{"_id":"60b7db068ebc3e40c92b3978","slug":"farmers-will-celebrate-complete-revolution-day-on-june-5-bahadurgarh-news-rtk611247363","type":"story","status":"publish","title_hn":"5 जून को संपूर्ण क्रांति दिवस मनाएंगे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
5 जून को संपूर्ण क्रांति दिवस मनाएंगे किसान
विज्ञापन
बहादुरगढ़। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और आंदोलन में शमिल हरियाणा के विभिन्न किसान संगठनों की टीकरी बॉर्डर पर संयुक्त बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता दरियाव सिंह कश्यप ने की। इसमें किसान नेताओं ने तय किया कि संयुक्त किसान मोर्चा के सभी निर्णयों को लागू करने के लिए काम किया जाएगा। शनिवार 5 जून को कृषि कानूनों के जारी होने के एक साल पूरा होने पर संपूर्ण क्रांति दिवस मनाने का भी फैसला लिया गया।
कामरेड इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बैठक में भाजपा-जजपा सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों व सांसदों के कार्यालयों के बाहर कानूनों की प्रतियां जलाए जाने की योजना बनाई गई। उन्होंने कहा कि 5 जून 1975 को लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति दिवस की घोषणा की थी। दिल्ली की सीमाओं व टोल नाकों पर चल रहे किसान आंदोलन को विस्तार देने के लिए विभिन्न खेत मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए और सुझाव दिए। तय किया कि भूमिहीन किसानों व खेत मजदूरों के मुद्दों को साथ जोड़ते हुए गांव-गांव में बैठकें की जाएंगी, ताकि मजदूर तबके को आंदोलन से जोड़ा जा सके। बैठक में इंद्रजीत सिंह के अलावा सत्यवान, प्रेम गहलावत व योगेंद्र यादव भी शामिल हुए।
किसान नेताओं ने कहा कि कृषि उत्पादों के भंडारण के लिए कॉरपोरेट क्षेत्र द्वारा बनाए गए विशाल भंडार और एफसीआई द्वारा उन्हें ऊची दरों पर किराए पर देना जमाखोरी व कालाबजारी का ही कदम है। इस कदम से अंतत: अनाज मंडियों का बंद होना निश्चित है। यादव ने बताया कि इस सवाल पर संयुक्त किसान मोर्चा की आगामी बैठक में चर्चा करके इनके प्रतिरोध की कार्ययोजना बनाई जाएगी। बैठक में सर्वसम्मति से यह राय बनी है कि आंदोलन में शामिल हरियाणा के सभी किसान संगठनों की एकता बने।
विज्ञापन
बैठक में टोहाना के विधायक देवेंद्र बबली द्वारा किसानों को अपशब्द बोलने की कड़े शब्दों में निंदा की गई। बबली से किसानों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और किसानों पर बनाए गए मुकदमे वापस लेने की मांग की गई। बैठक की शुरुआत में किसान आंदोलन के शहीदों को, प्रोफेसर डीआर चौधरी, समाजसेवी मास्टर हरि सिंह दहिया (बहादुरगढ़), कृषि वैज्ञानिक महावीर नरवाल की मृत्यु पर शोक प्रकट किया गया।
विज्ञापन
कामरेड इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बैठक में भाजपा-जजपा सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों व सांसदों के कार्यालयों के बाहर कानूनों की प्रतियां जलाए जाने की योजना बनाई गई। उन्होंने कहा कि 5 जून 1975 को लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति दिवस की घोषणा की थी। दिल्ली की सीमाओं व टोल नाकों पर चल रहे किसान आंदोलन को विस्तार देने के लिए विभिन्न खेत मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए और सुझाव दिए। तय किया कि भूमिहीन किसानों व खेत मजदूरों के मुद्दों को साथ जोड़ते हुए गांव-गांव में बैठकें की जाएंगी, ताकि मजदूर तबके को आंदोलन से जोड़ा जा सके। बैठक में इंद्रजीत सिंह के अलावा सत्यवान, प्रेम गहलावत व योगेंद्र यादव भी शामिल हुए।
विज्ञापन
किसान नेताओं ने कहा कि कृषि उत्पादों के भंडारण के लिए कॉरपोरेट क्षेत्र द्वारा बनाए गए विशाल भंडार और एफसीआई द्वारा उन्हें ऊची दरों पर किराए पर देना जमाखोरी व कालाबजारी का ही कदम है। इस कदम से अंतत: अनाज मंडियों का बंद होना निश्चित है। यादव ने बताया कि इस सवाल पर संयुक्त किसान मोर्चा की आगामी बैठक में चर्चा करके इनके प्रतिरोध की कार्ययोजना बनाई जाएगी। बैठक में सर्वसम्मति से यह राय बनी है कि आंदोलन में शामिल हरियाणा के सभी किसान संगठनों की एकता बने।
विज्ञापन
बैठक में टोहाना के विधायक देवेंद्र बबली द्वारा किसानों को अपशब्द बोलने की कड़े शब्दों में निंदा की गई। बबली से किसानों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और किसानों पर बनाए गए मुकदमे वापस लेने की मांग की गई। बैठक की शुरुआत में किसान आंदोलन के शहीदों को, प्रोफेसर डीआर चौधरी, समाजसेवी मास्टर हरि सिंह दहिया (बहादुरगढ़), कृषि वैज्ञानिक महावीर नरवाल की मृत्यु पर शोक प्रकट किया गया।