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बैंकों की हड़ताल से 350 करोड़ का लेनदेन प्रभावित

Wed, 17 Mar 2021 01:43 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 17 Mar 2021 01:43 AM IST
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Bank strike and 350 crore transaction effected.
हड़ताल के कारण बंद पड़ा पंजाब नेशनल बैंक। संवाद - फोटो : Jhjhar
झज्जर। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रही। बैंकों के करीब एक हजार कर्मचारी हड़ताल दो दिन तक हड़ताल पर रहे हैं। मंगलवार को शहर में बैंक कर्मचारियों व विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और सरकार से बैंकों के निजीकरण के फैसले को वापस लेने की मांग की। बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर चले जाने के कारण दो दिन तक सरकारी बैंकों के गेट पर ताले लटके रहे और कोई भी काम नहीं हुआ। वह चाहे खातों में आदान-प्रदान का कार्य हो या फिर चेक पास करने का कार्य हो या फिर सरकारी योजनाओं के लिए राशि के आदान प्रदान का कार्य हो। दो दिन तक बैंकों की हड़ताल के कारण जिलेभर के बैंकों में करीब 350 करोड़ और झज्जर में 200 करोड़ रुपये से अधिक राशि का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
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जिले में हैं 192 बैंकों की शाखाएं
झज्जर जिले में सरकारी व प्राइवेट बैंकों की 192 बैंक ों की शाखाएं हैं। इनमें करीब 120 सरकारी बैंक व उनकी शाखाएं हैं। इनमें कार्यरत सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे बैंकों में कामकाज पूरी तरह से बंद रहा। बैंकों की हड़ताल से बढ़ी उपभोक्ताओं की परेशानी
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पहले शनिवार व रविवार की छुट्टी होने और सोमवार व मंगलवार का बैंकों की हड़ताल के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी भी बढ़ गई। बैंक बंद होने के कारण लोगों के खातों में राशि का आदान-प्रदान नहीं हो रहा है। दिनभर उपभोक्ता अपने बैंक खातों में राशि का आदान प्रदान करने के लिए इधर से उधर भटकते रहे। जिले के सरकारी बैंकों के कर्मचारी स्टेट बैंक के सामने एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए थे और उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उसके बाद शहर में नारेबाती करते हुए आंबेडकर चौक तक प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का फैसला वापस नहीं लेती है तो हड़ताल आगे भी जारी रहेगी।
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आज कामकाज पटरी पर लौटने की उम्मीद
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर दो दिन की हड़ताल के बाद मंगलवार को समाप्त हो गई है। अब बुधवार को बैंकों में कामकाज पटरी पर लौटने की संभावना है। बुधवार को बैंकों में काम का दबाव व लोगों भीड़ होने की संभावना है।
प्राइवेट बैंक रहे खुले, राशि का आदान प्रदान किया
जिन लोगों के प्राइवेट बैंकों में खाते हैं उन उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं हुई। प्राईवेट बैंक हड़ताल में शामिल न होने के कारण ये बैंक खुले रहे। इन बैंकों के उपभोक्ताओं ने अपने खातों में राशि का आदान-प्रदान किया।
एटीएम के बाहर लगी रही उपभोक्ताओं की लाइनें
जिन उपभोक्ताओं के पास एटीएम कार्ड थे या ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा थी उन उपभोक्ताओं को भी अधिक परेशानी नहीं हुई। लेकिन जिन उपभोक्ताओं के पास ये सुविधा नहीं हैं उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। इतना ही नहीं कई बैंकों की एटीएम में राशि न होने और एटीएम काम न करने के कारण लोगों की एटीएम के सामने लाइनें लगी रहीं। राशि निकलवाने के लिए लोगों को अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ा।
बैंकों का निजीकरण कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि आमजन के हित में भी नहीं है। जिले के बैंकों के लेनदेन को देखा जाए तो करीब 350 करोड़, जबकि झज्जर में करीब 200 करोड़ का लेनदेन अवश्य प्रभावित हुआ है। क्योंकि सरकारी बैंकों में दो दिन तक कोई कार्य नहीं हुआ।

- सरोज देवी, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई, झज्जर।
दो दिन तक करीब 120 सरकारी बैंकों व उनकी शाखाओं में कामकाज पूरी तरह से बंद रहा। इससे किसी भी सरकारी बैंक में राशि का आदान प्रदान या चेक क्लीयर नहीं हो पाए हैं।
- उमेश कुमार, एलडीएम, पंजाब नेशनल बैंक, झज्जर।

 प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी व सर्व कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि। संवाद

प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी व सर्व कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि। संवाद- फोटो : Jhjhar

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