{"_id":"63f2632a048c12243007d2d4","slug":"employees-leave-for-panchkula-demanding-restoration-of-old-pension-scheme-jhjhar-news-c-17-1-71403-2023-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"झज्जर-बहादुरगढ़: पुरानी पेंंशन स्कीम बहाल करवाने की मांग लेकर कर्मचारी पंचकूला रवाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झज्जर-बहादुरगढ़: पुरानी पेंंशन स्कीम बहाल करवाने की मांग लेकर कर्मचारी पंचकूला रवाना
विज्ञापन
-फोटो 5 : ओपीएस की मांग लेकर पंचकूला जाती महिला कर्मचारी।
बहादुरगढ़। शहर के देवीलाल पार्क पर इकट्ठे होकर काफी संख्या में सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर बसों द्वारा पंचकूला के लिए रवाना हुए। इससे पहले कर्मचारियों ने देवीलाल पार्क में बैठी की और प्रदर्शन करके ओपीएस बहाल करने की मांग की।
पंचकूला रवाना होने से पूर्व प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम छिकारा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा है। शेयर बाजार में सरकारी कर्मचारियों का रुपया लगाना जोखिम भरा है। इससे कर्मचारी की सारी उम्र की जो मेहनत की कमाई डूबने का डर रहता है। इसलिए कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करनी जरूरी है। छिकारा ने कहा कि पुरानी पेंशन में सरकारी कर्मचारी के अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत है इसमें कर्मचारी की भविष्य निधि 20 लाख रुपये होती है। जबकि पेंशन राजकोष से मिलती है और गारंटिड पेंशन होती है। कर्मचारी को मेडिकल सुविधा भी होती है। ये सभी प्रावधान नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में नहीं हंै। एनपीएस में कर्मचारी का पैसा सुरक्षित नहीं है।
मास्टर पुरुषोत्तम छिकारा ने कहा कि कर्मचारी हमेशा सरकार की रीढ़ की हड्डी होता है, जो सरकार की नीतियों को जमीन पर उतारने का काम करता है। कोरोना जैसी महामारी में जब देश और प्रदेश के सभी नेता व उद्योगपति अपने घरों के अंदर घुस गए थे उस समय कर्मचारियों ने सहयोग करते हुए खाद्य सामग्री बांटने से लेकर मरीजों को दवाइयां वितरित करने तक का कार्य किया। सड़कों पर आकर इन्हीं कर्मचारियों ने इस देश और प्रदेश को बचाया था।ओपीएस की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वालों में स्नेह लता, रचना, सुनैना, रीना, शीतल, रितु, कमलेश, नीतू, रीना, इंद्रवीर, राकेश, अमित, कंवर सिंह, ऊषा, मधुलिका, वीरभान, सुनील कुमार, सतीश कुमार, विक्रम, ओमप्रकाश, रामानंद, सुमन, सुमन लता, सुनीता, चंद्रकांत, अनीश, संदीप, सचिन व संदीप कुमार भी
विज्ञापन
शामिल मौजूद रहे।
विज्ञापन
पंचकूला रवाना होने से पूर्व प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम छिकारा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा है। शेयर बाजार में सरकारी कर्मचारियों का रुपया लगाना जोखिम भरा है। इससे कर्मचारी की सारी उम्र की जो मेहनत की कमाई डूबने का डर रहता है। इसलिए कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करनी जरूरी है। छिकारा ने कहा कि पुरानी पेंशन में सरकारी कर्मचारी के अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत है इसमें कर्मचारी की भविष्य निधि 20 लाख रुपये होती है। जबकि पेंशन राजकोष से मिलती है और गारंटिड पेंशन होती है। कर्मचारी को मेडिकल सुविधा भी होती है। ये सभी प्रावधान नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में नहीं हंै। एनपीएस में कर्मचारी का पैसा सुरक्षित नहीं है।
विज्ञापन
मास्टर पुरुषोत्तम छिकारा ने कहा कि कर्मचारी हमेशा सरकार की रीढ़ की हड्डी होता है, जो सरकार की नीतियों को जमीन पर उतारने का काम करता है। कोरोना जैसी महामारी में जब देश और प्रदेश के सभी नेता व उद्योगपति अपने घरों के अंदर घुस गए थे उस समय कर्मचारियों ने सहयोग करते हुए खाद्य सामग्री बांटने से लेकर मरीजों को दवाइयां वितरित करने तक का कार्य किया। सड़कों पर आकर इन्हीं कर्मचारियों ने इस देश और प्रदेश को बचाया था।ओपीएस की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वालों में स्नेह लता, रचना, सुनैना, रीना, शीतल, रितु, कमलेश, नीतू, रीना, इंद्रवीर, राकेश, अमित, कंवर सिंह, ऊषा, मधुलिका, वीरभान, सुनील कुमार, सतीश कुमार, विक्रम, ओमप्रकाश, रामानंद, सुमन, सुमन लता, सुनीता, चंद्रकांत, अनीश, संदीप, सचिन व संदीप कुमार भी
विज्ञापन
शामिल मौजूद रहे।