फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Deepender make political attack on BJP

झूठ बोलकर वोट लूटे, अब श्रेय लूटने के लिए बोल रहे झूठ : दीपेंद्र

Fri, 12 Jun 2015 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर Updated Fri, 12 Jun 2015 12:17 AM IST
विज्ञापन

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बृहस्पतिवार को दिए बयान से एम्स बाढ़सा फिर चर्चा में आ गया है। एम्स बाढ़सा में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का शिलान्यास जुलाई में किए जाने की बात सरकार द्वारा कहे जाने पर सांसद ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है।

विज्ञापन


सांसद ने कहा कि बीजेपी ने जनता से झूठे वादे करके वोट लूटे, अब हमारे काम का श्रेय भी लूटने के लिए झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस के कार्यकाल में पहले से मंजूर परियोजनाओं को या तो लटका रही है या रद कर रही है, ताकि इसे दोबारा शुरू करने के नाम पर श्रेय लूटा जा सके।
विज्ञापन


मगर केवल शिलान्यास करने और फीता काटने से श्रेय नहीं मिलता। असली श्रेय लोगों के दिल जीतने से मिलता है। कौन सा काम किसने किया है, लोग सारी असलियत जानते हैं। हरियाणा के लोग सीधे-साधे भले ही हों, लेकिन उन्हें बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


सांसद ने कहा कि कि एम्स बाढ़सा देश का ही नहीं एशिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य प्रोजेक्ट है। इसे 2009 में मंजूरी मिली और इसकी मंजूरी के लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत और भागदौड़ की थी।

मगर अब बीजेपी सरकार इसे नया प्रोजेक्ट बताकर इसका श्रेय लेना चाहती है। यह एक ओछी सोच है। सांसद ने बताया कि उन्होंने स्वयं एम्स के अधिकारियों के साथ मिलकर 2009 से 2013 तक चार वर्षों में इसकी रणनीति तैयार की थी।

इस परियोजना को हासिल करने के लिए सभी राज्यों और सभी सांसदों ने एड़ी-चोटी का जोर लगाया था, लेकिन उन्हें खुशी है कि यह परियोजना बाढ़सा गांव में आ सकी। यह देश में पहली ऐसी परियोजना है, जिसमें एम्स और आईआईटी एक साथ विकसित हो रहे हैं।

दीपेंद्र ने यह भी बताया कि पूर्ववर्ती भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार ने बाढ़सा गांव के सहयोग से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में केंद्र सरकार की सबसे बड़ी अकेली परियोजना एम्स-बाढ़सा के लिए 300 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई थी।

राष्ट्रीय कैंसर संस्थान
सांसद ने जानकारी दी कि जब 2009 और 2013 के बीच एम्स बाढ़सा का खाका तैयार हुआ तो उसी खाके में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का भी प्रस्ताव रखा गया। फिर जब कैंसर संस्थान की योजना धरातल पर आई तो भारत सरकार के उस समय के बहुत से मंत्री इसे अपने क्षेत्रों में लेकर जाना चाहते थे।

मगर अथक प्रयासों से 2013 में यूपीए सरकार ने इस संस्थान को भी एम्स, बाढ़सा परिसर में लगाने का फैसला किया। भारत सरकार की कैबिनेट ने 26 दिसंबर, 2013 को 2035 करोड़ रुपये की लागत वाले राष्ट्रीय कैंसर संस्थान को बाढ़सा में स्थापित करने के इस फैसले पर अपनी मुहर लगाकर इसे मंजूरी दी।

उसके थी एक हफ्ते बाद ही सांसद के आग्रह पर 3 जनवरी 2014 को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने साढ़े तीन साल में पूरा होने के लक्ष्य के साथ राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की हजारों लोगों के सामने आधारशिला रखी थी।


सांसद दीपेंद्र ने कहा कि उन्हें उस समय खेद हुआ, जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक ट्विट करके राष्ट्रीय कैंसर संस्थान को एक नई परियोजना बताया। सांसद ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री को श्रेय चाहिए तो कोई नया संस्थान मंजूर कराएं, उन्हें किसने रोका है। हम भी नए काम का स्वागत करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed