फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Election issue...many projects could not start

Jhajjar-Bahadurgarh News: चुनावी मुद्दा...शुरू नहीं हो सकी कई परियोजनाएं

Thu, 12 Sep 2024 03:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Thu, 12 Sep 2024 03:25 AM IST
विज्ञापन
Election issue...many projects could not start
बहादुरगढ़ रोड की खस्ता हालत, जिसके लिए हाल में 20 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।
झज्जर। विधान सभा चुनाव में विकास का मुद्दा काफी अहम हो सकता है। चुनाव में कई ऐसे मुद्दे हैं जिनको लेकर जनता भी जवाब मांग रही है। जिले की छुछकवास बाईपास परियोजनाओं का काम आज तक शुरू नहीं हो सका है। सरकार अब तक जमीन अधिग्रहण का काम पूरा नहीं कर सकी है। कई परियोजनाएं धरातल पर शुरू नहीं हो सकी।
विज्ञापन

पिछली सरकार में इस पर काम शुरू हुआ था, लेकिन दो दशक बीतने के बाद भी अब तक लगभग 90 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण हो सका है। बाकी जमीन अधिग्रहण का काम पूरा नहीं हुआ। करोड़ों रुपये की राशि भी बाईपास के लिए मंजूर की गई, लेकिन जमीन अधिग्रहण का काम पूरा न होने के कारण बाईपास निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका। यदि बाईपास बनता तो झाड़ली क्षेत्र में वाहनों के आवागमन का दबाव कम होता और लोगों को काफी राहत मिलती। पिछली तीन योजनाओं से पूर्व मंत्री गीता भुक्कल झज्जर विधानसभा से विधायक है। उन्होंने भी छुछकवास बाईपास को लेकर विधानसभा में कई बार मुद्दा उठाया है।
विज्ञापन

यहां बता दे कि 2009 में पहली बार गीता भुक्कल झज्जर विधानसभा से विधायक बनी थी। उनेंने इनेलो की कांता देवी को कराने का काम किया था। उसके बाद 2014 में भी गीता भुक्कल ने चुनाव जीता और इनेलो के साधूराम को हराने का काम किया था। 2019 में कांग्रेस प्रत्याशी गीता भुक्कल तीसरी बार विधायक बनी और उन्होंने भाजपा के डॉ. राकेश कुमार को हराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

यही नहीं झज्जर विधानसभा की सड़कों को लेकर भी आज तक सही काम नहीं हुआ। शहर के अंदर की सड़कों की हालत आज भी खराब पड़ी है। झज्जर-बहादुरगढ़ रोड का सबसे ज्यादा बुरा हाल है। पिछले दो साल से इसकी मरम्मत तक नहीं हुई है। अब चुनाव से पहले झज्जर-बहादुरगढ़ रोड की प्रशासनिक मंजूरी मिली और सरकार ने 20 करोड़ रुपये जारी किए। इसका टेंडर किया जा चुका है, लेकिन अब काम चुनाव के बाद ही होगा। इसी साल सरकार ने शहर में दो रेलवे ओवरब्रिज बनाने का निर्णय भी लिया, लेकिन उसका निर्माण का काम भी अब तक शुरू नहीं हो सका है।

पांच साल में सरकर ने झज्जर विस ही नहीं पूरे जिले में हजारों करोड़ों रुपये के विकास के काम कराए हैं। झज्जर-बहादुरगढ़ सड़क का टेंडर हो चुका है। आचार संहिता हटते ही काम शुरू होगा। रेलवे ओवरब्रिज की प्रक्रिया भी जारी है। शहर की सड़कों को लेकर भी सरकार गंभीर है। अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी सरकार ने कई योजनाएं बनाई है। ग्रामीण क्षेत्र का विकास कराया है।

कप्तान बिरधाना, भाजपा प्रत्याशी, झज्जर विधानसभा

दस साल में सरकार ने झज्जर विधानसभा में कोई काम नहीं किया। सड़कों की हालत काफी खराब है। जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। बेसहारा पशु हादसों का कारण बन रहे हैं। गोवंश को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। जो घोषणाएं की गई थी, वह भी अब तक पूरी नहीं की गई है। यह सरकार केवल जुमला सरकार बनकर रह गई है।
वीरेंद्र दारोगा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed