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मैन लिफ्ट की चपेट में आने से मैट्रो गार्ड की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 25 Jun 2016 01:00 AM IST
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सिटी पार्क के पास मैट्रो के निर्माण कार्य के दौरान एक सुरक्षा कर्मी की मेन लिफ्ट के नीचे दबने से मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। भारतीय मजदूर संघ ने संबंधित कंपनी से मृतक के परिवार को कम से कम 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
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मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जिला आजमगढ़ का रहने वाला चंद्रिका प्रसाद मुंडका-बहादुरगढ़ मेट्रो परियोजना निर्माण कार्य के दौरान गार्ड के पद तैनात था। शुक्रवार को जब उसकी ड्यूटी सेक्टर 6 की दूसरी पुलिया पर थी तो काम के दौरान लिफ्ट की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वर्तमान में चंद्रिका प्रसाद सांखोल गांव में रहता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में रखवा दिया है। जांच अधिकारी का कहना है कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चंद्रिका प्रसाद गोरैया पर्यटन स्थल के निर्माणाधीन बैंकेट हॉल के सामने मेट्रो ट्रैक के नीचे खड़ा मेट्रो के अधिकारियों को कोई जानकारी दे रहा था। इसी बीच ऊपर से आई मेन लिफ्ट की ट्रॉली सीधे चंद्रिका के सिर में लगी। जिससे चंद्रिका नीचे गिर गया। हड़बड़ी में ऑपरेटर से गलती हो गई और उसने लिफ्ट को एक तरफ करने की कोशिश की तो वह नीचे गिरे चंद्रिका के ऊपर चढ़ गई। जिससे चंद्रिका कुचला गया। मौके पर शोर मच गया। नीचे मौजूद लोगों ने ऑपरेटर को आवाज लगाकर लिफ्ट को हटवाया और घायल चंद्रिका को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने कुछ ही मिनट बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बीएमएस के नेता रोहतास यादव ने डीएमआरसी से मृतक चंद्रिका प्रसाद के पीड़ित परिवार को कम से कम 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
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