{"_id":"6555262ffed9cc9d6c0172a4","slug":"eye-swelling-and-allergy-patients-reaching-hospital-jhjhar-news-c-17-1-roh1009-294236-2023-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: अस्पताल में पहुंच रहे आंखों में सूजन व एलर्जी के मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: अस्पताल में पहुंच रहे आंखों में सूजन व एलर्जी के मरीज
Thu, 16 Nov 2023 01:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 16 Nov 2023 01:42 AM IST
विज्ञापन
झज्जर। शहर के सामान्य अस्पताल में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से आंखों में जलन, लाल होना, एलर्जी होना, बार-बार आंखों का मसलना के अलावा अस्थमा के रोगियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। मरीज नेत्र रोग विभाग में दवा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। अस्थमा के प्रतिदिन 5 से 7 मरीज भाप लेने के लिए पहुंच रहे हैं जबकि प्रतिदिन नेत्र रोग विभाग में इन दिनों करीब 50 से 55 मरीज पहुंच रहे हैं। गौरतलब है कि दीवाली पर पटाखों के चलाने से जिले में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़कर 352 पहुंच गया है। झज्जर का एक्यूआई बुधवार को 161 दर्ज किया गया है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ मीनू ने बताया कि प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण आंखों में जलन, लाली, सूजन व एलर्जी हो जाती हैं। ऐसे लक्षण होते ही नेत्र रोग विशेषज्ञ से दवा व सलाह जरूर ले। उन्होंने बताया कि आंखे पर्यावरण में सभी हानिकारक रसायनों के संपर्क में आती हैं। ऐसे में आंखों को हमें मसलना नही चाहिए। बार-बार पानी के छीटे आंखों पर लगाते रहे। स्मॉग के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का पहला संकेत नाक, गले, फेफड़े और आंखों में जलन है।
स्मॉग के रूप में यह अत्यधिक प्रदूषण हमारी आंखों को प्रभावित करता है, जिससे एलर्जी और क्षति होती है। हवा की खराब गुणवत्ता में कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और मोटे धूल कण जैसी हानिकारक गैसें होती हैं। इससे अधिक संख्या में लोगों को लाल और पानी वाली आंखों और विभिन्न आंखों की एलर्जी की शिकायत होती है।
विज्ञापन
ऐसे करे बचाव
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनू कि किसी भी आई ड्रॉप का उपयोग करने से पहले अपनी आंखों की जांच कराना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन और लैपटॉप सहित स्क्रीन उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बचें। यदि आवश्यक हो, तो आंखों की थकान, सूखी आंखें और कंप्यूटर विजन सिंड्रोम से बचने के लिए पर्याप्त समय का आराम सुनिश्चित करें। यदि जलन बनी रहती है तो नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए।
विज्ञापन
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ मीनू ने बताया कि प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण आंखों में जलन, लाली, सूजन व एलर्जी हो जाती हैं। ऐसे लक्षण होते ही नेत्र रोग विशेषज्ञ से दवा व सलाह जरूर ले। उन्होंने बताया कि आंखे पर्यावरण में सभी हानिकारक रसायनों के संपर्क में आती हैं। ऐसे में आंखों को हमें मसलना नही चाहिए। बार-बार पानी के छीटे आंखों पर लगाते रहे। स्मॉग के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का पहला संकेत नाक, गले, फेफड़े और आंखों में जलन है।
विज्ञापन
स्मॉग के रूप में यह अत्यधिक प्रदूषण हमारी आंखों को प्रभावित करता है, जिससे एलर्जी और क्षति होती है। हवा की खराब गुणवत्ता में कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और मोटे धूल कण जैसी हानिकारक गैसें होती हैं। इससे अधिक संख्या में लोगों को लाल और पानी वाली आंखों और विभिन्न आंखों की एलर्जी की शिकायत होती है।
विज्ञापन
ऐसे करे बचाव
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनू कि किसी भी आई ड्रॉप का उपयोग करने से पहले अपनी आंखों की जांच कराना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन और लैपटॉप सहित स्क्रीन उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बचें। यदि आवश्यक हो, तो आंखों की थकान, सूखी आंखें और कंप्यूटर विजन सिंड्रोम से बचने के लिए पर्याप्त समय का आराम सुनिश्चित करें। यदि जलन बनी रहती है तो नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए।