{"_id":"603957f48ebc3ee921060704","slug":"court-decission-in-bahadurgarh-bahadurgarh-news-rtk5974016134","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट के आदेश- पालिका की दुकानों के बरामदे खाली कराए नगर परिषद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट के आदेश- पालिका की दुकानों के बरामदे खाली कराए नगर परिषद
विज्ञापन
रेलवे रोड स्थित पालिका बाजार के बरामदों में अतिक्रमण से अवरुद्ध हो गए राहगीरों के रास्ते।
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। उपमंडल मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए नगर परिषद बहादुरगढ़ को शहर में रेलवे रोड व नाहरा नाहरी रोड स्थित परिषद की दुकानों के आगे बने बरामदे में से दुकानदारों के अवैध कब्जे हटवाने के आदेश दिए हैं। ताकि बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को सुविधा हो।
एसडीएम हितेंद्र कुमार ने अपने आदेश में कहा कि रेलवे रोड और नाहरा-नाहरी रोड स्थित नगर परिषद की दुकानों के आगे 6-6 फुट चौड़े जो बरामदे हैं वे दुकानदारों की संपत्ति नहीं है। ये नगर परिषद के हैं। परिषद ने इन बरामदों को पैदल आने-जाने वालों के लिए बनवाया था। दुकानदारों द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए जाने से ग्राहकों को बहुत परेशानी का सामन करना पड़ रहा है। एसडीएम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि नगर परिषद एक सप्ताह में इन बरामदों को खाली करवाकर आमजन के आने-जाने का रास्ता सुचारु करवाएं। इस केस में याचिका कर्ता राहुल मंडोरा के वकील विक्रम सिंह ने कहा कि एसडीएम कोर्ट ने हालांकि ये आदेश 5 फरवरी को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह की मौजूदगी में सुना दिए थे, लेकिन आदेशों की सत्यापित प्रति उन्हें 26 फरवरी को ही मिल पाई।
दरअसल, रेलवे रोड पर नगर परिषद बहादुरगढ़ की 69 दुकानें नगर परिषद द्वारा खुली बोली द्वारा 1978 से 1986 के बीच अलॉट की गई थी। जिनकी लंबाई 18 फुट और चौड़ाई 10 फुट है। आम जनता के आने जाने के लिए छह फुट चौड़ा बरामदा इन दुकानों के आगे बनाया गया था। परंतु दुकानदारों ने धीरे-धीरे इस छह फुट चौड़े बरामदे पर दोनों तरफ दीवारें खड़ी कर दी और ये बरामदा भी अपनी दुकानों में मिला लिया। जिससे बहादुरगढ़ की आम जनता को बीच सड़क चलने पर मजबूर होना पड़ रहा है। जगह कम होने से लोगों को दिनभर जाम का सामना करना पड़ता है। वहीं हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
विज्ञापन
राहुल मंडोरा द्वारा फरवरी 2015 में आरटीआई के जरिये मांगी गई जानकारी से यह स्पष्ट हो गया कि इन दुकानों के आगे छह फुट के बरामदे पर दुकानदारों ने अवैध कब्जा कर लिया है। जानकारी मिलने के बाद राहुल मंडोरा ने नगर परिषद बहादुरगढ़ को शिकायत दी। लेकिन अतिक्रमण को नहीं हटाया गया। इसके अलावा एसडीएम, डीसी और सीएम विंडो में आठ बार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। राहुल ने बताया कि वर्ष 2016 में झज्जर आए मुख्यमंत्री मनोहरलाल को भी उन्होंने अतिक्रमण की शिकायत दी।
सरकारी व प्रशासनिक स्तर पर बार-बार दस्तक देने के बावजूद अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो राहुल ने वर्ष 2017 में सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट के न्यायालय में अधिवक्ता विक्रम सिंह के जरिये केस नंबर 42 सीआरपीसी 133 के तहत याचिका दायर की। उन्होंने अपना पक्ष सभी दस्तावेजों के साथ मजबूती से पेश किया। जिसके बाद यह फैसला आया है। राहुल मंडोरा ने बताया कि उन्होंने एसडीएम कोर्ट के आदेशों की प्रति नगर परिषद को उपलब्ध करवा दी है। अब परिषद एक सप्ताह के अंदर आदेशों को लागू नहीं करेगी तो वह अगली कानूनी कार्यवाही करेंगे।
