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नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे ऐंठने के आरोप में सब इंस्पेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज

Wed, 05 Dec 2018 02:00 AM IST
Updated Wed, 05 Dec 2018 02:00 AM IST
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नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे ऐंठने के आरोप में सब इंस्पेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज

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झज्जर। शहर की यादव कॉलोनी में रहने वाले एक व्यक्ति ने उसके दो बेटों को नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने के आरोप में झज्जर के एसपी कार्यालय में कार्यरत एक एसआई के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एएसपी शशांक कुमार सावन के आदेश पर झज्जर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
एएसपी को दी शिकायत में शहर की यादव कॉलोनी निवासी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि बाकरा गांव निवासी मोहन लाल जो हरियाणा पुलिस में बतौर एसआई तैनात है। उसके पास उसका आना जाना था तथा उपरोक्त मोहन लाल ने उसके लड़के सोमबीर को गृह मंत्रालय में तथा दूसरे पुत्र ललित को रेलवे में टीसी पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया और इस काम के लिए उसने मोहन लाल को आठ लाख रुपये दिए थे।
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उसका कहना है कि मोहन लाल को जिस समय पैसे दिए थे उस समय उसके साथ करौंथा गांव निवासी जगदीश प्रोफेसर था, जो कि आपस में बाप बेटे का रिश्ता बता रहे थे। इसके बाद उन्होंने कहा कि एक आदमी कार लेकर आएगा तथा बच्चों को मेडिकल के लिए दिल्ली लेकर जाएगा। मेडिकल के लिए और इंटरनेट पर पर रिजल्ट डलवाने के लिए साढ़े तीन लाख रुपये नकद दिए। तलाव गांव निवासी रामनिवास पुत्र चतर सिंह ने मेडिकल कराकर फर्जी तरीके से नेट पर बच्चों के नाम डाल दिए। लेकिन उन्होंने धोखाधड़ी करके रेलवे विभाग से फर्जी प्रमाण पत्र जारी करके उनको दे दिए और कहा कि उन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी उसके पुत्र को साक्षात्कार के लिए कोई आवेदन नहीं आया। जिसकी वजह से उसे मोहन लाल पर शक हुआ और जब उसने उनसे पूछा कि मेरे पुत्र का साक्षात्कार का आवेदन कब तक आएगा तो वह काफी समय तक टाल मटोल करता रहा और आखिरकार उसने कहा कि आपका काम नहीं बना है। वह उनके पैसे वापस कर देगा। उसका आरोप है कि जब बार-बार पैसे मांगे तो वह केवल आश्वासन देता रहा। बाद में उसने धमकी देते हुए कहा कि यदि उन्होंने उससे पैसे की मांग की तो वह उन्हें व उनकेे परिवार को किसी झूठे मुकदमे मे फंसाकर जेल भिजवा देगा।
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थाने में शिकायत दी तो दिए एक लाख तीस हजार
जब थाने में इसकी शिकायत दी तो पवन एएसआई को मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। उस समय रामनिवास पुत्र चतर सिहं निवासी तलाव ने उनको 60 हजार रुपये दे दिए तथा बाकी पैसे एक महीने के बाद देने को कहा गया। उनका आरोप है कि इस धोखाधड़ी में जगदीश पुत्र हरद्वारी निवासी करौंथा भी शामिल है। उसको भी डीएसपी अजमेर ने बुलाया तथा जांच में पाया कि यह भगौड़ा घोषित हुआ है। लक्ष्मण सिंह का कहना है कि वह पिछले करीब तीन साल से अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है। रामनिवास ने तो कई बार करके एक लाख तीस हजार रुपये वापस दे दिए हैं। जबकि बाकी पैसे अभी तक नहीं मिले हैं। उन्होंने इस संबध में सीएम विंडो पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन अब एएसपी ने उनका मामला दर्ज कराया है।



फिलहाल एसआई मोहन लाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। अभी इस मामले में रिकार्ड लेकर जांच की जाएगी और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सीमा, पुलिस थाना प्रभारी, शहर झज्जर।
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