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बैंक अधिकारी की हत्या की सीबीआई जांच और न्याय की मांग को लेकर एनएच पर लगाया जाम
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सड़क के बीचोंबीच खड़े किए गए वाहन।
- फोटो : Jhjhar
झज्जर। गुरुग्राम सेक्टर-46 निवासी यस बैंक के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट धीरज अहलावत (38) का शव दिल्ली की बवाना नहर से 12 अगस्त को मिला था। उसके बाद से उसके परिजन धीरज के अपहरण के बाद हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। उस समय से ही वे न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस के आला अधिकारियों से मिल चुके हैं।
न्याय की उम्मीद दिखाई नहीं दी तो डीघल गांव में उसके परिजनों ने बुधवार की सुबह पंचायत बुलाई। पंचायत में इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने और परिवार को पूरी तरह से न्याय दिलाने की मांग को लेकर नेशनल हाईवे 71ए को जाम करने का निर्णय लिया गया। कुछ समय तक ग्रामीण सड़क पर मैट बिछा कर बैठे रहे और उसके बाद सड़क के बीचोंबीच टेंट लगा दिया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया गया। लेकिन जाम लगाने वाले ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
धीरज अहलावत के भाई प्रदीप अहलावत ने बताया कि धीरज अहलावत गुरुग्राम के सेक्टर-46 रहते थे। वह पांच अगस्त की शाम को घर से बाहर घूमते हुए संदिग्ध हालात में गायब हो गए थे। उन्होंने सेक्टर-50 थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि 12 अगस्त को दिल्ली पुलिस ने सूचना दी कि बवाना नहर में एक शव मिला है। मौके पर परिजनों ने हाथ में बंधी राखी व अंडरवियर से उसकी पहचान धीरज अहलावत के रूप में की। पुलिस ने 13 अगस्त को शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव को गुरुग्राम ले आए और अंतिम संस्कार कर दिया। उसके बाद धीरज के परिजन पुलिस आयुक्त से मिलने पहुंचे थे। परिजनों ने अज्ञात लोगों पर हत्या कर शव नहर में फेंकने का आरोप लगाया था। इस मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी तो परिजनों ने बुधवार को डीघल गांव में पंचायत बुलाई। पंचायत में हुए निर्णय के बाद नेशनल हाईवे को जाम कर दिया गया।
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बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
जाम लगाने की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया है। दुजाना पुलिस थाना प्रभारी, डीएसपी बेरी नरेश कुमार, डीएसपी राहुल देव, एसडीएम रविंद्र कुमार सहित अनेक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी तक जाम न खोलने की बात पर अड़े हुए हैं। झज्जर के एसपी बीमार होने के चलते शाम के समय लोगों को समझाने के लिए चरखी दादरी जिला के एसपी बलवान सिंह राणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी ग्रामीणों को जांच का आश्वासन देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े हुए हैं।
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न्याय की उम्मीद दिखाई नहीं दी तो डीघल गांव में उसके परिजनों ने बुधवार की सुबह पंचायत बुलाई। पंचायत में इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने और परिवार को पूरी तरह से न्याय दिलाने की मांग को लेकर नेशनल हाईवे 71ए को जाम करने का निर्णय लिया गया। कुछ समय तक ग्रामीण सड़क पर मैट बिछा कर बैठे रहे और उसके बाद सड़क के बीचोंबीच टेंट लगा दिया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया गया। लेकिन जाम लगाने वाले ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
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धीरज अहलावत के भाई प्रदीप अहलावत ने बताया कि धीरज अहलावत गुरुग्राम के सेक्टर-46 रहते थे। वह पांच अगस्त की शाम को घर से बाहर घूमते हुए संदिग्ध हालात में गायब हो गए थे। उन्होंने सेक्टर-50 थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि 12 अगस्त को दिल्ली पुलिस ने सूचना दी कि बवाना नहर में एक शव मिला है। मौके पर परिजनों ने हाथ में बंधी राखी व अंडरवियर से उसकी पहचान धीरज अहलावत के रूप में की। पुलिस ने 13 अगस्त को शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव को गुरुग्राम ले आए और अंतिम संस्कार कर दिया। उसके बाद धीरज के परिजन पुलिस आयुक्त से मिलने पहुंचे थे। परिजनों ने अज्ञात लोगों पर हत्या कर शव नहर में फेंकने का आरोप लगाया था। इस मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी तो परिजनों ने बुधवार को डीघल गांव में पंचायत बुलाई। पंचायत में हुए निर्णय के बाद नेशनल हाईवे को जाम कर दिया गया।
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बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
जाम लगाने की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया है। दुजाना पुलिस थाना प्रभारी, डीएसपी बेरी नरेश कुमार, डीएसपी राहुल देव, एसडीएम रविंद्र कुमार सहित अनेक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी तक जाम न खोलने की बात पर अड़े हुए हैं। झज्जर के एसपी बीमार होने के चलते शाम के समय लोगों को समझाने के लिए चरखी दादरी जिला के एसपी बलवान सिंह राणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी ग्रामीणों को जांच का आश्वासन देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े हुए हैं।