बहादुरगढ़। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर बहादुरगढ़ में डटे पंजाब के किसानों के पड़ाव में पंजाब से साइकिल पर भी लगातार लोग पहुंच रहे हैं। इनमें न केवल किसान शामिल हैं, बल्कि गुरुद्वारों में सेवक के तौर पर काम करने वाले भी शामिल हैं। वीरवार की दोपहर 12 बजे गुरुद्वारा नानक प्रकाश कानगढ़, पटियाला से दया सिंह साइकिल पर सवार होकर चला था। उसने कहा कि वह बहादुरगढ़ में संगत का दर्शन करने के लिए पहुंचा है। 15 किलोमीटर में बैठी संगत का दर्शन करने के बाद वह सिंघु बॉर्डर और उसके बाद गाजीपुर बॉर्डर पर भी जाएगा।
पटियाला के पातड़ा गांव के दया सिंह ने बताया कि वह 19 जनवरी की सुबह 6 बजे गुरुद्वारा नानक प्रकाश कानगढ़ से चला था। दो दिन की यात्रा के बाद वह 21 जनवरी को दोपहर 12 बजे पकौड़ा चौक के नजदीक ऑटो मार्केट के मैदान पर चल रही सभा में पहुंचा। यहां पर संगत का दर्शन किया और टीकरी बॉर्डर की तरफ चल दिया। दया सिंह के मुताबिक वह दिन के समय साइकिल चलाता और रात में गुरुद्वारे में रुक जाता है। दया सिंह ने बताया कि सबसे पहले जींद के गुरुद्वारा साहिब में रुका था। इसके बाद रोहतक में ठहरा। वीरवार की सुबह रोहतक से चला और दोपहर 12 बजे बहादुरगढ़ पहुंच गया। दया सिंह ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर किसान दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांग नहीं सुन रही है। किसान यहां से तभी लौटेंगे जब तीनों कानून रद्द हो जाएंगे, अन्यथा वे यहां से हिलने वाले नहीं हैं। सरकार को किसानों की मांग पूरी करनी चाहिए।