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BPL Families: प्रदेश में कम होने के बजाय बढ़ गए गरीब परिवार, सैनी सरकार ने BPL कार्डों में की थी कटौती
Thu, 01 May 2025 05:00 AM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 01 May 2025 05:00 AM IST
सार
हरियाणा में गरीबों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने इसके आंकड़े पेश किए हैं। प्रदेश में 54 हजार 360 नए गरीब परिवार शामिल हो गए हैं। डिटेल में पढ़ें खबर...
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हरियाणा के सीएम नायब सैनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा में गरीबों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आंकड़ों की मानें तो प्रदेश में 54 हजार 360 नए गरीब परिवार शामिल हो गए हैं, जिनको मई में राशन वितरित किया जाएगा। विभाग ने अपनी सूची में इन परिवारों को शामिल कर लिया है जबकि अप्रैल में सरकार ने प्रदेश के 1609 परिवारों के राशन कार्ड काटे भी थे और सरकार ने बीपीएल श्रेणी में गलत तरीके से शामिल हुए परिवारों को 20 अप्रैल तक नाम कटवाने का समय दिया था। इसके बावजूद कम होने के बजाय गरीबों की संख्या बढ़ी।
अप्रैल के मुकाबले मई में प्रदेश में राशन कार्डों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रदेश में गरीब परिवारों की कुल संख्या बढ़कर 52 लाख 50 हजार 740 हो गई है जबकि अप्रैल में गरीब परिवारों की संख्या 51 लाख 96 हजार 380 थी। यहां बता दें कि परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में गलत तरीके से आय कम करने का मामला झज्जर में सामने आया था। इसके बाद क्रीड के तत्कालीन जिला प्रबंधक योगेश सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें सामने आया था कि आरोपी गलत तरीके से प्रदेश के कई जिलों के परिवारों के परिवार पहचान पत्रों में आय कम कर चुके हैं। इसके चलते 1609 परिवारों के बीपीएल कार्ड भी बन गए। इसके बाद सरकार ने विधानसभा में गलत तरीके से बने बीपीएल परिवारों के राशन कार्ड काटने की बात कही थी। अप्रैल के शुरुआत में सरकार ने फर्जी तरीके से बीपीएल बने परिवारों को एसएमएस भेजकर 20 अप्रैल तक कार्ड सरेंडर करने का मौका दिया था। 20 अप्रैल तक ऐसा नहीं करने वालों पर कानूनी कार्रवाई व रिकवरी की बात कही गई थी।
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अप्रैल के मुकाबले मई में प्रदेश में राशन कार्डों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रदेश में गरीब परिवारों की कुल संख्या बढ़कर 52 लाख 50 हजार 740 हो गई है जबकि अप्रैल में गरीब परिवारों की संख्या 51 लाख 96 हजार 380 थी। यहां बता दें कि परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में गलत तरीके से आय कम करने का मामला झज्जर में सामने आया था। इसके बाद क्रीड के तत्कालीन जिला प्रबंधक योगेश सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें सामने आया था कि आरोपी गलत तरीके से प्रदेश के कई जिलों के परिवारों के परिवार पहचान पत्रों में आय कम कर चुके हैं। इसके चलते 1609 परिवारों के बीपीएल कार्ड भी बन गए। इसके बाद सरकार ने विधानसभा में गलत तरीके से बने बीपीएल परिवारों के राशन कार्ड काटने की बात कही थी। अप्रैल के शुरुआत में सरकार ने फर्जी तरीके से बीपीएल बने परिवारों को एसएमएस भेजकर 20 अप्रैल तक कार्ड सरेंडर करने का मौका दिया था। 20 अप्रैल तक ऐसा नहीं करने वालों पर कानूनी कार्रवाई व रिकवरी की बात कही गई थी।
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दूसरी ओर, खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से वेबसाइट पर जारी गरीब परिवारों की सूची में यह आंकड़ा कई गुणा बढ़ गया। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 54 हजार 360 नए परिवार गरीब हो गए हैं जिन्हें जोड़ा गया है। अप्रैल के मुकाबले मई में एएवाई और एसबीपीएल परिवारों की संख्या बढ़कर 52 लाख 50 हजार 740 हो गई है। इन राशन कार्ड यूनिट यानी सदस्यों की संख्या एक करोड़ 99 लाख 36 हजार 943 हो गई है जबकि अप्रैल में सदस्यों की संख्या एक करोड़ 97 लाख 20 हजार 71 थी।
फरीदाबाद में सबसे ज्यादा गरीब बढ़े
खाद्य आपूर्ति विभाग की वेबसाइट पर जारी किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा गरीब फरीदाबाद में बढ़े हैं, जिनकी संख्या 10 हजार 752 है जबकि सबसे कम गरीब चरखी दादरी में 808 बढ़े हैं। यदि दूसरे जिलों की बात करें तो हर जिले में एक हजार से ज्यादा परिवार गरीब हुए हैं।
"जिन लोगों की आय एक लाख 80 हजार से कम होती है, उनके |ऑटोमेटिक बीपीएल कार्ड पीपीपी के जरिए बन जाते हैं। मई में 54 हजार से अधिक परिवार गरीबी रेखा की श्रेणी में आए हैं। यह देखा जाएगा कि आखिर किस आधार पर यह बीपीएल श्रेणी में आए हैं। अप्रैल में 1600 के करीबन बीपीएल कार्ड काटे भी गए थे।"
डॉ. सतीश खोला, स्टेट कोऑडिनेटर, परिवार पहचान पत्र
फरीदाबाद में सबसे ज्यादा गरीब बढ़े
खाद्य आपूर्ति विभाग की वेबसाइट पर जारी किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा गरीब फरीदाबाद में बढ़े हैं, जिनकी संख्या 10 हजार 752 है जबकि सबसे कम गरीब चरखी दादरी में 808 बढ़े हैं। यदि दूसरे जिलों की बात करें तो हर जिले में एक हजार से ज्यादा परिवार गरीब हुए हैं।
"जिन लोगों की आय एक लाख 80 हजार से कम होती है, उनके |ऑटोमेटिक बीपीएल कार्ड पीपीपी के जरिए बन जाते हैं। मई में 54 हजार से अधिक परिवार गरीबी रेखा की श्रेणी में आए हैं। यह देखा जाएगा कि आखिर किस आधार पर यह बीपीएल श्रेणी में आए हैं। अप्रैल में 1600 के करीबन बीपीएल कार्ड काटे भी गए थे।"
डॉ. सतीश खोला, स्टेट कोऑडिनेटर, परिवार पहचान पत्र
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बीते तीन माह में प्रदेश में बीपीएल राशन कार्डों की संख्या
- मार्च - 51,979,89
- अप्रैल- 51,96,380
- मई - 52,50,740