{"_id":"5d20fba78ebc3e6cbd38d7a0","slug":"crime-charkhidadri-news-rtk5030400121","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस को देखकर चालक ओवरलोड ट्राला सड़क पर छोड़कर हुआ फरार, लगा जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस को देखकर चालक ओवरलोड ट्राला सड़क पर छोड़कर हुआ फरार, लगा जाम
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पुलिस कर्मचारियों को आरटीए स्टाफ की टीम में शामिल समझकर शनिवार सुबह ओवरलोड ट्राला लेकर जा रहे चालक और सहायक वाहन सड़क पर ही छोड़कर फरार हो गए। इससे नारनौल-दिल्ली मुख्यमार्ग पर काफी देर तक जाम की स्थिति बन गई। दोनों के लौटने पर ही ट्राला सड़क से हटाया जा सका। कागजात नहीं मिलने पर ट्रैफिक पुलिस की टीम ने क्रशर से भरे ट्राले को इंपाउंड कर दिया। यहां से ट्राला हटने के बाद ही ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु हो पाई।
पीडब्ल्यूडी नारनौल-दिल्ली मुख्यमार्ग स्थित ढाणी आरओबी का पैचवर्क करवा रही है। इसके चलते आरओबी को वन-वे किया गया है। यहां ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने की संभावना के मद्देनजर शनिवार सुबह करीब नौ बजे ट्रैफिक पुलिस की टीम पहुंची थी। टीम में शामिल पुलिसकर्मी ट्रैफिक एसएचओ सुशील कुमार के साथ वाहनों की एक लाइन बनवा रहे थे। इसी दौरान महेंद्रगढ़ चौक की तरफ से एक ओवरलोड ट्राला भी वहां आ पहुंचा। पुलिस को देखकर ट्राला चालक और परिचालक उतरकर भाग गए। वे दोनों ट्राले की चाबी भी अपने साथ ले गए। पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपियों को लगा कि पुलिसकर्मी आरटीए टीम में शामिल हैं और ओवरलोड वाहनों की जांच कर रहे हैं। वहीं, ट्राला बीच सड़क में खड़ा होने के कारण जाम लग गया। इसके चलते आरओबी की ट्रैफिक व्यवस्था बाधित हो गई। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब चालक-परिचालक नहीं लौटे तो ट्रैफिक प्रभारी सुशील कुमार ने वहां मौजूद अन्य वाहन चालकों की मार्फत कार्रवाई न करने का मैसेज ट्राला चालक तक पहुंचाया। इसके कुछ देर बाद वे लौटे। ट्रैफिक प्रभारी सुशील कुमार ने बताया कि चालक-सहायक ने ट्राला छोड़कर भागने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया। उन्होंने बताया कि वो झोझूकलां से गुरूग्राम के लिए क्रशर भरकर चले थे।
साइड से निकालने के प्रयास में कीचड़ में फंसे वाहन
ढाणी फाटक आरओबी पर कॉलेज से निकलते ही सड़क पर ओवरलोड ट्राला खड़ा था। इसके चलते मार्ग की ट्रैफिक व्यवस्था बाधित हो गई। इस दौरान छोटे वाहन चालकों ने अपने वाहन सड़क के किनारे से निकालने का प्रयास किया तो वहां कीचड़ में वाहनों के पहिये धंस गए। इसके बाद मौके पर क्रेन बुलाकर कीचड़ में धंसे वाहन को बाहर निकाला गया। करीब आधे घंटे तक पिकअप में सवार लोगों को क्रेन आने का इंतजार करना पड़ा।
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ओवरलोड था ट्राला, नहीं मिला कोई कागजात
पुलिस सूत्रों की मानें तो ट्राले के चालक और परिचालक बिना किसी कार्रवाई के ट्राला ले जाने का मैसेज पाकर वापिस लौटे। उनके लौटते ही उनसे ट्राले की चाबी ले ली गई और इसके तुरंत बाद ट्राले को सड़क से हटाकर साइड में खड़ा किया गया। इस दौरान जब ट्रैफिक एसएचओ ने चालक से कागजात मांगे तो वह भी एक भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसके तुरंत बाद ट्रैफिक पुलिस ने ट्राले को इंपाउंड कर दिया।
नहीं रुक रही ओवरलोडिंग, डीसी को पत्र के जवाब का इंतजार
जिले में ओवरलोडिंग अभी भी धड़ल्ले से जारी है। आरटीए स्टाफ पर्याप्त नहीं होने के चलते ओवरलोडिंग पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। सामाजिक संगठन व कुछ अधिवक्ता ओवरलोडिंग में संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। गत दिनों ही डीसी मुकेश आहूजा ने भी सरकार को पत्र लिखा है। इसमें दो बार ओवरलोडिंग का चालान होने पर क्रशर मालिक पर कार्रवाई का प्रावधान करने की अनुशंसा की गई है। अभी सरकार के जवाब का प्रशासन को इंतजार है।
