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Jhajjar-Bahadurgarh News: एक नवंबर को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे किसान
Wed, 13 Sep 2023 01:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 13 Sep 2023 01:01 AM IST
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बहादुरगढ़। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी व अध्यक्ष अनूप सिंह मातनहेल ने संयुक्त बयान में कहा कि केन्द्र की किसान विरोधी नीति के विरोध में एक नवंबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर एक सशक्त विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
जिसमें आवश्यक वस्तुओं के संपूर्ण व्यापार को सरकार द्वारा अपने हाथ में लेने, एमएसपी गारंटी कानून लागू करने, प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद फसलों का 50000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने, कर्ज से मुक्ति, बिजली बिल-2022 वापस लेने, गरीबों के लिए साल भर काम का इंतजाम करने तथा खेती में लागत कम करने की मांगों को बुलंद किया जाएगा। इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चे (एसकेएम) द्वारा घोषित कार्यक्रमों को सफल बनाया जाएगा। इनमें विशेष रूप से 22 सितंबर को जिला मुख्यालय पर बर्बाद फसलों के मुआवजे को लेकर धरना प्रदर्शन, लखीमपुर खीरी में किसानों के नरसंहार के साजिशकर्ता अपराधी को बचाने के खिलाफ 3 अक्टूबर 23 को काला दिवस के रूप में मनाया जाना तथा प्रदेश की राजधानी में 26 से 28 नवंबर तक लगातार तीन दिन महापड़ाव को सफल बनाया जाएगा। इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसान और खेत मजदूरों को शामिल कराने के लिए सघन जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
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जिसमें आवश्यक वस्तुओं के संपूर्ण व्यापार को सरकार द्वारा अपने हाथ में लेने, एमएसपी गारंटी कानून लागू करने, प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद फसलों का 50000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने, कर्ज से मुक्ति, बिजली बिल-2022 वापस लेने, गरीबों के लिए साल भर काम का इंतजाम करने तथा खेती में लागत कम करने की मांगों को बुलंद किया जाएगा। इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चे (एसकेएम) द्वारा घोषित कार्यक्रमों को सफल बनाया जाएगा। इनमें विशेष रूप से 22 सितंबर को जिला मुख्यालय पर बर्बाद फसलों के मुआवजे को लेकर धरना प्रदर्शन, लखीमपुर खीरी में किसानों के नरसंहार के साजिशकर्ता अपराधी को बचाने के खिलाफ 3 अक्टूबर 23 को काला दिवस के रूप में मनाया जाना तथा प्रदेश की राजधानी में 26 से 28 नवंबर तक लगातार तीन दिन महापड़ाव को सफल बनाया जाएगा। इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसान और खेत मजदूरों को शामिल कराने के लिए सघन जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
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