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Jhajjar-Bahadurgarh News: बिजाई के लिए किसानों को नहीं मिल पा रही खाद

Fri, 04 Oct 2024 05:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Fri, 04 Oct 2024 05:19 AM IST
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Farmers are not able to get fertilizer for sowing
झज्जर। रबी की फसल का सीजन शुरू होने वाला है। इसमें 2 लाख दस हजार एकड़ में गेहूं की बिजाई होनी है। 70 हजार एकड़ के आसपास सरसों की बुआई भी होनी है। इसको लेकर अभी से खाद के लिए मारामारी शुरू हो चुकी है। खाद, बीज की दुकानों पर खाद खरीदने आने वाले किसानों को खाली हाथ लौटकर जाना पड़ता है या फिर डीएपी खाद की जगह पर एनपीके का प्रयोग करने के लिए बोला जाता है।
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कृषि विभाग ने इस सीजन के लिए जिले के लिए करीब 14 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की मांग की है। कृषि विभाग भी किसानों को एनपीके खाद का प्रयोग करने के लिए जागरूक कर रहा है। किसान रबी की फसल की बिजाई के लिए तैयारी करने में लग गए है, लेकिन बिजाई के लिए किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। इस कारण उन्हें केंद्र से वापस जाना पड़ता है या फिर डीएपी की जगह मार्केट से एनपीके खाद खरीदना पड़ रहा है। खाद न मिलने के कारण किसानों को फसल में बुआई में देरी होने का डर सता रहा है। कृषि विभाग का दावा है कि पर्याप्त डीएपी है। इस समय विभाग के पास 14 हजार कट्टे हैं। दो से तीन दिन में 500 कट्टे मंडी में आने की उम्मीद है।
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एनपीके खाद डीएपी से 120 रुपये मंहगा
किसानों को एनपीके खाद का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है, लेकिन किसान एनपीके खाद को डीएपी से मंहगा होने के कारण भी नहीं खरीद रहे। डीएपी जहां 1350 रुपये में मिल रही है वहीं एनपीके की कीमत 1470 रुपये है।
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सरसों की बिजाई का समय करीब आ रहा है, लेकिन दो-तीन दुकानों पर भी पता करने पर डीएपी खाद नहीं मिल रही है। डीएपी की जगह पर एनपीके खाद का प्रयोग करने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में अगर डीएपी नहीं मिली तो मजबूरी में एनपीके खाद का प्रयोग करना पड़ेगा।-रामचंद्र, किसान झज्जर

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बुआई का समय करीब आ रहा है, लेकिन कही भी खाद नहीं मिल रही है। एनपीके के प्रयोग पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन एनपीके डीएपी से 120 रुपये महंगा है। अभी यह भी नहीं पता कि कैसे परिणाम मिलेगा।-जयभगवान, किसान शैखुपुर




अभी फसल बुआई में करीब 15 दिनों का समय है। किसानों को डीएपी के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है। यदि किसानों को डीएपी नहीं मिल रही तो वह एनपीके का प्रयोग कर सकते हैं या फिर सिंगल सुपर फॉस्फेट का प्रयोग कर सकते हैं। इससे भूमि की उर्वराशक्ति बनी रहेगी। फसल में इसके अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।-जितेंद्र अहलावत, उप कृषि निदेशक, झज्जर
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