{"_id":"6495acfa29723432e105d398","slug":"bahadurgarh-farmers-announced-to-start-food-sacrifice-satyagraha-2023-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: किसानों ने किया अन्न त्याग सत्याग्रह शुरू करने का एलान, पंचायत कर लिया निर्णय, जानिए क्या है मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: किसानों ने किया अन्न त्याग सत्याग्रह शुरू करने का एलान, पंचायत कर लिया निर्णय, जानिए क्या है मांग
Fri, 23 Jun 2023 08:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 23 Jun 2023 08:02 PM IST
सार
गुरुवार को मुख्यमंत्री से वार्ता विफल होने पर किसानों ने औसादा में पंचायत कर निर्णय लिया है। सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। रमेश दलाल ने कहा कि 25 मांगों को पूरा कराकर ही दम लेंगे। मांडौठी केएमपी टोल पर धरना स्थल पर ही सत्याग्रह चलेगा।
विज्ञापन
पंचायत को संबोधित करते किसान नेता रमेश दलाल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मुख्यमंत्री से वार्ता विफल होने के बाद शुक्रवार को भूमि बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में हरियाणा के बहादुरगढ़ के आसौदा में किसान पंचायत हुई। इसमें किसानों ने जोर शोर से मांगें उठाई । सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए साफ कहा कि मुआवजे और समगौत्र विवाह निषेध की मांग पर किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जा सकता। 25 मांगे पूरी कराकर ही दम लेंगे। उन्होंने मांडौठी केएमपी टोल पर चल रहे धरना स्थल पर ही अन्न त्याग सत्याग्रह शुरू करने का एलान कर दिया।
विज्ञापन
जमीन अधिग्रहण के मुआवजे सहित कई मांगों को लेकर छह महीने से मांडौठी केएमपी टोल पर किसानों का धरना चल रहा है। इस आंदोलन के तहत हरियाणा बंद और भारत बंद तक का एलान किया जा चुका है।
विज्ञापन
गुरुवार को भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं किसान नेता रमेश दलाल की चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के साथ मुलकात हुई थी। रमेश दलाल के अनुसार सीएम से वार्ता सिरे नहीं चढ़ सकी। उनकी मांगों का कोई समाधान नहीं हुआ। वार्ता विफल होने के बाद किसानों ने शुक्रवार को आसौदा में पंचायत का एलान कर दिया था।
विज्ञापन
शुक्रवार को आसौदा के दादा बूढ़ा मदिर में किसानों की पंचायत में काफी संख्या में किसान जुटे। इसमें किसान नेता रमेश दलाल ने कहा कि करीब छह महीने से किसान संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार सुनवाई नहीं कर रही। सरकार आर्बिटेशन के जरिये बढ़ा हुआ मुआवजा देना चाहती है और किसान अवार्ड में संशोधन की मांग कर रहे हैं।
अवार्ड में संशोधन से ही बढ़ा हुआ मुआवजा लेंगे और फिर कोर्ट से चार गुणा मुआवजा बढ़वाएंगे। मुआवजे और समगौत्र विवाह निषेध की मांग पर किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जा सकता। सरकार के पास हमारी तमाम मांगें जा चुकी हैं। वार्ता भी हो चुकी है और अब मजबूती के साथ लड़ाई लड़ेंगे।
किसानों को एकजुट करने के लिए अन्न त्याग सत्याग्रह शुरू किया जा रहा है। एकजुट होने के बाद सड़क, रेल और पानी रोक देंगे। सरकार ने किसानों को डरा रखा है। अन्न त्याग सत्याग्रह से वह अपने किसानों को एकजुट करेगी और अपने साथ खड़ा करेगी। रमेश दलाल ने कहा कि सरकार उन्हें दबाने और डराने का प्रयास कर रही है।