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मौसम में परिवर्तन के साथ बढ़ीं बीमारियां, बच्चे अधिक पीड़ित हो रहे

Fri, 29 Oct 2021 01:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 29 Oct 2021 01:09 AM IST
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Diseases increased with the change in weather, children are suffering more
झज्जर। मौसम में परिवर्तन के साथ ही लोग वायरल सहित अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसमें बुजुर्गों और बच्चों की संख्या ज्यादा है। सुबह में हल्की ठंड और दिन में गर्मी रहने से लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। सरकारी व निजी अस्पताल, नर्सिंग होम मरीजों से भरे हुए हैैं।
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वायरल बुखार के कहर से शायद ही कोई घर बचा हुआ है। वायरल बुखार से पीड़ित रोगी को शरीर में ऐंठन, शरीर का टूटना, घुटनों में दर्द के अलावा चक्कर आने के लक्षण मिल रहे हैं। लोग वायरल बुखार के अलावा खांसी, जुकाम, दस्त, सिर दर्द की समस्या से पीड़ित हो रहे हैं। सामान्य अस्पताल में सबसे ज्यादा छोटे बच्चे पहुंच रहे हैं जोकि बुखार, जुकाम, खांसी से पीड़ित हैं। डॉक्टरों की ओर से बच्चों के अभिभावकों को बदलते मौसम में बच्चों पर विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है। बच्चों के खानपान में पौष्टिक भोजन व सतुंलित आहार देने के लिए सलाह दी जा रही है।
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मौसम परिवर्तन के कारण अस्थमा व टीबी के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे मरीजों को अपने आसपास प्रदूषण नहीं फैलने देना चाहिए और मास्क का प्रयोग करना चाहिए। लोगों के मौसमी बीमारी से ग्रस्त होने के चलते निजी अस्पताल व झोलाछाप डॉक्टर चांदी कूट रहे हैं। निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है तो निजी लैब में विभिन्न प्रकार के रोगों से संबंधित टेस्ट करवाने के लिए मरीजों की लाइने लगी हुई हैं। सामान्य अस्पताल में डॉक्टरों की कमी होने के कारण रोगियों को पीजीआई रोहतक रेफर किया जा रहा है।
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एक हजार से 1100 मरीजों की होती है ओपीडी
सामान्य अस्पताल में मौसम परिवर्तन के कारण विशेषकर बच्चे ज्यादा बीमार होने के मामले सामने आ रहे हैं। प्रतिदिन 150-200 बच्चों की ओपीडी की जा रही है। जबकि सामान्य अस्पताल की ओपीडी को देखा जाए तो हर रोज एक हजार से 1100 तक मरीज जांच के लिए आ रहे हैं।

वर्जन
मौसम परिवर्तन के कारण मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाना न भूलें, अस्पताल में मरीजों के लिए दवाइयों की कोई कमी नहीं है, लेकिन फिजिशियन की कमी है, जल्द ही वह भी पूरी हो जाएगी। मौसम परिवर्तन के दौरान बच्चों व बूढ़ों का विशेष ध्यान रखें।
- डॉ. कनिका मलिक, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, झज्जर।
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