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घरों के बाहर मीटर लगाने गए बिजली कर्मचारियों को ग्रामीणों ने बनाया बंधक

Mon, 18 Oct 2021 12:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 18 Oct 2021 12:51 AM IST
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electricians who came to install meters oitside the house were held hostage
दुबलधन में बंधक बनाए गए कर्मचारियों के साथ ग्रामीण। - फोटो : Jhjhar
। गांव दुबलधन मेें घरों के बाहर मीटर लगाने गई टीम को ग्रामीणों ने 2 घंटे तक बंधक बनाए रखा और उसके बाद ग्रामीणों ने टीम को चेतावनी देकर छोड़ा। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं हो जाते तब तक आगे गांव में घरों के बाहर मीटर लगाने मत आना। गांव दुबलधन में बिजली निगम की ओर से म्हारा गांव जगमग गांव के तहत 24 घंटे बिजली आपूर्ति को लेकर पोल पर मीटर लगाने का कार्य शुरू किया हुआ है। खंभों पर मीटर लगाने का विरोध पहले भी हो चुका है और ग्रामीणों की तरफ से निगम के अधिकारियों को लिखित में दिया जा चुका है कि तब तक किसानों के तीनों कृषि कानून वापस नही होंगे उस समय तक गांव में खंभों पर मीटर नहीं लगने दिए जाएंगे, लेकिन उसके बावजूद रविवार को निगम की तरफ से लाइनमैन कुलदीप, एएलएम दीपक व ठेकेदार के तीन कर्मचारी दुबलधन पाना घिक्याण में खंभों पर मीटर लगाने के लिए पहुुंचे। जिससे ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया और देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। मीटर लगाने गए ठेकेदार के तीनों कर्मचारियों को गांव की धर्मशाला में बंधक बना लिया गया। बंधक बनाने के बाद ग्रामीण बिजली निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन छुट्टी के चलते अधिकारी नही पहुंचे और ग्रामीणों ने चेतावनी देकर बंधक बनाए कर्मचारियों को छोड़ दिया।
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ग्रामीण अनिल, पूर्व सरपंच राजेंद्र, पंचायत समिति सदस्य पवन, देवराज, रामबीर, हरिश, ओमप्रकाश, रणबीर, बीरू, सुनिल, शमशेर, बलबीर, प्रवीन ने कहा कि कृषि कानूनों के वापस होने तक म्हारा गांव-जगमग गांव योजना को गांव में लागू नहीं होने दिया जाएगा। उनकी लड़ाई सरकार से है, वह सरकार के समक्ष अपनी मांग को 10 महीने से रख रहें हैं। उन्होंने फैसला ले लिया है कि म्हारा गांव-जगमग गांव योजना को अपने गांवों में तभी लागू होने दिया जाएगा, जब सरकार की तरफ से तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया जाएगा।
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पूर्व में किसानों ने दी थी चेतावनी
गौरतलब है कि ग्रामीणों ने 15 दिन पहले निगम के अधिकारियों को लिखित में शिकायत दी थी कि जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेेती है उस समय तक बिजली मीटर खंभों पर नहीं लगाने देंगे। उसके बावजूद निगम मीटर लगाने के लिए जबरदस्ती करेगा तो बिलों का बष्हिकार किया जाएगा, लेकिन उसके बावजूद निगम की ओर से गांव में मीटर लगाने का कार्य शुरू करवाया गया और टीम को विरोध का सामना करना पड़ा।
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गांव में चार हजार बिजली कनेक्शनधारक
निगम के जेई राजेंद्र ने बताया कि गांव दुबलधन में चार हजार उपभोक्ता हैं और गांव में म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत 24 घंटे बिजली आपुर्ति के कार्य चलाया हुआ है। इससे पहले गांव में 30 प्रतिशत खंभे बदलने के साथ ही नए तार बिछाने का काम पूरा हो चुका है। 150 मीटर खंभों पर ही बाहर लगे हैं।
गांव दुबलधन में निगम की टीम के दो कर्मचारी व ठेकेदार के तीन कर्मी मीटर खंभों पर मीटर लगाने के लिए गए थे। ग्रामीणों की ओर से विरोध करने व बंधक बनाने की सूचना मिली थी। ग्रामीणों से बात भी गई है कि ग्रामीणों को बताया गया है कि ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना के तहत खंभों पर मीटर लगाने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण एक बात पर अड़े हुए कि कृषि कानून वापस होने के बाद कार्य शुरू करवाया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी देकर बंधक बनाए कर्मचारियों को छोड़ दिया था। कर्मचारियों को बंधक बनाने का मामला उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

- राजेंद्र, जेई, बिजली निगम, बेरी।
गांव दुबलधन में मीटर लगाने गई टीम को बंधक बनाने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। मामला संज्ञान में आने के बाद सरकारी कार्य में बाधा डालने व टीम को बंधक वालों के खिलाफ कार्रवाई करवाई जाएगी।
- अमित गर्ग, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम, बेरी।
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