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एचसीएमएसए के आह्वान पर 13 को बंद रहेगी नागरिक अस्पताल में ओपीडी सेवाएं
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बहादुरगढ़। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएसए) के आह्वान पर डाक्टरों ने अपनी लंबित मांगों के पूरा नहीं होने पर नागरिक अस्पताल सहित विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों की ओपीडी सेवाएं 13 दिसंबर को बंद रखने का फैसला किया है। इस संबंध में एचसीएमएसए की जिला प्रधान डॉ. ममता चहल, उपाध्यक्ष डॉ. पवन यादव, सचिव डॉ. ममता वर्मा, संयुक्त सचिव डॉ. संदीप दलाल, कोषाध्यक्ष डॉ. जसबीर व अन्य पदाधिकारियों ने सीएमओ डॉ. संजय दहिया को ज्ञापन भी सौंपा है।
उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे 14 दिसंबर से वे संपूर्ण हड़ताल पर चले जाएंगे। शुक्रवार को आगामी आंदोलन को तेज करने को लेकर एसोसिएशन से जुड़े डाक्टरों के बीच मीटिंग का दौर भी चलता रहा। इसमें आंदोलन को किस तरह से तेज किया जाना है उसको लेकर भी चर्चा की गई। डॉ. जसबीर ने बताया कि 13 दिसंबर को ओपीडी बंद की सूचना आमजन तक पहुंचाने के लिए नागरिक अस्पताल के ओपीडी परिसर और इमरजेंसी में नोटिस भी चस्पा किया गया है। यदि सरकार उनकी मांगों से सहमत नहीं हुई तो 14 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे और पोस्टमार्टम संबंधी व आपातकालीन सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबित मांगों के पूरा नहीं होने पर होने वाली इस हड़ताल को लेकर सीएमओ को ज्ञापन के माध्यम से अवगत भी करा दिया है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने कई चिकित्सक ऐसे हैं, जो 15-20 वर्षों से कार्य कर रहे हैं। सरकार उन्हें पदोन्नति देकर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी बनाने की बजाय नई भर्तियां कर रही है, जोकि गलत परंपरा है। एसएमओ के पद पर इनका अधिकार पहले है। डॉ. जसबीर ने बताया कि दो वर्षों के कोरोना काल में पूरा विश्व मुश्किल के दौर से गुजर रहा है। सिविल अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों ने इस विपदा से निपटने के लिए दिन-रात मेहनत की है। इस दौरान कुछ डॉक्टरों ने अपनी जान भी गंवाई है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी है। प्रदेश में दो हजार से ज्यादा स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की आवश्यकता है। वहां मात्र 700 के करीब ही स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं। एक डॅाक्टर के ऊपर बहुत बोझ है। इसलिए उनकी सरकार से लंबे समय से मांग है कि स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए।
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उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे 14 दिसंबर से वे संपूर्ण हड़ताल पर चले जाएंगे। शुक्रवार को आगामी आंदोलन को तेज करने को लेकर एसोसिएशन से जुड़े डाक्टरों के बीच मीटिंग का दौर भी चलता रहा। इसमें आंदोलन को किस तरह से तेज किया जाना है उसको लेकर भी चर्चा की गई। डॉ. जसबीर ने बताया कि 13 दिसंबर को ओपीडी बंद की सूचना आमजन तक पहुंचाने के लिए नागरिक अस्पताल के ओपीडी परिसर और इमरजेंसी में नोटिस भी चस्पा किया गया है। यदि सरकार उनकी मांगों से सहमत नहीं हुई तो 14 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे और पोस्टमार्टम संबंधी व आपातकालीन सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबित मांगों के पूरा नहीं होने पर होने वाली इस हड़ताल को लेकर सीएमओ को ज्ञापन के माध्यम से अवगत भी करा दिया है।
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उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने कई चिकित्सक ऐसे हैं, जो 15-20 वर्षों से कार्य कर रहे हैं। सरकार उन्हें पदोन्नति देकर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी बनाने की बजाय नई भर्तियां कर रही है, जोकि गलत परंपरा है। एसएमओ के पद पर इनका अधिकार पहले है। डॉ. जसबीर ने बताया कि दो वर्षों के कोरोना काल में पूरा विश्व मुश्किल के दौर से गुजर रहा है। सिविल अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों ने इस विपदा से निपटने के लिए दिन-रात मेहनत की है। इस दौरान कुछ डॉक्टरों ने अपनी जान भी गंवाई है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी है। प्रदेश में दो हजार से ज्यादा स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की आवश्यकता है। वहां मात्र 700 के करीब ही स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं। एक डॅाक्टर के ऊपर बहुत बोझ है। इसलिए उनकी सरकार से लंबे समय से मांग है कि स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए।
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