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बढ़ती महंगाई के खिलाफ आज प्रदर्शन करेंगे किसान

Thu, 08 Jul 2021 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jul 2021 12:15 AM IST
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farmer protest in tikri border
बहादुरगढ़। डीजल, पेट्रोल और एलपीजी गैस की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के विरोध में किसान आंदोलनकारी वीरवार को पंजाब, हरियाणा और यूपी समेत तमाम स्थानों पर प्रदर्शन करेंगे। बहादुरगढ़ में प्रमुख प्रदर्शन एसडीएम कार्यालय के सामने किया जाएगा। इसके अलावा टीकरी बार्डर समेत कई स्थानों पर भी प्रदर्शन होंगे।
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संयुक्त किसान मोर्चा ने पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बार-बार वृद्धि करने के खिलाफ वीरवार को किसानों से प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। आंदोलनकारी किसानों के टीकरी बार्डर पड़ाव में नया गांव के चौक के पास हुई भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) की सभा में यूनियन नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शन के लिए पहुंचने की अपील की। सभी आंदोलनकारी एसडीएम बहादुरगढ़ के कार्यालय के सामने अपने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और जीप आदि पर अपने वाहन बंद करके प्रदर्शन करेंगे।
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बुधवार को नया गांव चौक के पास हुई भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) की सभा में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। सभा को खास तौर पर जोगिंदर सिंह उगराहां और प्रदेश सचिव सिंगारा सिंह मान ने संबोधित किया। उगराहां ने कहा कि अपने घर में भी संघर्ष करने वाली महिलाओं का किसानों के संघर्ष में भी बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान और मजदूर आर्थिक दबाव का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कितना बड़ा अन्याय है कि जब किसी किसान को फसल या दूध आदि बाजार में बेचना होता है तो कीमत खरीदार द्वारा तय की जाती है और जब किसान मजदूर को कोई घरेलू या कृषि वस्तु बाजार से लेनी होती है तो कीमत भी दुकानदार द्वारा तय की जाती है या व्यापारी से इसे निश्चित कीमतों के अनुसार लेना होगा।
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महिला नेता परमजीत कौर और बछित्तर कौर ने भी किसानों को संबोधित किया। परमजीत कौर ने कहा कि कृषि विरोधी नीतियों का ही परिणाम है कि जब कोई किसान छह महीने बाद अपनी फसल बेचकर आढ़ती से हिसाब करता है तो उसकी पूरी फसल बिकने के बावजूद वह कर्ज तले दबा रह जाता है। स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि घर में केवल महिला ही उसे दिलासा देती है और उसका उत्साह बनाए रखती है। उन्होंने कहा कि रही सही कसर मोदी सरकार ने नए कृषि कानून लाकर पूरी कर दी है। इन कानूनों से आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों और मजदूरों की स्थिति और खराब हो जाएगी।
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