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डाबौदा के जलघर में मृत मिली मछलियां, ग्रामीणों में रोष
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Thu, 01 Jun 2017 12:25 AM IST
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जलघ्ार में मृत मछलियां
- फोटो : amar ujala
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उपमंडल के गांव डाबौदा में दूषित पानी की सप्लाई को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने जलघर में जमकर रोष प्रकट किया। ग्रामीणों के रोष का प्रमुख कारण जलघर में मृत पड़ी हजारों मछलियां और नियमित पानी की सप्लाई न होना रहा। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए विभाग के एसडीई ने मौके पर ग्रामीणों को जलघर की सफाई करवाने और नियमित तौर पर पानी की सप्लाई कराने का आश्वासन दिया है।
जलघर पर मौजूद राजेन्द्र सिंह मलिक, रामकुमार, रामचन्द्र, दीपक पंच, बंट पंच, ढीला प्रधान, सतीश और राजसिंह ने बताया कि पानी के टैंक में हजारों की संख्या में मछलियां मृत पड़ी हैं जिनकी दुर्गंध गांव में दूर-दूर तक फैली हैं। लोगों का जीना मुहाल हो गया है। दूषित पानी की सप्लाई गांव में होने से जल जनित बीमारियां फैलने का खतरा बना है। पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। इसके लिए पानी की सप्लाई 10 दिनों में एक बार की जाती है। जलघर पर तैनात कच्चे कर्मचारियों को 6 माह से वेतन नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर विभाग के एसडीई सुभाष शर्मा जलघर पहुंचे और ग्रामीणों को जलघर की सफाई करवाने का आश्वासन दिया।
एसडीई सुभाष ने ग्रामीणों में बताया कि जलघर का कार्य विभाग अपने अधीन ले रहा है क्योंकि पहले जो ठेका छोड़ा गया था उसका ठेकेदार काम को बीच में छोड़कर भाग गया है। अब जलघर की सफाई के लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत कर काम शुरू कराया जाएगा ताकि ग्रामीणों को साफ और स्वच्छ पानी मिल सके।
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जलघर पर मौजूद राजेन्द्र सिंह मलिक, रामकुमार, रामचन्द्र, दीपक पंच, बंट पंच, ढीला प्रधान, सतीश और राजसिंह ने बताया कि पानी के टैंक में हजारों की संख्या में मछलियां मृत पड़ी हैं जिनकी दुर्गंध गांव में दूर-दूर तक फैली हैं। लोगों का जीना मुहाल हो गया है। दूषित पानी की सप्लाई गांव में होने से जल जनित बीमारियां फैलने का खतरा बना है। पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। इसके लिए पानी की सप्लाई 10 दिनों में एक बार की जाती है। जलघर पर तैनात कच्चे कर्मचारियों को 6 माह से वेतन नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर विभाग के एसडीई सुभाष शर्मा जलघर पहुंचे और ग्रामीणों को जलघर की सफाई करवाने का आश्वासन दिया।
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एसडीई सुभाष ने ग्रामीणों में बताया कि जलघर का कार्य विभाग अपने अधीन ले रहा है क्योंकि पहले जो ठेका छोड़ा गया था उसका ठेकेदार काम को बीच में छोड़कर भाग गया है। अब जलघर की सफाई के लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत कर काम शुरू कराया जाएगा ताकि ग्रामीणों को साफ और स्वच्छ पानी मिल सके।
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