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आज देश भर में एफसीआई के गोदामों का घेराव करेंगे किसान
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बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर किसानों का धरना टीकरी बॉर्डर पर 129वें दिन भी जारी रहा। रविवार को कई संगठनों से जुड़े किसानों, कर्मचारियों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं ने टीकरी बॉर्डर पर पहुंचकर किसानों को समर्थन किया।
उधर, फसल कटाई सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में किसानों के कई जत्थे जहां गांव लौट रहे हैं तो वहीं उनसे कहीं ज्यादा वापस धरने पर भी पहुंच रहे हैं। रविवार को भी पंजाब व हरियाणा से काफी किसान ट्रेन, बसों के जरिये टीकरी बॉर्डर आंदोलन में पहुंचे। 5 अप्रैल सोमवार को किसान फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया बचाओ दिवस मनाया जाएगा। इस दिन किसान देश भर में एफसीआई के दफ्तरों का घेराव करेंगे। 10 अप्रैल को 24 घंटे के लिए कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे को बंद किया जाएगा।
टीकरी बॉर्डर पर रविवार को दिन भर किसान सभा होती रही। किसान अब दिल्ली कूच, संसद पैदल मार्च की तैयारी में जुटे हुए हैं। किसान 26 जनवरी को दिल्ली के अंदर और लाल किले में हुई हिंसा जैसी कोई और घटना दोबारा न हो, उस रणनीति पर काम कर रहे हैं। किसान नेताओं के एक धड़े का यह मानना था कि 26 जनवरी की घटना के बाद किसान आंदोलन कमजोर हो गया था। इसे देखते हुए वह दोबारा ऐसी गलती नहीं करना चाहते हैं। हालांकि उससे पहले किसानों के ऊपर सबसे बड़ी समस्या फसलों की कटाई को लेकर है। किसान नेता इस बात को भलीभांति जानते हैं कि किसान अपनी फसलों की कटाई के लिए घर जरूर जाएंगे। किसान नेता भी चाहते हैं कि किसान अपनी फसल काटने जाएं, लेकिन आंदोलन पर इसका असर न पड़े। आंदोलन से किसानों की भीड़ खत्म न हो, इसको लेकर भी किसान नेता इन दिनों पंजाब और हरियाणा के गांव में महापंचायत और मीटिंग का आयोजन कर रहे हैं। उन लोगों से समर्थन मांगा जा रहा है, जोकि मजदूर यूनियन या फिर ट्रेड यूनियन से जुड़े हुए हैं।
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हरियाणा संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विकास सीसर ने कहा कि 5 अप्रैल को किसान देश भर के एफसीआई के गोदामों का घेराव करेंगे। 10 अप्रैल को किसान सुबह 11 बजे केएमपी को बंद करेंगे। जोकि 11 अप्रैल सुबह 11 बजे तक जारी रहेगा। 24 घंटे के लिए किसानों का यह जाम रहेगा। 13 अप्रैल को बैसाखी का पर्व दिल्ली के सभी बॉर्डरों पर मनाया जाएगा। 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर संविधान बचाओ दिवस मनाया जाएगा। 1 मई को दिल्ली के बॉर्डरों पर मजदूर दिवस मनाया जाएगा।
किसानों का कहना है कि इस दिन सभी कार्यक्रम मजदूर, किसान एकता को समर्पित होंगे। मई के पहले हफ्ते में संसद कूच किया जाएगा। किसानों का दावा है कि इस पैदल मार्च में महिलाएं भी बड़ी संख्या में भाग लेंगी और यह कार्यक्रम शांति पूर्ण तरीके से होगा। अपने गांव व शहरों से किसान दिल्ली बॉर्डर तक अपने वाहनों से आएंगे। इसके बाद दिल्ली बॉर्डर से संसद तक पैदल मार्च किया जाएगा।
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उधर, फसल कटाई सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में किसानों के कई जत्थे जहां गांव लौट रहे हैं तो वहीं उनसे कहीं ज्यादा वापस धरने पर भी पहुंच रहे हैं। रविवार को भी पंजाब व हरियाणा से काफी किसान ट्रेन, बसों के जरिये टीकरी बॉर्डर आंदोलन में पहुंचे। 5 अप्रैल सोमवार को किसान फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया बचाओ दिवस मनाया जाएगा। इस दिन किसान देश भर में एफसीआई के दफ्तरों का घेराव करेंगे। 10 अप्रैल को 24 घंटे के लिए कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे को बंद किया जाएगा।
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टीकरी बॉर्डर पर रविवार को दिन भर किसान सभा होती रही। किसान अब दिल्ली कूच, संसद पैदल मार्च की तैयारी में जुटे हुए हैं। किसान 26 जनवरी को दिल्ली के अंदर और लाल किले में हुई हिंसा जैसी कोई और घटना दोबारा न हो, उस रणनीति पर काम कर रहे हैं। किसान नेताओं के एक धड़े का यह मानना था कि 26 जनवरी की घटना के बाद किसान आंदोलन कमजोर हो गया था। इसे देखते हुए वह दोबारा ऐसी गलती नहीं करना चाहते हैं। हालांकि उससे पहले किसानों के ऊपर सबसे बड़ी समस्या फसलों की कटाई को लेकर है। किसान नेता इस बात को भलीभांति जानते हैं कि किसान अपनी फसलों की कटाई के लिए घर जरूर जाएंगे। किसान नेता भी चाहते हैं कि किसान अपनी फसल काटने जाएं, लेकिन आंदोलन पर इसका असर न पड़े। आंदोलन से किसानों की भीड़ खत्म न हो, इसको लेकर भी किसान नेता इन दिनों पंजाब और हरियाणा के गांव में महापंचायत और मीटिंग का आयोजन कर रहे हैं। उन लोगों से समर्थन मांगा जा रहा है, जोकि मजदूर यूनियन या फिर ट्रेड यूनियन से जुड़े हुए हैं।
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हरियाणा संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विकास सीसर ने कहा कि 5 अप्रैल को किसान देश भर के एफसीआई के गोदामों का घेराव करेंगे। 10 अप्रैल को किसान सुबह 11 बजे केएमपी को बंद करेंगे। जोकि 11 अप्रैल सुबह 11 बजे तक जारी रहेगा। 24 घंटे के लिए किसानों का यह जाम रहेगा। 13 अप्रैल को बैसाखी का पर्व दिल्ली के सभी बॉर्डरों पर मनाया जाएगा। 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर संविधान बचाओ दिवस मनाया जाएगा। 1 मई को दिल्ली के बॉर्डरों पर मजदूर दिवस मनाया जाएगा।
किसानों का कहना है कि इस दिन सभी कार्यक्रम मजदूर, किसान एकता को समर्पित होंगे। मई के पहले हफ्ते में संसद कूच किया जाएगा। किसानों का दावा है कि इस पैदल मार्च में महिलाएं भी बड़ी संख्या में भाग लेंगी और यह कार्यक्रम शांति पूर्ण तरीके से होगा। अपने गांव व शहरों से किसान दिल्ली बॉर्डर तक अपने वाहनों से आएंगे। इसके बाद दिल्ली बॉर्डर से संसद तक पैदल मार्च किया जाएगा।