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परिजनों को सौंपे प्रदर्शनकारी महिलाओं के शव
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पंजाब से परिजनों के शव लेने आए किसानों से पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बातचीत करते डीएसपी पवन कुमार।
- फोटो : Bahadurgarh
पंजाब के उन पांच किसान आंदोलनकारियों के शव पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिए। इनमें तीन उन महिलाओं के शव थे, जिनकी झज्जर रोड पर तेज गति डंपर के कुचले जाने से जबकि दो किसानों की टेंट में ही मौत हो गई थी। तीनों महिलाएं मानसा के एक ही गांव की और दोनों पुरुष बठिंडा जिले के एक ही गांव के निवासी थे।
शुक्रवार को नागरिक अस्पताल के शव गृह में चिकित्सकों ने पांच किसान आंदोलनकारियों के शवों का पोस्टमार्टम किया। इस मौके पर पीड़ित परिजनों व किसानों की भीड़ लगी रही। डीएसपी पवन कुमार और सेक्टर-6 थाना प्रभारी भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रयास करते सारी कार्यवाही जल्दी पूरी करवाई। सड़क हादसे में मृतक हुई आंदोलनकारी किसान महिलाओं गुरमेल कौर (60), अमरजीत कौर (58) और सुखविंदर कौर (60) के परिजन कल शाम को ही बहादुरगढ़ पहुंच गए थे। ये सभी पंजाब के जिला मानसा की तहसील भीखी के गांव खीवा दयालुवाला सिंह की निवासी थीं। वे सुबह पंजाब में अपने घर जाने के लिए टेंट से निकली थी और बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन जाने के लिए झज्जर रोड पर फ्लाईओवर के नीचे डिवाइडर पर बैठ आटो रिक्शा की प्रतीक्षा कर रही थी कि झज्जर की तरफ से आए तेज गति डंपर ने कुचल दिया।
उन दो किसानों के शव भी पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिए जिनकी वीरवार दोपहर बाद उनके टेंट में मौत हो गई थी। पंजाब के जिला बठिंडा के गांव पट्टी माना जेठुके के निवासी धर्म सिंह व रिपन सिंह कुछ दिनों से आंदोलन में भाग लेने आए हुए थे। ये दोनों बाइपास पर नयागांव चौक के पास अपने गांव के लोगों के तंबू में ठहरे हुए थे। वीरवार दोपहर को भोजन करके तंबू में लेटे हुए थे। करीब 4 बजे अचानक रिपन सिंह की मौत हो गई। उसके करीब दो घंटे बाद इसी टेंट में धर्म सिंह की भी मौत हो गई थी। अनुमान लगाया गया कि इन दोनों की मौत हार्ट फेल होने से हुई होगी। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराकर दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए।
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शुक्रवार को नागरिक अस्पताल के शव गृह में चिकित्सकों ने पांच किसान आंदोलनकारियों के शवों का पोस्टमार्टम किया। इस मौके पर पीड़ित परिजनों व किसानों की भीड़ लगी रही। डीएसपी पवन कुमार और सेक्टर-6 थाना प्रभारी भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रयास करते सारी कार्यवाही जल्दी पूरी करवाई। सड़क हादसे में मृतक हुई आंदोलनकारी किसान महिलाओं गुरमेल कौर (60), अमरजीत कौर (58) और सुखविंदर कौर (60) के परिजन कल शाम को ही बहादुरगढ़ पहुंच गए थे। ये सभी पंजाब के जिला मानसा की तहसील भीखी के गांव खीवा दयालुवाला सिंह की निवासी थीं। वे सुबह पंजाब में अपने घर जाने के लिए टेंट से निकली थी और बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन जाने के लिए झज्जर रोड पर फ्लाईओवर के नीचे डिवाइडर पर बैठ आटो रिक्शा की प्रतीक्षा कर रही थी कि झज्जर की तरफ से आए तेज गति डंपर ने कुचल दिया।
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उन दो किसानों के शव भी पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिए जिनकी वीरवार दोपहर बाद उनके टेंट में मौत हो गई थी। पंजाब के जिला बठिंडा के गांव पट्टी माना जेठुके के निवासी धर्म सिंह व रिपन सिंह कुछ दिनों से आंदोलन में भाग लेने आए हुए थे। ये दोनों बाइपास पर नयागांव चौक के पास अपने गांव के लोगों के तंबू में ठहरे हुए थे। वीरवार दोपहर को भोजन करके तंबू में लेटे हुए थे। करीब 4 बजे अचानक रिपन सिंह की मौत हो गई। उसके करीब दो घंटे बाद इसी टेंट में धर्म सिंह की भी मौत हो गई थी। अनुमान लगाया गया कि इन दोनों की मौत हार्ट फेल होने से हुई होगी। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराकर दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए।
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