{"_id":"6458aa62238a3a97b2035353","slug":"farmers-not-getting-seeds-due-to-closure-of-site-in-jhajjar-2023-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar: साइट बंद होने से किसानों को नहीं मिल रहा ढैंचे के बीज, सुबह से कृषि विभाग के केंद्र पर लगी लंबी लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar: साइट बंद होने से किसानों को नहीं मिल रहा ढैंचे के बीज, सुबह से कृषि विभाग के केंद्र पर लगी लंबी लाइन
Mon, 08 May 2023 01:23 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Mon, 08 May 2023 01:23 PM IST
सार
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन एवं फसल विविधीकरण योजना के तहत प्रदेश में हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए ढैंचा बीज पर 80 प्रतिशत अनुदान पर देने का प्रावधान किया गया है। किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करवाने के बाद भरी बीन नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
बीज के लिए किसानों की लगी लाइन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झज्जर के किसान सदन में सोमवार की सुबह से हरियाणा बीज विकास निगम के बिक्री केंद्र पर ढैंचे का बीज लेने के लिए किसानों की लंबी लाइन लगी हुई है। विभाग की साइट बंद होने के कारण किसानों को बीज नहीं मिल रहा है। सुबह से किसान साइट चलने के इंतजार में बिक्री केंद्र के बाहर बैठे हुए हैं।
विज्ञापन
सरकार द्वारा 80 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा ढैंचे का बीज
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन एवं फसल विविधीकरण योजना के तहत प्रदेश में हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए ढैंचा बीज पर 80 प्रतिशत अनुदान पर देने का प्रावधान किया गया है। किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करवाने के बाद भरी बीन नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने किसान हित में आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 मई की हुई है। जिले में 1440 क्विंटल बीज का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन
किसानों को योजना के तहत मिलता है बीज
योजना के तहत एक किसान कम से कम एक एकड़ व अधिकतम 10 एकड़ के लिए पंजीकरण करवा सकता हैं, लेकिन किसानों ने कहा कि ऑन लाइन पंजिकरण करवाने के बाद भी उन्हें एक बैग ढैंचे का बीज दिया जा रहा है।
विज्ञापन
हरी खाद बनाने के लिए किसान करते हैं ढैंचे की बिजाई
किसान ढैंचे की बिजाई हरी खाद बनाने के लिए करते हैं। ढैंचा फसल को हरी खाद के रूप में प्रयोग करने से मृदा के स्वास्थ्य में जैविक, रासायनिक तथा भौतिक सुधार होते है व जलधारण क्षमता बढ़ती है। ढैंचा की पलटाई कर खेत में सड़ाने से नाइट्रोजन, पोटाश, गंधक, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जस्ता, तांबा, लोहा आदि तमाम प्रकार के पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। मृदा की कम होती उर्वरा शक्ति बढ़ेती है।
अधिकारी के अनुसार
सोमवार सुबह एक बार साइट चली थी। कुछ किसानों को बीज वितरित करने के बाद साइट बंद हो गई। उसके बाद से साइट चलने का इंतजार किया जा रहा है। - राकेश कुमार, प्रभारी, बीज बिक्री केंद्र, झज्जर।