{"_id":"674a071c646f4301820a8e1d","slug":"due-to-kharmas-weddings-will-be-put-on-hold-for-a-month-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1002-111350-2024-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: खरमास की वजह से एक माह तक लगेगा शादियों पर ब्रेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: खरमास की वजह से एक माह तक लगेगा शादियों पर ब्रेक
Fri, 29 Nov 2024 11:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 29 Nov 2024 11:55 PM IST
विज्ञापन
बहादुरगढ़। देवउठनी एकादशी से शुरू हुए शादियों के सीजन पर एक बार फिर ब्रेक लगेगा। इस बार खरमास की वजह से मांगलिक कार्यक्रम और शादियां एक महीने तक रुक जाएंगी। शहर के पंडितों और ज्योतिषों के मुताबिक, 15 दिसंबर से खरमास शुरू हो रहा है। ऐसे में 15 दिसंबर के बाद शादी का अगला मुहूर्त 15 जनवरी को होगा।
शिव हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सियाराम ने बताया कि 15 दिसंबर से खरमास शुरू हो रहा है। अब एक महीने के लिए शादियों पर ब्रेक लग जाएगा। 13 जनवरी 2025 को खरमास का समापन होगा। इसके बाद 15 जनवरी से शादियां शुरू होंगी। 15 दिसंबर से पहले शादियों के पांच बड़े मुहूर्त है। उन्होंने बताया कि सूर्य जब बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश करता है तो उस दिन से खरमास की शुरुआत होती है। खरमास साल में दो बार आता है। धार्मिक ग्रंथों में खरमास का महीना शुभ नहीं माना गया है। इस दौरान मांगलिक कार्य नहीं होंगे। हालांकि खरमास में पूजा पाठ का महत्व दोगुना बढ़ जाता है। तुलसी पूजा विषयों रूप से फलदायी होती है। उन्होंने बताया कि शादियों के लिए दिसंबर की 4, 5, 9, 10 और 14 को शादियों के बड़े मुहूर्त हैं। वहीं ज्योतिषी लालचंद कॉलोनी निवासी रमेश भगत ने बताया कि 15 दिसंबर से खरमास की शुरुआत होगी। 13 जनवरी 2025 को यह समाप्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर से मांगलिक कार्यक्रम बंद हो जाएंगे। केवल पूजा पाठ हो सकेगा।
विज्ञापन
शिव हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सियाराम ने बताया कि 15 दिसंबर से खरमास शुरू हो रहा है। अब एक महीने के लिए शादियों पर ब्रेक लग जाएगा। 13 जनवरी 2025 को खरमास का समापन होगा। इसके बाद 15 जनवरी से शादियां शुरू होंगी। 15 दिसंबर से पहले शादियों के पांच बड़े मुहूर्त है। उन्होंने बताया कि सूर्य जब बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश करता है तो उस दिन से खरमास की शुरुआत होती है। खरमास साल में दो बार आता है। धार्मिक ग्रंथों में खरमास का महीना शुभ नहीं माना गया है। इस दौरान मांगलिक कार्य नहीं होंगे। हालांकि खरमास में पूजा पाठ का महत्व दोगुना बढ़ जाता है। तुलसी पूजा विषयों रूप से फलदायी होती है। उन्होंने बताया कि शादियों के लिए दिसंबर की 4, 5, 9, 10 और 14 को शादियों के बड़े मुहूर्त हैं। वहीं ज्योतिषी लालचंद कॉलोनी निवासी रमेश भगत ने बताया कि 15 दिसंबर से खरमास की शुरुआत होगी। 13 जनवरी 2025 को यह समाप्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर से मांगलिक कार्यक्रम बंद हो जाएंगे। केवल पूजा पाठ हो सकेगा।
विज्ञापन