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सीएमओ ने खुद लाइन में खड़े होकर जाना मरीजों का दर्द
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जध-बहादुरगढ़
Updated Wed, 03 Sep 2014 12:18 AM IST
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सामान्य अस्पताल में लड़खड़ाई स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के लिए सिविल सर्जन डॉ. रमेश धनखड़ ने औचक निरीक्षण किया।
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उन्होंने अस्पताल की कई ओपीडी के अलावा दवा केंद्र पर मरीजों की तरह लाइन में लगकर यहां की व्यवस्थाओं को जाना। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कुछ खामियां नजर आई तो तुरंत अस्पताल के एमएस व एसएमओ को इसके बारे में अवगत कराते हुए दूर करने के निर्देश भी दिए।
साथ में मनमानी करने वालों पर शिकंजा कसने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि दवा के चार काउंटरों में से जो दो काउंटर बंद रहते हैं, उन्हें खोला जाए ताकि मरीजों को जल्द दवा उपलब्ध हो सके।
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सौ बिस्तरों के सामान्य अस्पताल में सस्ते व बेहतर इलाज के लिए न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्र से दूर-दूर से मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन यहां रामभरोसे ही उनका इलाज हो रहा है।
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सोमवार को हड्डी रोग विभाग में कई घंटों तक डाक्टर की मौजूदगी न होने से दर्द से कराहते हुए मरीजों ने यहां की चरमराई व्यवस्थाओं को लेकर खूब रोष जताया था।
ओटी में भी किसी ने उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया। सुबह करीब नौ बजे से लेकर दोपहर के करीब एक बजे तक हड्डी रोग की ओपीडी में इलाज के लिए आए मरीजों की जांच प्रभावित हुई थी।
इसी तरह की अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. रमेश धनखड़ ने मंगलवार को सामान्य अस्पताल का दौरा किया।
उन्होंने अपने दौरे के दौरान अस्पताल के प्रसूतिगृह, दवा केंद्र, वार्डों में भर्ती मरीजों का हालचाल जाना साथ में उनसे दवाओं के बारे में जानकारी भी जुटाई कि उन्हें अस्पताल से दवा मिल रही है या बाहर से खरीदकर लानी पड़ रही है। प्रसूतिगृह में भर्ती महिलाओं से भी उन्होंने बातचीत की।
यही नहीं सिविल सर्जन ने अस्पताल में स्ट्रेचरों व व्हील चेयर की कमी को दूर करने, यहां पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने, मरीजों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. रीटा जैन, डॉ. मुकेश इंदौरा और डॉ. सुमन कोहली सहित अन्य को दिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी गर्भवती महिला व अन्य किसी इलाज के लिए आने वाले मरीजों के साथ चिकित्सकों व स्टाफ का व्यवहार ठीक नहीं मिला तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को शालीनता से व्यवहार करने, समय पर ड्यूटी पर आने व सभी चिकित्सकों को बेहतर चिकित्सा जांच करने के लिए कहा ताकि मरीजों को निजी अस्पतालों की शरण न लेनी पड़े।
सीनियर सिटीजन की हो अलग व्यवस्था
दवा केंद्र पर लगने वाली लंबी लाइन के दौरान मरीजों को किस तरह से दिक्कतें उठानी पड़ रही है इसका हाल सीएमओ ने स्वयं लाइन में खड़े होकर जाना।
उन्होंने दवा केंद्र पर महिलाओं व सीनियर सिटीजन के लिए खोले गए काउंटरों पर दवा दिलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।उन्होंने कहा कि चार काउंटरों में से जो दो काउंटर बंद रहते हैं, उन्हें खोला जाए ताकि मरीजों को जल्द दवा उपलब्ध हो सके।
बाहर की दवा लिखी तो कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने चिकित्सकों को कड़े निर्देश दिए कि यदि किसी चिकित्सक ने अपने लालच में मरीजों के कार्ड पर बाहर की महंगी दवाइयां लिखी तो उन्हें चार्जशीट किया जाएगा। मरीजों के हितों का ध्यान रखते हुए उनका उपचार करना चाहिए।