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पैर फिसलने से श्रमिक माइनरा में गिरा, मौत, दो घंटे बाद गोताखोरों ने निकाला शव
Updated Sun, 20 May 2018 02:16 AM IST
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पैर फिसलने से माइनरा में गिरा श्रमिक , मौत
बादली।
एनसीआर माइनर में डूबने से एक श्रमिक की मौत हो गई। शव को दो घंटे की तलाश के बाद बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में रखवा दिया है। इसके अलावा पंजाब के जिला बठिंडा के गांव तूर कोट में रहने वाले उसके परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी है।
जानकारी के अनुसार शनिवार की दोपहर विक्की (22) अन्य श्रमिकों के साथ एनसीआर माइनर पर बैठा हुआ था। इस दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया। साथी श्रमिकों ने शोर मचाना शुरू किया मगर विक्की को तैरना नहीं आता था। इससे वह पानी के अंदर डूब गया। विक्की पुत्र पप्पी मूल रूप से पंजाब का रहने वाला था और बादली में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी का काम करता था। विक्की जब माइनर के पानी में डूबा तो साथियों ने शोर मचाना शुरू किया मगर उसे कोई मदद नहीं मिल सकी। सूचना मिलते ही पुलिस माइनर पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से दो घंटे में उसके शव को ढूंढ लिया। शव को बाहर निकलवाने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में भिजवाया। पुलिस चौकी इंचार्ज श्रीभगवान का कहना है कि मृतक के परिजनों को पंजाब में सूचना दी गई है और परिजनों के आने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम करवाया जा सकेगा। लोगों के मुताबिक एनसीआर माइनर 12 फुट गहरी 25 फुट चौड़ी है। पानी का बहाव तेज होने से पिछले दो महीनों में 8 लोगों की जान जा चुकी है।
पुलिस चौकी इंचार्ज श्रीभगवान का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से एनसीआर माइनर पर पुलिस राइडर लगा दी गई है। राईडर निरंतर गश्त कर रही है। शनिवार को जिस प्वाइंट पर श्रमिक की डूबने से मौत हुई है वहां पर रास्ता न होने से राइडर नहीं पहुंच सकी। अब श्रमिकों ने ऐसे प्वाइंट पर नहाने शुरू कर दिया है जहां राइडर नहीं पहुंच सकती।
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एनसीआर माइनर के अधिकारियों की ओर से कोई सहयोग प्रशासन को नहीं दिया जाता है। विभाग का बेलदार भी घटना स्थल पर नहीं पहुंचता है जबकि बेलदार को निरंतर माइनर पर मौजूद होना चाहिए। उपमंडल अधिकारी त्रिलोकचंद का कहना है कि एनसीआर माइनर अधिकारियों को पत्र लिखा गया था मगर कोई जवाब नहीं मिला है। पत्र में विभाग से दुर्घटना संभावित जगहों पर तारबंदी और चेतावनी बोर्ड लगाने की बात कही गई थी। अब इस मामले में कड़ा संज्ञान लिया जाएगा।
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बादली।
एनसीआर माइनर में डूबने से एक श्रमिक की मौत हो गई। शव को दो घंटे की तलाश के बाद बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में रखवा दिया है। इसके अलावा पंजाब के जिला बठिंडा के गांव तूर कोट में रहने वाले उसके परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी है।
जानकारी के अनुसार शनिवार की दोपहर विक्की (22) अन्य श्रमिकों के साथ एनसीआर माइनर पर बैठा हुआ था। इस दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया। साथी श्रमिकों ने शोर मचाना शुरू किया मगर विक्की को तैरना नहीं आता था। इससे वह पानी के अंदर डूब गया। विक्की पुत्र पप्पी मूल रूप से पंजाब का रहने वाला था और बादली में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी का काम करता था। विक्की जब माइनर के पानी में डूबा तो साथियों ने शोर मचाना शुरू किया मगर उसे कोई मदद नहीं मिल सकी। सूचना मिलते ही पुलिस माइनर पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से दो घंटे में उसके शव को ढूंढ लिया। शव को बाहर निकलवाने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में भिजवाया। पुलिस चौकी इंचार्ज श्रीभगवान का कहना है कि मृतक के परिजनों को पंजाब में सूचना दी गई है और परिजनों के आने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम करवाया जा सकेगा। लोगों के मुताबिक एनसीआर माइनर 12 फुट गहरी 25 फुट चौड़ी है। पानी का बहाव तेज होने से पिछले दो महीनों में 8 लोगों की जान जा चुकी है।
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पुलिस चौकी इंचार्ज श्रीभगवान का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से एनसीआर माइनर पर पुलिस राइडर लगा दी गई है। राईडर निरंतर गश्त कर रही है। शनिवार को जिस प्वाइंट पर श्रमिक की डूबने से मौत हुई है वहां पर रास्ता न होने से राइडर नहीं पहुंच सकी। अब श्रमिकों ने ऐसे प्वाइंट पर नहाने शुरू कर दिया है जहां राइडर नहीं पहुंच सकती।
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एनसीआर माइनर के अधिकारियों की ओर से कोई सहयोग प्रशासन को नहीं दिया जाता है। विभाग का बेलदार भी घटना स्थल पर नहीं पहुंचता है जबकि बेलदार को निरंतर माइनर पर मौजूद होना चाहिए। उपमंडल अधिकारी त्रिलोकचंद का कहना है कि एनसीआर माइनर अधिकारियों को पत्र लिखा गया था मगर कोई जवाब नहीं मिला है। पत्र में विभाग से दुर्घटना संभावित जगहों पर तारबंदी और चेतावनी बोर्ड लगाने की बात कही गई थी। अब इस मामले में कड़ा संज्ञान लिया जाएगा।