिछले 10 से 20 वर्षों से कार्यरत हैं। स्कूल में आते हैं, हाजिरी लगाकर अपने व्यक्तिगत कामों के लिए चले जाते हैं। प्राइमरी सकूल के दो टीचर स्कूल बंद होने के बाद यहीं पर शराब पीते हैं। माहौल खराब है, बच्चे फैल हो रहे हैं। कृपया निवारण करें।
गांव सरौला के सरपंच भूपेंद्र व अन्य ग्रामीणों ने मंगलवार को सीएम विंडो पर सकूल के शिक्षकों के खिलाफ ये शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत में कहा गया कि गांव में राजकीय हाई स्कूल है। गांव ढ़ाकला, सरौला व खुडन निवासी तीन शिक्षक इसी सकूल में पिछले 10 से 20 साल से डयूटी कर रहे हैं।
साथ ही क्लर्क भी 10 साल से है। ये स्कूल में समय पर आते हैं। हाजिरी लगाते हैं और अपने व्यक्तिगत कार्यों के लिए चले जाते हैं। इनका निवास स्कूल से करीब 4 किलोमीटर दूरी पर ही है। इससे स्कूल में माहौल खराब है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित है। सकूल का दसवीं कक्षा का प्रथम सैमेस्टर -2015-16 का परीक्षा परिणाम खराब आया। हिंदी विषय में सभी बच्चे फेल हो गए।
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यहां तो सारी गंद भरी पड़ी है
शिकायत में आरोप लगएण् गए हैं कि प्राइमरी विंग के दो शिक्षक स्कूल में छुट्टी के बाद शराब पीते हैं। ग्राम पंचायत सरौला व गांव के गणमान्य व्यक्तियों ने हैड टीचर से बात की। वहां से जवाब मिला कि उनके स्कूल मे तो आते ही कमजोर बच्चे हैं। यहां तो सारी गंद भरी पड़ी है। अच्छे पढ़ने वाले बच्चे तो प्राईवेट स्कूलों में गए हैं। इसी वजह से हमारा परिणाम अच्छा नहीं आता। पंचायत ने सीएम को दी शिकायत में कहा है कि तीन अध्यापकों, जिनमें एक महिला शिक्षक भी है और क्लर्क की वजह से हमारे स्कूल का माहौल खराब हुआ है। छात्रों का भविष्य भी इससे अंधकारमय है। मुख्यमंत्री से निवेदन है कि उक्त अध्यापकों का शीघ्र तबादला किया जाए।
गांव सरौला के स्कूल में माहौल खराब जैसी कोई सूचना फिलहाल उनके पास नहीं है। ग्रामीणों ने सीएम विंडो पर कोई शिकायत दी है तो वह कार्रवाई के लिए विभाग के पास पहुंचेगी। जांच के बाद उचित कार्रवाई का फैसला होगा। किसी भी स्कूल में माहौल खराब करने की इजाजत किसी को नहीं है।
-वीपी दौलता, डीईओ
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गांव सरौला के सरपंच भूपेंद्र व अन्य ग्रामीणों ने मंगलवार को सीएम विंडो पर सकूल के शिक्षकों के खिलाफ ये शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत में कहा गया कि गांव में राजकीय हाई स्कूल है। गांव ढ़ाकला, सरौला व खुडन निवासी तीन शिक्षक इसी सकूल में पिछले 10 से 20 साल से डयूटी कर रहे हैं।
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साथ ही क्लर्क भी 10 साल से है। ये स्कूल में समय पर आते हैं। हाजिरी लगाते हैं और अपने व्यक्तिगत कार्यों के लिए चले जाते हैं। इनका निवास स्कूल से करीब 4 किलोमीटर दूरी पर ही है। इससे स्कूल में माहौल खराब है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित है। सकूल का दसवीं कक्षा का प्रथम सैमेस्टर -2015-16 का परीक्षा परिणाम खराब आया। हिंदी विषय में सभी बच्चे फेल हो गए।
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यहां तो सारी गंद भरी पड़ी है
शिकायत में आरोप लगएण् गए हैं कि प्राइमरी विंग के दो शिक्षक स्कूल में छुट्टी के बाद शराब पीते हैं। ग्राम पंचायत सरौला व गांव के गणमान्य व्यक्तियों ने हैड टीचर से बात की। वहां से जवाब मिला कि उनके स्कूल मे तो आते ही कमजोर बच्चे हैं। यहां तो सारी गंद भरी पड़ी है। अच्छे पढ़ने वाले बच्चे तो प्राईवेट स्कूलों में गए हैं। इसी वजह से हमारा परिणाम अच्छा नहीं आता। पंचायत ने सीएम को दी शिकायत में कहा है कि तीन अध्यापकों, जिनमें एक महिला शिक्षक भी है और क्लर्क की वजह से हमारे स्कूल का माहौल खराब हुआ है। छात्रों का भविष्य भी इससे अंधकारमय है। मुख्यमंत्री से निवेदन है कि उक्त अध्यापकों का शीघ्र तबादला किया जाए।
गांव सरौला के स्कूल में माहौल खराब जैसी कोई सूचना फिलहाल उनके पास नहीं है। ग्रामीणों ने सीएम विंडो पर कोई शिकायत दी है तो वह कार्रवाई के लिए विभाग के पास पहुंचेगी। जांच के बाद उचित कार्रवाई का फैसला होगा। किसी भी स्कूल में माहौल खराब करने की इजाजत किसी को नहीं है।
-वीपी दौलता, डीईओ