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करंट से बेटा मरा तो सदमे से पिता की मौत
Updated Mon, 14 Aug 2017 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
गणपति धाम स्थित एक फैक्टरी में काम के दौरान करंट लगने से एक कर्मचारी की मौत हो गई। बेेटे की मौत की सूचना पर सदमे में पिता की भी मौत हो गई। एक साथ दो मौतों से परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। मामले में कार्यवाहक थाना प्रभारी एसआई तेलूराम ने बताया कि पीड़ितों के बयान के आधार पर 174 की कार्रवाई कर पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिए।
जानकारी के अनुसार जिस फैक्टरी में हादसा हुआ है, वहां प्लास्टिक की टूंटियां बनाई जाती हैं। बराही गांव का वासी करीब 40 वर्षीय रणजीत इस फैक्टरी में इलेक्ट्रिशियन के तौर पर कार्यरत था। रविवार को फैक्टरी में मेंटनेंस का कार्य चल रहा था। सुबह करीब 11 बजे जब रणजीत एक पंखे की मरम्मत कर रहा था तो अचानक करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे शहर के एक निजी अस्पताल में लाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल में पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल में ले आई।
जैसे ही रणजीत की मौत की सूचना उसके पिता राज सिंह (70) को मिली तो उसे गहरा सदमा लगा और सदमे में उन्हें हृदयघात आ गया और उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रणजीत सिंह डीडीसी से रिटायर्ड थे। कुछ ही देर में हुई पिता-पुत्र की मौत से उक्त परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। लोगों ने बताया कि मृतक रणजीत 16 वर्षीय बेटी और छह वर्षीय बेटे का पिता था।
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फैक्टरी के मालिक सरदार बलविंदर सिंह ने कहा कि रणजीत उनके परिवार के सदस्य के जैसा था। पिता-पुत्र की मौत से उसे भी दुख है। प्रबंधन परिवार की हर संभव मदद करने का तैयार है।
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बहादुरगढ़।
गणपति धाम स्थित एक फैक्टरी में काम के दौरान करंट लगने से एक कर्मचारी की मौत हो गई। बेेटे की मौत की सूचना पर सदमे में पिता की भी मौत हो गई। एक साथ दो मौतों से परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। मामले में कार्यवाहक थाना प्रभारी एसआई तेलूराम ने बताया कि पीड़ितों के बयान के आधार पर 174 की कार्रवाई कर पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिए।
जानकारी के अनुसार जिस फैक्टरी में हादसा हुआ है, वहां प्लास्टिक की टूंटियां बनाई जाती हैं। बराही गांव का वासी करीब 40 वर्षीय रणजीत इस फैक्टरी में इलेक्ट्रिशियन के तौर पर कार्यरत था। रविवार को फैक्टरी में मेंटनेंस का कार्य चल रहा था। सुबह करीब 11 बजे जब रणजीत एक पंखे की मरम्मत कर रहा था तो अचानक करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे शहर के एक निजी अस्पताल में लाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल में पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल में ले आई।
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जैसे ही रणजीत की मौत की सूचना उसके पिता राज सिंह (70) को मिली तो उसे गहरा सदमा लगा और सदमे में उन्हें हृदयघात आ गया और उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रणजीत सिंह डीडीसी से रिटायर्ड थे। कुछ ही देर में हुई पिता-पुत्र की मौत से उक्त परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। लोगों ने बताया कि मृतक रणजीत 16 वर्षीय बेटी और छह वर्षीय बेटे का पिता था।
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फैक्टरी के मालिक सरदार बलविंदर सिंह ने कहा कि रणजीत उनके परिवार के सदस्य के जैसा था। पिता-पुत्र की मौत से उसे भी दुख है। प्रबंधन परिवार की हर संभव मदद करने का तैयार है।