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खाली प्लाटों ने खड़ा किया संकट, पानी भरने से मलेरिया-डेंगू का खतरा
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शहर की कॉलोनियों के खाली प्लॉटों ने आसपास के लोगों के लिए संकट खड़ा कर दिया है। मानसून की लगातार तीन दिन हुई बारिश की वजह से खाली प्लॉटों में जलभराव हो गया है। इसमें अब लारवा पनपने का खतरा पैदा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग और नपा ने इस परेशानी से निपटने के लिए अभी तक कोई प्रबंध नहीं किया है। अगर शीघ्र ही दवाइयों का छिड़काव पानी में नहीं करवाया गया तो मलेरिया व डेंगू फैलने का खतरा शहर के ऐसे इलाकों में बढ़ सकता है। नपा की ओर से इस साल शहर में फॉगिंग भी नहीं करवाई गई है। जिले के पांच लोग अब तक मलेरिया की चपेट में आ चुके हैं। लेकिन शहर में अभी तक स्थिति सामान्य चल रही है। जलभराव की स्थिति के चलते अब स्थिति बिगड़ सकती है।
इन कॉलोनियों में अधिक समस्या
जलभराव की समस्या शहर की आउटर कॉलोनियों में अधिक है क्योंकि बाहरी कॉलोनियां इतनी विकसित नहीं हो पाई हैं तो वहां पर प्लॉट खाली पड़े हैं। वहां पर इस तरह की समस्या अधिक है। शहर की छारा चुंगी, कंवर सिंह कॉलोनी, लालचंद कॉलोनी, सुभाष नगर, रहणिया कॉलोनी, डिफेंस कॉलोनी बादली रोड जैसे इलाकों में एक तिहाई प्लॉट खाली पड़े हैं। इनमें इस समय बारिश का पानी भर गया है।
नपा के पास नहीं प्लॉट मालिकों का रिकॉर्ड
शहर के 18 हजार रिहायशी प्रॉपर्टी हैं। इसमें से अभी पांच हजार खाली प्लॉट हैं। इसके करीब 20 प्रतिशत प्लॉट मालिकों का रिकॉर्ड नपा के पास नहीं है। इसके चलते नपा ऐसे प्लॉट मालिकों को नोटिस भी जारी नहीं कर पाता, जिसके प्लॉट में पानी खड़ा हुआ है। ऐसे प्लॉटों की वजह से नपा को केवल मानसून सीजन ही नहीं पूरे साल परेशानी होती है क्योंकि बाकी समय में ऐसे प्लॉटों में लोग कूड़ा डालते हैं। इसी वजह से स्वच्छ सर्वेक्षण में भी शहर को खामियाजा भुगतना पड़ता है।
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प्लॉट मालिकों को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं शहर में फॉगिंग करने का कार्य इसी सप्ताह से शुरू करवा दिया जाएगा। मलेरिया व डेंगू को रोकने के लिए नपा पूरे प्रयास करेगी।
नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
शहर में जलभराव वाले स्थानों पर दवाई डलवाई जाएगी। इससे पानी में लारवा नहीं बन पाएगा। फॉगिंग के लिए नपा व ग्राम पंचायतों को भी पत्र लिखकर सूचित किया जाएगा। फॉगिंग के लिए दवाई स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही है।
कुलदीप सिंह, डीएमओ, झज्जर।
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इन कॉलोनियों में अधिक समस्या
जलभराव की समस्या शहर की आउटर कॉलोनियों में अधिक है क्योंकि बाहरी कॉलोनियां इतनी विकसित नहीं हो पाई हैं तो वहां पर प्लॉट खाली पड़े हैं। वहां पर इस तरह की समस्या अधिक है। शहर की छारा चुंगी, कंवर सिंह कॉलोनी, लालचंद कॉलोनी, सुभाष नगर, रहणिया कॉलोनी, डिफेंस कॉलोनी बादली रोड जैसे इलाकों में एक तिहाई प्लॉट खाली पड़े हैं। इनमें इस समय बारिश का पानी भर गया है।
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नपा के पास नहीं प्लॉट मालिकों का रिकॉर्ड
शहर के 18 हजार रिहायशी प्रॉपर्टी हैं। इसमें से अभी पांच हजार खाली प्लॉट हैं। इसके करीब 20 प्रतिशत प्लॉट मालिकों का रिकॉर्ड नपा के पास नहीं है। इसके चलते नपा ऐसे प्लॉट मालिकों को नोटिस भी जारी नहीं कर पाता, जिसके प्लॉट में पानी खड़ा हुआ है। ऐसे प्लॉटों की वजह से नपा को केवल मानसून सीजन ही नहीं पूरे साल परेशानी होती है क्योंकि बाकी समय में ऐसे प्लॉटों में लोग कूड़ा डालते हैं। इसी वजह से स्वच्छ सर्वेक्षण में भी शहर को खामियाजा भुगतना पड़ता है।
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प्लॉट मालिकों को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं शहर में फॉगिंग करने का कार्य इसी सप्ताह से शुरू करवा दिया जाएगा। मलेरिया व डेंगू को रोकने के लिए नपा पूरे प्रयास करेगी।
नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
शहर में जलभराव वाले स्थानों पर दवाई डलवाई जाएगी। इससे पानी में लारवा नहीं बन पाएगा। फॉगिंग के लिए नपा व ग्राम पंचायतों को भी पत्र लिखकर सूचित किया जाएगा। फॉगिंग के लिए दवाई स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही है।
कुलदीप सिंह, डीएमओ, झज्जर।