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किसान नेता बोलेः सफल रहा खेती बताओ लोकतंत्र बचाओ दिवस

Sun, 27 Jun 2021 09:15 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 27 Jun 2021 09:15 PM IST
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Farmer leader said: successful farming, tell democracy, save day
बहादुरगढ़। टीकरी बार्डर पर हुई सभा में किसान नेताओं ने दावा किया है कि 26 जून को खेती बचाओ लोकतंत्र बचाओ का संयुक्त किसान मोर्चा का आह्वान सफल रहा।
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भारतीय किसान सभा डकोंदा के नेता बलदेव सिंह भाई रूपा ने 26 तारीख को किसान आंदोलन के लिए बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि 26 जून 1950 को देश का संविधान लिखा गया और दुर्भाग्य से 26 जून को देश में आपातकाल लगाया गया था। तीन नए खेती कानूनों के खिलाफ किसान 26 नवंबर से दिल्ली के चारों ओर बॉर्डरों पर बैठ गए थे, लेकिन सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही। देश के किसानों की आस इस आंदोलन से जुड़ी हुई है। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा ने खेती बताओ लोकतंत्र बचाओ का नारा दिया है। भाई रूपा ने दावा किया कि शनिवार को मोर्चा का आह्वान सफल रहा। सभी राज्यों में रोष प्रदर्शन करके राज्यपालों व उप राज्यपालों को ज्ञापन दिए गए। किसानों की आवाज राष्ट्रपति तक पहुंचाई है। सरकार को तीनों कृषि कानून रद्द करने ही होंगे। हिसार की सुदेश गोयत ने कहा कि शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर दिल्ली के उप राज्यपाल को रोष ज्ञापन देने के लिए किसान नेता युद्धवीर के साथ गई थीं। लेकिन, उप राज्यपाल ज्ञापन लेने नहीं आए। पुलिस ने किसानों के साथ धक्का मुक्की की और बसों से करनाल बाइपास की ओर ले गए। पांच बजे दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने फोन करके कहा कि उनका ज्ञापन लिया जाएगा। सभी को डीसीपी कार्यालय ले गए और स्वास्थ्य खराब होने की वजह से उप राज्यपाल ने विडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए ज्ञापन लिया।

संयुक्त किसान मोर्चा की महिला नेता गुरप्रीत कौर ने शनिवार को चंडीगढ़ में पंजाब व हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों पर पानी की बौंछारें करने की निंदा की। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों की सरकारें किसान विरोधी हैं और किसानों को बदनाम करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रही हैं। सरकार की सोच को किसान सफल नहीं होने देंगे और जीतकर ही जाएंगे। खालसा एड संस्था की ओर से टीकरी बॉर्डर सभा में शामिल महिलाओं को हरे रंग की चुनरी बांटी गई। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) की महिला नेता सुमन हुड्डा, जगवीर सिंह व कैथल निवासी सुमित ढुल ने भी मंच से विचार व्यक्त किए।
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