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धनतेरस पर जमकर बिके बर्तन व आभूषण
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धनतेरस के दिन शहर वासियों ने जमकर खरीददारी की। शहर के हर बर्तन भंडार व आभूषणों की दुकानों पर महिला व पुरुष ग्राहकों की भारी भीड़ जुटी रही। हरेक दुकान ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। धनतेरस के दिन बर्तनों और आभूषणों का लगभग 3 करोड़ रुपये के आसपास व्यवसाय रहा।
धनतेरस के खास पर्व पर गृहिणियों ने जमकर खरीदारी की। ग्राहकों की भारी भीड़ को देखकर शहर का प्रत्येक बर्तन भंडार मालिक अपने कार्य में व्यस्त नजर आ रहा था। दुकानदारों ने पहले ही अपनी दुकानों में नए-नए डिजाइन के बर्तन सजा रखे थे। मुख्य बाजार के दुकानदार विक्रांत ने बताया कि ग्राहक ज्यादा पीतल व कांस्य के बर्तनों को अहमियत दे रहे हैं। इसके अलावा बड़े बर्तनों की खरीददारी ज्यादा हो रही है। शहर में धातु के बर्तनों की करीब 60 से ज्यादा दुकानें हैं। एक मोटे अनुमान के मुताबिक धनतेरस पर एक ही दिन में 80 लाख का कारोबार हुआ।
दो करोड़ के बिके आभूषण
बर्तनों की तरह आभूषणों की भी खूब बिक्री हुई। शहर की तमाम ज्वेलर्स के दुकानों पर खरीदारों की भीड़ थी। ग्राहकों को लुभाने के लिए एक से बढ़कर एक डिजाइन उपलब्ध थे। स्वर्णकारों ने खरीदारी करने पर लोगों को गिफ्ट भी दिए। स्वर्णकार संघ के एक पदाधिकारी के मुताबिक, नगर में लगभग 2 करोड़ के आभूषण बिके। चांदी के सिक्कों की भी जमकर बिक्री हुई। चांदी के देवी-देवताओं की मूर्तियां भी खूब बिकीं।
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धनतेरस के खास पर्व पर गृहिणियों ने जमकर खरीदारी की। ग्राहकों की भारी भीड़ को देखकर शहर का प्रत्येक बर्तन भंडार मालिक अपने कार्य में व्यस्त नजर आ रहा था। दुकानदारों ने पहले ही अपनी दुकानों में नए-नए डिजाइन के बर्तन सजा रखे थे। मुख्य बाजार के दुकानदार विक्रांत ने बताया कि ग्राहक ज्यादा पीतल व कांस्य के बर्तनों को अहमियत दे रहे हैं। इसके अलावा बड़े बर्तनों की खरीददारी ज्यादा हो रही है। शहर में धातु के बर्तनों की करीब 60 से ज्यादा दुकानें हैं। एक मोटे अनुमान के मुताबिक धनतेरस पर एक ही दिन में 80 लाख का कारोबार हुआ।
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दो करोड़ के बिके आभूषण
बर्तनों की तरह आभूषणों की भी खूब बिक्री हुई। शहर की तमाम ज्वेलर्स के दुकानों पर खरीदारों की भीड़ थी। ग्राहकों को लुभाने के लिए एक से बढ़कर एक डिजाइन उपलब्ध थे। स्वर्णकारों ने खरीदारी करने पर लोगों को गिफ्ट भी दिए। स्वर्णकार संघ के एक पदाधिकारी के मुताबिक, नगर में लगभग 2 करोड़ के आभूषण बिके। चांदी के सिक्कों की भी जमकर बिक्री हुई। चांदी के देवी-देवताओं की मूर्तियां भी खूब बिकीं।
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