आरओबी की मेंटिनेंस करवाने के कारण मार्ग वन-वे था। पुलिस टीम वहां ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए तैनात थी। इसी दौरान एक ट्राले का चालक और सहायक वाहन सड़क पर छोड़कर भाग गए। कुछ देर बाद जब लौटे तो इसके तुरंत बाद हमने उनसे चाबी लेकर ट्राले को साइड कर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु करवाई। उनके पास ट्राले के दस्तावेज नहीं थे। इसके चलते हमने वाहन को इंपाउंड कर दिया। - सुशील कुमार, ट्रैफिक एचएसओ
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पीडब्ल्यूडी नारनौल-दिल्ली मुख्यमार्ग स्थित ढाणी आरओबी का पैचवर्क करवा रही है। इसके चलते आरओबी को वन-वे किया गया है। यहां ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने की संभावना के मद्देनजर शनिवार सुबह करीब नौ बजे ट्रैफिक पुलिस की टीम पहुंची थी। टीम में शामिल पुलिसकर्मी ट्रैफिक एसएचओ सुशील कुमार के साथ वाहनों की एक लाइन बनवा रहे थे। इसी दौरान महेंद्रगढ़ चौक की तरफ से एक ओवरलोड ट्राला भी वहां आ पहुंचा। पुलिस को देखकर ट्राला चालक और परिचालक उतरकर भाग गए। वे दोनों ट्राले की चाबी भी अपने साथ ले गए। पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपियों को लगा कि पुलिसकर्मी आरटीए टीम में शामिल हैं और ओवरलोड वाहनों की जांच कर रहे हैं। वहीं, ट्राला बीच सड़क में खड़ा होने के कारण जाम लग गया। इसके चलते आरओबी की ट्रैफिक व्यवस्था बाधित हो गई। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब चालक-परिचालक नहीं लौटे तो ट्रैफिक प्रभारी सुशील कुमार ने वहां मौजूद अन्य वाहन चालकों की मार्फत कार्रवाई न करने का मैसेज ट्राला चालक तक पहुंचाया। इसके कुछ देर बाद वे लौटे। ट्रैफिक प्रभारी सुशील कुमार ने बताया कि चालक-सहायक ने ट्राला छोड़कर भागने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया। उन्होंने बताया कि वो झोझूकलां से गुरूग्राम के लिए क्रशर भरकर चले थे।
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साइड से निकालने के प्रयास में कीचड़ में फंसे वाहन
ढाणी फाटक आरओबी पर कॉलेज से निकलते ही सड़क पर ओवरलोड ट्राला खड़ा था। इसके चलते मार्ग की ट्रैफिक व्यवस्था बाधित हो गई। इस दौरान छोटे वाहन चालकों ने अपने वाहन सड़क के किनारे से निकालने का प्रयास किया तो वहां कीचड़ में वाहनों के पहिये धंस गए। इसके बाद मौके पर क्रेन बुलाकर कीचड़ में धंसे वाहन को बाहर निकाला गया। करीब आधे घंटे तक पिकअप में सवार लोगों को क्रेन आने का इंतजार करना पड़ा।
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ओवरलोड था ट्राला, नहीं मिला कोई कागजात
पुलिस सूत्रों की मानें तो ट्राले के चालक और परिचालक बिना किसी कार्रवाई के ट्राला ले जाने का मैसेज पाकर वापिस लौटे। उनके लौटते ही उनसे ट्राले की चाबी ले ली गई और इसके तुरंत बाद ट्राले को सड़क से हटाकर साइड में खड़ा किया गया। इस दौरान जब ट्रैफिक एसएचओ ने चालक से कागजात मांगे तो वह भी एक भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसके तुरंत बाद ट्रैफिक पुलिस ने ट्राले को इंपाउंड कर दिया।
नहीं रुक रही ओवरलोडिंग, डीसी को पत्र के जवाब का इंतजार
जिले में ओवरलोडिंग अभी भी धड़ल्ले से जारी है। आरटीए स्टाफ पर्याप्त नहीं होने के चलते ओवरलोडिंग पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। सामाजिक संगठन व कुछ अधिवक्ता ओवरलोडिंग में संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। गत दिनों ही डीसी मुकेश आहूजा ने भी सरकार को पत्र लिखा है। इसमें दो बार ओवरलोडिंग का चालान होने पर क्रशर मालिक पर कार्रवाई का प्रावधान करने की अनुशंसा की गई है। अभी सरकार के जवाब का प्रशासन को इंतजार है।
आरओबी की मेंटिनेंस करवाने के कारण मार्ग वन-वे था। पुलिस टीम वहां ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए तैनात थी। इसी दौरान एक ट्राले का चालक और सहायक वाहन सड़क पर छोड़कर भाग गए। कुछ देर बाद जब लौटे तो इसके तुरंत बाद हमने उनसे चाबी लेकर ट्राले को साइड कर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु करवाई। उनके पास ट्राले के दस्तावेज नहीं थे। इसके चलते हमने वाहन को इंपाउंड कर दिया। - सुशील कुमार, ट्रैफिक एचएसओ