क्या कहा नगर परिषद ने
एसडीएम कोर्ट के आदेश हमें मिल गए हैं। दुकानदारों को जल्द ही नोटिस जारी करके बरामदे खाली करने के निर्देश दिए जाएंगे और जो दुकानदार अतिक्रमण नहीं हटाएगा उसका किरायानामा रद्द कर दिया जाएगा।
-अतर सिंह, ईओ, नगर परिषद
विज्ञापन
एसडीएम हितेंद्र कुमार ने अपने आदेश में कहा कि रेलवे रोड और नाहरा-नाहरी रोड स्थित नगर परिषद की दुकानों के आगे 6-6 फुट चौड़े जो बरामदे हैं वे दुकानदारों की संपत्ति नहीं है। ये नगर परिषद के हैं। परिषद ने इन बरामदों को पैदल आने-जाने वालों के लिए बनवाया था। दुकानदारों द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए जाने से ग्राहकों को बहुत परेशानी का सामन करना पड़ रहा है। एसडीएम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि नगर परिषद एक सप्ताह में इन बरामदों को खाली करवाकर आमजन के आने-जाने का रास्ता सुचारु करवाएं। इस केस में याचिका कर्ता राहुल मंडोरा के वकील विक्रम सिंह ने कहा कि एसडीएम कोर्ट ने हालांकि ये आदेश 5 फरवरी को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह की मौजूदगी में सुना दिए थे, लेकिन आदेशों की सत्यापित प्रति उन्हें 26 फरवरी को ही मिल पाई।
विज्ञापन
दरअसल, रेलवे रोड पर नगर परिषद बहादुरगढ़ की 69 दुकानें नगर परिषद द्वारा खुली बोली द्वारा 1978 से 1986 के बीच अलॉट की गई थी। जिनकी लंबाई 18 फुट और चौड़ाई 10 फुट है। आम जनता के आने जाने के लिए छह फुट चौड़ा बरामदा इन दुकानों के आगे बनाया गया था। परंतु दुकानदारों ने धीरे-धीरे इस छह फुट चौड़े बरामदे पर दोनों तरफ दीवारें खड़ी कर दी और ये बरामदा भी अपनी दुकानों में मिला लिया। जिससे बहादुरगढ़ की आम जनता को बीच सड़क चलने पर मजबूर होना पड़ रहा है। जगह कम होने से लोगों को दिनभर जाम का सामना करना पड़ता है। वहीं हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
विज्ञापन
राहुल मंडोरा द्वारा फरवरी 2015 में आरटीआई के जरिये मांगी गई जानकारी से यह स्पष्ट हो गया कि इन दुकानों के आगे छह फुट के बरामदे पर दुकानदारों ने अवैध कब्जा कर लिया है। जानकारी मिलने के बाद राहुल मंडोरा ने नगर परिषद बहादुरगढ़ को शिकायत दी। लेकिन अतिक्रमण को नहीं हटाया गया। इसके अलावा एसडीएम, डीसी और सीएम विंडो में आठ बार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। राहुल ने बताया कि वर्ष 2016 में झज्जर आए मुख्यमंत्री मनोहरलाल को भी उन्होंने अतिक्रमण की शिकायत दी।
सरकारी व प्रशासनिक स्तर पर बार-बार दस्तक देने के बावजूद अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो राहुल ने वर्ष 2017 में सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट के न्यायालय में अधिवक्ता विक्रम सिंह के जरिये केस नंबर 42 सीआरपीसी 133 के तहत याचिका दायर की। उन्होंने अपना पक्ष सभी दस्तावेजों के साथ मजबूती से पेश किया। जिसके बाद यह फैसला आया है। राहुल मंडोरा ने बताया कि उन्होंने एसडीएम कोर्ट के आदेशों की प्रति नगर परिषद को उपलब्ध करवा दी है। अब परिषद एक सप्ताह के अंदर आदेशों को लागू नहीं करेगी तो वह अगली कानूनी कार्यवाही करेंगे।
क्या कहा नगर परिषद ने
एसडीएम कोर्ट के आदेश हमें मिल गए हैं। दुकानदारों को जल्द ही नोटिस जारी करके बरामदे खाली करने के निर्देश दिए जाएंगे और जो दुकानदार अतिक्रमण नहीं हटाएगा उसका किरायानामा रद्द कर दिया जाएगा।
-अतर सिंह, ईओ, नगर परिषद