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किसान नेताओं ने की नगालैंड घटना की निंदा
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बहादुरगढ़। भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के मंच से किसान नेताओं ने नगालैंड की घटना के लिए केंद्र की भाजपा सरकार जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी निंदा की। मंगलवार को गदरी बीबी गुलाब कौर नगर की सभा का मंच महिलाओं ने मंच संभाला।
नागालैंड में निहत्थे नागरिकों की मौत की मंच से कड़ी निंदा की गई और पीड़ितों के परिवारों के लिए न्याय के साथ-साथ इस तरह के अत्याचारों को समाप्त करने की मांग की गई। सभा को संबोधित करते हुए बठिंडा की परमजीत कौर प्रिथो और पटियाला की अमनदीप कौर ने कहा कि नागालैंड के आदिवासी जंगलों में अपना दिन बिता रहे हैं। केंद्र की फासीवादी सरकार ने पीड़ितों पर अत्याचार करने के लिए सुरक्षा बलों को खुली छूट दे दी है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा जंगलों के नीचे दबे हुए समृद्ध खजाने को बहुत सस्ते दामों पर लूटने का विरोध करने वाले लोगों को सोची-समझी साजिश के तहत सेना ने गोलियां मार दीं। मालन कौर कोठागुरु और छिंदर कौर ने कहा कि यद्यपि किसानों ने अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्षरत लोगों पर धैर्य और संतोष के साथ भरोसा करके लंबे समय तक लड़ाई लड़ी थी। लेकिन परिणाम पूरी दुनिया के सामने है। साम्राज्यवादी कॉरपोरेट के प्रति वफादार केंद्र की अहंकारी सरकार को खेती कानूनों को निरस्त करने के रूप में अपना ही थूक चाटने पर मजबूर किया गया है। उन्होंने पिछले चुनाव से पहले लोगों से किए वादों को पूरा करने के लिए आने वाले दिनों में पंजाब सरकार के खिलाफ संघर्ष का आह्वान किया। महिला किसान मजदूर सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरजीत कौर, गुरमेल कौर, और दविंदर कौर हरदासपुरा ने भी सभा को संबोधित किया।
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नागालैंड में निहत्थे नागरिकों की मौत की मंच से कड़ी निंदा की गई और पीड़ितों के परिवारों के लिए न्याय के साथ-साथ इस तरह के अत्याचारों को समाप्त करने की मांग की गई। सभा को संबोधित करते हुए बठिंडा की परमजीत कौर प्रिथो और पटियाला की अमनदीप कौर ने कहा कि नागालैंड के आदिवासी जंगलों में अपना दिन बिता रहे हैं। केंद्र की फासीवादी सरकार ने पीड़ितों पर अत्याचार करने के लिए सुरक्षा बलों को खुली छूट दे दी है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा जंगलों के नीचे दबे हुए समृद्ध खजाने को बहुत सस्ते दामों पर लूटने का विरोध करने वाले लोगों को सोची-समझी साजिश के तहत सेना ने गोलियां मार दीं। मालन कौर कोठागुरु और छिंदर कौर ने कहा कि यद्यपि किसानों ने अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्षरत लोगों पर धैर्य और संतोष के साथ भरोसा करके लंबे समय तक लड़ाई लड़ी थी। लेकिन परिणाम पूरी दुनिया के सामने है। साम्राज्यवादी कॉरपोरेट के प्रति वफादार केंद्र की अहंकारी सरकार को खेती कानूनों को निरस्त करने के रूप में अपना ही थूक चाटने पर मजबूर किया गया है। उन्होंने पिछले चुनाव से पहले लोगों से किए वादों को पूरा करने के लिए आने वाले दिनों में पंजाब सरकार के खिलाफ संघर्ष का आह्वान किया। महिला किसान मजदूर सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरजीत कौर, गुरमेल कौर, और दविंदर कौर हरदासपुरा ने भी सभा को संबोधित किया।
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