{"_id":"5d7e9d318ebc3e93b434506c","slug":"civic-jhjhar-news-rtk5181841153","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकारियों ने की लाइट टेंडर रद्द करने की सिफारिश तो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकारियों ने की लाइट टेंडर रद्द करने की सिफारिश तो
विज्ञापन
शहर को दूधिया रोशनी में जगमग करने के लिए लगाए गए करीब पांच करोड़ के तीन टेेंडर में अब अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। जिस पर पर्दा डालने के लिए नपा अधिकारियों ने चेयरमैन से टेंडर रद्द करने की सिफारिश कर डाली। अब चेयरमैन ने इस पर संज्ञान लेते हुए नपा सचिव से जवाब मांग लिया है कि पहले यह बताया जाए कि इसमें किसकी लापरवाही रही है, उसके बाद ही टेंडर रद्द किए जाएंगे। इसके चलते अब मामला खींचता हुआ दिखाई दे रहा है क्योंकि नपा सचिव पूरे मामले पर पर्दा डालकर अपने अधिकारियों की बचाने में लगे हैं। ऐसे में वे लापरवाही पर स्पष्ट जवाब देंगे तो उस अधिकारी पर कार्रवाई होना तय है।
टेंडर प्रक्रिया में यह रही गड़बड़
पांच करोड़ के तीन अलग-अलग टेंडर के लिए 11 फर्मों ने आवेदन किया था। नौ फर्मों के कागजात में कमी बताकर टेंडर प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। वहीं दो अलग-अलग फर्म के नाम तीन टेेंडर खोल दिए गए। इन फर्मों ने अपने ऑनलाइन अलग डिमांड ड्राफ्ट लगाए थे लेकिन मैनुअली में अलग डीडी लगा दिए। ऐसे में मामला दूसरे ठेकेदारों को पता लग गया तो उन्होंने सवाल उठा दिए कि 9 फार्म के कागजात सही जांचे गए तो इन दो फर्मों के कागजातों की पूरी जांच क्यों नहीं हुई। इस पर पर्दा डालने के लिए नपा अधिकारियों ने टेंडर रद्द करने की सिफारिश कर डाली।
शहर को होगा ये नुकसान
अधिकारियों की लापरवाही कहें या मिलीभगत लेकिन इसका खामियाजा शहर की 75 हजार आबादी को होगा। टेंडर प्रक्रिया फिर से पूरे होने में तीन माह का समय लगेगा। दीवाली पर भी इस साल दूधिया रोशनी से शहर जगमग नहीं हो पाएगा। तीन माह बाद सर्दियों के मौसम में ही शहर की गलियां व मुख्य सड़कें जगमग हो सकेंगी।
विज्ञापन
टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदारों से टेक्निकल गलती हुई है। मैनुअली उनके कागजात सही हैं लेकिन ऑनलाइन में गलती हो गई है। इसका पता भी बाद में लगा तो टेेंडर रद्द करने की सिफारिश की है।
नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
टेंडर रद्द करने की सिफारिश का पत्र नपा सचिव ने दिया है लेकिन अब उनसे पत्र लिखकर जवाब मांगा गया है कि आखिर इसमें लापरवाही किस अधिकारी की रही। लापरवाही करने वाले अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उसके बाद ही टेंडर रद्द करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कविता नंदवानी, नपा चेयरमैन, झज्जर।
विज्ञापन
टेंडर प्रक्रिया में यह रही गड़बड़
पांच करोड़ के तीन अलग-अलग टेंडर के लिए 11 फर्मों ने आवेदन किया था। नौ फर्मों के कागजात में कमी बताकर टेंडर प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। वहीं दो अलग-अलग फर्म के नाम तीन टेेंडर खोल दिए गए। इन फर्मों ने अपने ऑनलाइन अलग डिमांड ड्राफ्ट लगाए थे लेकिन मैनुअली में अलग डीडी लगा दिए। ऐसे में मामला दूसरे ठेकेदारों को पता लग गया तो उन्होंने सवाल उठा दिए कि 9 फार्म के कागजात सही जांचे गए तो इन दो फर्मों के कागजातों की पूरी जांच क्यों नहीं हुई। इस पर पर्दा डालने के लिए नपा अधिकारियों ने टेंडर रद्द करने की सिफारिश कर डाली।
विज्ञापन
शहर को होगा ये नुकसान
अधिकारियों की लापरवाही कहें या मिलीभगत लेकिन इसका खामियाजा शहर की 75 हजार आबादी को होगा। टेंडर प्रक्रिया फिर से पूरे होने में तीन माह का समय लगेगा। दीवाली पर भी इस साल दूधिया रोशनी से शहर जगमग नहीं हो पाएगा। तीन माह बाद सर्दियों के मौसम में ही शहर की गलियां व मुख्य सड़कें जगमग हो सकेंगी।
विज्ञापन
टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदारों से टेक्निकल गलती हुई है। मैनुअली उनके कागजात सही हैं लेकिन ऑनलाइन में गलती हो गई है। इसका पता भी बाद में लगा तो टेेंडर रद्द करने की सिफारिश की है।
नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
टेंडर रद्द करने की सिफारिश का पत्र नपा सचिव ने दिया है लेकिन अब उनसे पत्र लिखकर जवाब मांगा गया है कि आखिर इसमें लापरवाही किस अधिकारी की रही। लापरवाही करने वाले अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उसके बाद ही टेंडर रद्द करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कविता नंदवानी, नपा चेयरमैन, झज्जर।