{"_id":"633b313b3c167304ca796acb","slug":"farmers-unions-burned-effigy-of-central-govt-bahadurgarh-news-rtk659856654","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढांसा बॉर्डर पर किसानों ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का पुतला दहन कर दिया ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढांसा बॉर्डर पर किसानों ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का पुतला दहन कर दिया ज्ञापन
विज्ञापन
बादली। ढांसा बॉर्डर पर किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का पुतला दहन किया और तहसीलदार की मार्फत केंद्र सरकार को अपनी मांगों का एक ज्ञापन के माध्यम से भेजा।
किसानों ने ज्ञापन में मांग की है कि लखीमपुर मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त किया जाए। जबकि जेल में बंद किसानों को रिहा किया जाए। इसके अतिरिक्त किसानों ने आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग की। किसानों ने बताया कि समझौते के अनुसार सरकार ने किसानों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक सभी किसानों को सहायता राशि नहीं दी गई है।
ज्ञापन सौंपने से पहले किसान ढांसा बॉर्डर पर पहुंचे। जहां दिल्ली पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। किसानों ने जब दिल्ली सीमा में प्रवेश किया तो दिल्ली पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र डागर सहित 4 किसानों को हिरासत में भी लिया। हालांकि किसानों के बढ़ते रोष को देखते हुए बाद में चारों किसानों को छोड़ दिया गया। ज्ञापन सौंपने वाले किसानों में प्रधान डागर खाप 12 खजान सिंह डागर, दलजीत डागर, नीरज सिलाना, परमवीर और नवरत्न दरियापुर सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे। वहीं ढांसा बॉर्डर पर ज्ञापन लेने के लिए तहसीलदार श्रीनिवास पहुंचे और किसानों का ज्ञापन लेकर सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों ने ज्ञापन में मांग की है कि लखीमपुर मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त किया जाए। जबकि जेल में बंद किसानों को रिहा किया जाए। इसके अतिरिक्त किसानों ने आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग की। किसानों ने बताया कि समझौते के अनुसार सरकार ने किसानों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक सभी किसानों को सहायता राशि नहीं दी गई है।
विज्ञापन
ज्ञापन सौंपने से पहले किसान ढांसा बॉर्डर पर पहुंचे। जहां दिल्ली पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। किसानों ने जब दिल्ली सीमा में प्रवेश किया तो दिल्ली पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र डागर सहित 4 किसानों को हिरासत में भी लिया। हालांकि किसानों के बढ़ते रोष को देखते हुए बाद में चारों किसानों को छोड़ दिया गया। ज्ञापन सौंपने वाले किसानों में प्रधान डागर खाप 12 खजान सिंह डागर, दलजीत डागर, नीरज सिलाना, परमवीर और नवरत्न दरियापुर सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे। वहीं ढांसा बॉर्डर पर ज्ञापन लेने के लिए तहसीलदार श्रीनिवास पहुंचे और किसानों का ज्ञापन लेकर सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन