{"_id":"c5ff830a1fda9aaa9a19995dbd4f3cb9","slug":"effeted-evm-130-voting-cancel-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईवीएम में गड़बड़ी, बूथ नं 130 पर सरपंच का मतदान रद्द ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईवीएम में गड़बड़ी, बूथ नं 130 पर सरपंच का मतदान रद्द
ब्यूरो/अमर उजाला/बहादुरगढ़
Updated Mon, 11 Jan 2016 02:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव कसार के बूथ नंबर 130 में ईवीएम में सरपंच पद के एक उम्मीदवार के नाम के आगे टेप लगी होने के कारण घंटों हंगामा और तनाव बना रहा। हंगामे की सूचना पाकर प्रशासन के हाथ पांव फूले गए। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अनीता यादव व पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार करीब दो घंटे तक बूथ पर स्थिति संभालने के लिए मौजूद रहे। आखिरकार सारी स्थिति को देखते हुए उन्होंने अकेले बूथ नंबर 130 पर सरपंच पद के लिए चुनाव को रद्द कर दिया और बाकी बूथों पर मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई।
मशीन में थी गड़बड़ी
दरअसल, सरपंच पद के एक उम्मीदवार के नाम के आगे ईवीएम पर टेप लगी देखकर मामला गरमा गया। बूथ नंबर 130 में गांव के वार्ड नंबर-11 व 12 के 435 लोगों को वोट डालने थे। इनमें से सुबह करीब साढ़े 9 बजे तक 31 वोट डाले जा चुके थे। इसके बाद ईवीएम में गड़बड़ी की चर्चा फैल गई। उम्मीदवार के नाम के आगे टेप लगी होने से उनका बटन दब नहीं रहा था। इस पर ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पूरा चुनाव रद्द करने की मांग की। लेकिन जिला निर्वाचन अधिकारी ने ग्रामीणों की इस मांग को जायज नहीं माना और केवल उसी बूथ पर सरपंच पद के लिए चुनाव 12 जनवरी को दोबारा कराने के लिए कहा जिस बूथ के ईवीएम में टेप लगी थी। अधिकारियों ने ग्रामीणों की सारी बात नहीं मानी तो ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख प्रशासन के भी हाथ पांव फूलने लगे।
महिला ने खोली पोल
बाद में अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मतदान के निर्धारित समय 4 बजे तक जो भी वोटर कैंपस में इंट्री कर लेगा उससे मतदान कराया जाएगा चाहे इस प्रक्रिया के लिए सुबह तक क्यों न हो जाए। बूथ नंबर 130 पर सरपंच पद के लिए लगी ईवीएम में गड़बड़ी की पोल उस वक्त खुली जब एक महिला ने वोट डालने के बाद ये बात बताई। हालांकि ग्रामीणों के विरोध से बूथ नंबर 130 पर सरपंच पद के लिए कोई मतदान नहीं हो सका। अब 12 जनवरी को मतदान होगा।
विज्ञापन
आत्मदाह की धमकी दी
सरपंच पद के उम्मीदवार ने ईवीएम में गड़बड़ी पर चुनाव रद्द न होने पर अपने परिवार समेत आत्मदाह करने की धमकी दी थी। सूचना मिलते ही अधिकारी तुरंत यहां पहुंचे। करीब तीन घंटे तक मतदान प्रक्रिया बाधित रहने से ग्रामीण नए सिरे से मतदान की मांग करते रहे। लेकिन अधिकारी सहमत नहीं हुए। इस पर ग्रामीणों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। तीन घंटे तक चुनाव बंद होने से अधिकतर वोटर अपने काम धंधे पर चल गए।
विज्ञापन
मशीन में थी गड़बड़ी
दरअसल, सरपंच पद के एक उम्मीदवार के नाम के आगे ईवीएम पर टेप लगी देखकर मामला गरमा गया। बूथ नंबर 130 में गांव के वार्ड नंबर-11 व 12 के 435 लोगों को वोट डालने थे। इनमें से सुबह करीब साढ़े 9 बजे तक 31 वोट डाले जा चुके थे। इसके बाद ईवीएम में गड़बड़ी की चर्चा फैल गई। उम्मीदवार के नाम के आगे टेप लगी होने से उनका बटन दब नहीं रहा था। इस पर ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पूरा चुनाव रद्द करने की मांग की। लेकिन जिला निर्वाचन अधिकारी ने ग्रामीणों की इस मांग को जायज नहीं माना और केवल उसी बूथ पर सरपंच पद के लिए चुनाव 12 जनवरी को दोबारा कराने के लिए कहा जिस बूथ के ईवीएम में टेप लगी थी। अधिकारियों ने ग्रामीणों की सारी बात नहीं मानी तो ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख प्रशासन के भी हाथ पांव फूलने लगे।
विज्ञापन
महिला ने खोली पोल
बाद में अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मतदान के निर्धारित समय 4 बजे तक जो भी वोटर कैंपस में इंट्री कर लेगा उससे मतदान कराया जाएगा चाहे इस प्रक्रिया के लिए सुबह तक क्यों न हो जाए। बूथ नंबर 130 पर सरपंच पद के लिए लगी ईवीएम में गड़बड़ी की पोल उस वक्त खुली जब एक महिला ने वोट डालने के बाद ये बात बताई। हालांकि ग्रामीणों के विरोध से बूथ नंबर 130 पर सरपंच पद के लिए कोई मतदान नहीं हो सका। अब 12 जनवरी को मतदान होगा।
विज्ञापन
आत्मदाह की धमकी दी
सरपंच पद के उम्मीदवार ने ईवीएम में गड़बड़ी पर चुनाव रद्द न होने पर अपने परिवार समेत आत्मदाह करने की धमकी दी थी। सूचना मिलते ही अधिकारी तुरंत यहां पहुंचे। करीब तीन घंटे तक मतदान प्रक्रिया बाधित रहने से ग्रामीण नए सिरे से मतदान की मांग करते रहे। लेकिन अधिकारी सहमत नहीं हुए। इस पर ग्रामीणों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। तीन घंटे तक चुनाव बंद होने से अधिकतर वोटर अपने काम धंधे पर चल गए।