{"_id":"6674cfe6da4bdb460d0afbc7","slug":"gps-was-installed-in-nafe-singh-rathis-car-on-the-basis-of-a-fake-aadhaar-card-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1002-108081-2024-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: फर्जी आधार कार्ड पर लगा था नफे सिंह राठी की कार में जीपीएस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: फर्जी आधार कार्ड पर लगा था नफे सिंह राठी की कार में जीपीएस
Fri, 21 Jun 2024 06:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 21 Jun 2024 06:27 AM IST
विज्ञापन
बहादुरगढ़। इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व विधायक रहे नफे सिंह राठी की हत्या करने के लिए गैंगस्टर नंदू सांगवान ने दिल्ली के द्वारका से जो जीपीएस ट्रैकर खरीदा था। वह बिहार के पटना निवासी एक व्यक्ति के आधार कार्ड की मदद से एक्टिवेट करवाया था। जांच में यह आधार कार्ड फर्जी मिला है।
जीपीएस ट्रैकर को एक्टिवेट करने वाले मैकेनिक ने यूके से आए वाट्सएप नंबर पर ही रिमोट व्यूविंग के लिए लाॅगिन प्रमाण पत्र (लाॅगिन क्रेडेंशियल) भेजे थे। नंदू ने ही 7 फरवरी को द्वारका के म्यूजिक कार शॉप संचालक से यह उपकरण खरीदा था और इसी शॉप के संचालक ने जीपीएस खरीदने वाले को टेक्नीशियन का फोन नंबर दिया था। टेक्नीशियन के पास यूके के एक नंबर से पहले वाट्सएप कॉल आई और फिर दूसरे नंबर से वाट्सएप पर ही इसे इंस्टाल करने का संदेश आया। फर्जी आधार कार्ड से इंस्टाल करवाकर नफे राठी की कार पर नंदू ने यूके से ही निगरानी शुरू कर दी थी।
7 फरवरी 2024 को यह जीपीएस सिस्टम खरीदा गया था और 8 फरवरी को इसे इंस्टाल करवाया गया था। गौरतलब है कि 25 फरवरी की शाम बराही फाटक के नजदीक नफे सिंह राठी और उनके समर्थक जय किशन दलाल की गोलियां मार कर हत्या कर दी गई थी। हत्या की जिम्मेदारी ब्रिटेन बेस्ड गैंगस्टर नंदू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल करके ली थी। मामले में सीबीआई लगातार जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जीपीएस ट्रैकर को एक्टिवेट करने वाले मैकेनिक ने यूके से आए वाट्सएप नंबर पर ही रिमोट व्यूविंग के लिए लाॅगिन प्रमाण पत्र (लाॅगिन क्रेडेंशियल) भेजे थे। नंदू ने ही 7 फरवरी को द्वारका के म्यूजिक कार शॉप संचालक से यह उपकरण खरीदा था और इसी शॉप के संचालक ने जीपीएस खरीदने वाले को टेक्नीशियन का फोन नंबर दिया था। टेक्नीशियन के पास यूके के एक नंबर से पहले वाट्सएप कॉल आई और फिर दूसरे नंबर से वाट्सएप पर ही इसे इंस्टाल करने का संदेश आया। फर्जी आधार कार्ड से इंस्टाल करवाकर नफे राठी की कार पर नंदू ने यूके से ही निगरानी शुरू कर दी थी।
विज्ञापन
7 फरवरी 2024 को यह जीपीएस सिस्टम खरीदा गया था और 8 फरवरी को इसे इंस्टाल करवाया गया था। गौरतलब है कि 25 फरवरी की शाम बराही फाटक के नजदीक नफे सिंह राठी और उनके समर्थक जय किशन दलाल की गोलियां मार कर हत्या कर दी गई थी। हत्या की जिम्मेदारी ब्रिटेन बेस्ड गैंगस्टर नंदू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल करके ली थी। मामले में सीबीआई लगातार जांच कर रही है।
विज्ञापन