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धरना-प्रदर्शन पर रोक लोकतंत्र का गला घोंटने वाला कदम : एसयूसीआई
Thu, 18 Jun 2026 03:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 18 Jun 2026 03:13 AM IST
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बहादुरगढ़। एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) ने हरियाणा सरकार द्वारा सितंबर तक प्रदेश में धरना, प्रदर्शन और रैलियों पर रोक लगाने के आदेश की कड़े शब्दों में निंदा की है। पार्टी के राज्य सचिव कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि सरकार का यह फैसला अलोकतांत्रिक, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत और लोकतंत्र का गला घोंटने वाला कदम है।
उन्होंने कहा कि धरना, प्रदर्शन और रैलियां लोकतंत्र की ऑक्सीजन हैं। सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण लोगों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं लेकिन उनका समाधान करने के बजाय जनता की आवाज उठाने के मौलिक अधिकार पर रोक लगाई जा रही है। यह एक फासीवादी और तानाशाही रवैया है जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
राजेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) इसके विरोध में व्यापक आंदोलन खड़ा करने को बाध्य होगी। साथ ही ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले को लेकर केंद्र सरकार की चुप्पी की आलोचना करते हुए इसे भारत की साम्राज्यवाद विरोधी परंपरा के विपरीत बताया।
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उन्होंने कहा कि धरना, प्रदर्शन और रैलियां लोकतंत्र की ऑक्सीजन हैं। सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण लोगों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं लेकिन उनका समाधान करने के बजाय जनता की आवाज उठाने के मौलिक अधिकार पर रोक लगाई जा रही है। यह एक फासीवादी और तानाशाही रवैया है जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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राजेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) इसके विरोध में व्यापक आंदोलन खड़ा करने को बाध्य होगी। साथ ही ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले को लेकर केंद्र सरकार की चुप्पी की आलोचना करते हुए इसे भारत की साम्राज्यवाद विरोधी परंपरा के विपरीत बताया।
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