{"_id":"f4a55f0cfb8a61ab7622fb3120e9200b","slug":"bhindawas-lake-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वर्ल्ड वाइड हुई झज्जर की भिंडावास झील ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्ल्ड वाइड हुई झज्जर की भिंडावास झील
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Wed, 23 Sep 2015 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रवासी पक्षियों की सैरगाह यानि भिंडावास झील की चर्चा मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुई। देश दुनिया के लोग अब अपने स्मार्ट फोन पर एप के जरिए, ट्विटर, फेसबुक या ई-बुक से भिंडावास झील के बारे में हर जानकारी जैसे झील में आने वाली प्रजातियां, आस-पास का मौसम, खान-पान, रूट चार्ट के साथ-साथ विभिन्न प्रजातियों के दुर्लभ पक्षियों का कलरव घर बैठे सुन सकते हैं।
विज्ञापन
हरियाणा की सबसे बड़ी वेटलेंड भिंडावास पक्षी विहार में आने वाले पक्षियों के अनूठे संसार को लेकर आईएएस अधिकारी अजित बालाजी जोशी की परिकल्पना से अब भिंडावास पक्षी विहार अपनी खास पहचान के साथ वैश्विक परिदृश्य मेें स्थापित होने की दिशा में अग्रसर है। झज्जर की भिंडावास झील देश की ऐसी वेटलैंड है जो गूगल के प्ले स्टोर पर एप के तौर पर दर्ज हुई है।
विज्ञापन
मंगलवार को झज्जर जिले की भिंडावास पक्षी विहार की हर प्रकार की जानकारी को समेटे बर्ड्स ऑफ भिंडावास पुस्तिका, ई-बुक, मोबाइल एप, फेसबुक पेज व ट्विटर हैंडल का एक साथ विमोचन राष्ट्रीय राजधानी में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी की उपस्थिति में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा किया गया।
विज्ञापन
भिंडावास के प्रवासी व स्थानीय पक्षियों को समर्पित बर्ड्स ऑफ भिंडावास पुस्तिका को हिंदी व अंग्रेजी भाषा में तैयार किया गया है। पुस्तिका के सभी 268 पृष्ठ पर विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का सचित्र विवरण दर्शाया गया है।
पुस्तिका के प्रकाशन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली पूणे की संस्था इला फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. सतीश पांडे जोकि स्वयं भी पर्यावरणविद् हैं, ने बताया कि अजित बालाजी जोशी से इस झील के बारे में पहली बार सुना था, लेकिन जब इस झील का अवलोकन किया गया तो जैसे सुना था तो देखने मेें यहां का परिदृश्य कहीं अधिक बेहतर नजर आया। मानव निर्मित इस झील में साइबेरिया व अन्य देशों से हर वर्ष पक्षी भारत में आते हैं।
भारत में राजस्थान के भरतपुर तथा हरियाणा में गुड़गांव के सुल्तानपुर झील प्रवासी पक्षियों के बड़े केंद्र माने जाते हैं लेकिन बीते कई वर्षों से भरतपुर में जल संकट और सुल्तानपुर का क्षेत्रफल कम होने से प्रवासी पक्षियों में भिंडावास झील और झज्जर-रोहतक मार्ग स्थित खेत प्रवासी पक्षियों को लुभाने लगे हैं।
भिंडावास झील पर प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों की संख्या को देखते हुए आईएएस अजित बालाजी जोशी को पर्यटन की व्यापक संभावनाएं नजर आई। उपायुक्त एवं अतिरिक्त उपायुक्त रहे अजित बालाजी जोशी का भिंडावास के प्रति प्रेम झज्जर से तबादला होने उपरांत भी कम नहीं हुआ।
ईंट भट्ठा स्कूल, अल्ट्रासाउंड मशीन पर एक्टिव ट्रैकर के प्रयोग करने वाले अजित बालाजी जोशी ने जींद में उपायुक्त रहते हुए भी मोबाइल एप्लिकेशन, ई-बुक, फेसबुक व ट्विटर के दौर में भी भिंडावास को उसका सम्मान दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई है।
भिंडावास पर टूरिजम की संभावनाएं प्रबल: डॉ. अंशज
दिल्ली मेें भिंडावास पक्षी विहार को लेकर चर्चा में उपायुक्त डॉ. अंशज सिंह भी शामिल हुए। भिंडावास को टूरिज्म रिस्पांस की बड़ी संभावनाओं का केंद्र बताते हुए डॉ. सिंह ने पूर्ववर्ती उपायुक्त अजित बालाजी जोशी के अथक प्रयास की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि अपने सेवाकाल में भिंडावास के लिए जोशी के प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं। सरकार व पर्यावरणविद् मिलकर भिंडावास पक्षी विहार के विकास के लिए कार्यक्रम चलाएं तो जिला प्रशासन की ओर से विकास के हर कदम पर सहभागिता रहेगी।