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किसान का बेटा वायुसेना में बना पायलट
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 21 Jun 2016 12:28 AM IST
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वायुसेना
- फोटो : Bureau
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गांव लोवा खुर्द के किसान के बेटे ने अपनी कामयाबी की बुलंदियों को छूते हुए न केवल अपना, परिवार बल्कि गांव का नाम रोशन किया है। उन्होंने भारतीय वायु सेना में कमीशन हासिल किया और पायलट के पद पर आसीन हुआ। उसकी इस उपलब्धि से ग्रामीण भी गदगद नजर आ रहे हैं। बचपन से ही पायलट बनने की इच्छा रखने वाले मनोज कुमार के बेटे रवि जून ने अपने सपनों को ऊंची उड़ान दी।
कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। वायु सेना में कमीशन हासिल कर फिलहाल रवि को हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में सेवा करने का मौका मिला है। युवा अधिकारी रवि जून ने बताया कि उन्होंने दसवीं तक की शिक्षा बहादुरगढ़ के विजय सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हासिल की। इसके बाद कुरुक्षेत्र के गुरुकुल से बारहवीं की कक्षा में प्रथम स्थान पाया। एयर फोर्स ज्वाइन करने को लेकर शुरू से ही उनमें जज्बा रहा। जिसके कारण बारहवीं के बाद एनडीए की परीक्षा भी दी पर साक्षात्कार में किन्ही कारणों से सफल नहीं हो पाए, लेकिन उन्होंने अपनी उम्मीदों को नहीं छोड़ा और सपनों को साकार करने के लिए बी-टेक के बाद एएफसीएटी की परीक्षा पास की और वायुसेना अकादमी में चयन हुआ। उन्होंने बताया कि 18 महीनों की कठिन ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कमीशन दिया गया है।
परिजनों को दिया श्रेय
रवि कुमार के पायलट बनने के बाद से ही गांव में खुशी का माहौल है। रवि का कहना है कि उनके पिता जहां किसान हैं तो दादा राजकरण जून मुख्य अध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हैं। मां नीलम गृहणी हैं। परिवार के सभी सदस्यों के आशीर्वाद के चलते वे सफलता की ऊंचाइयां छू सके हैं। रवि के पायलट बनने पर विधायक नरेश कौशिक, शिक्षाविद डॉ. कुलदीप जून ने भी उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
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कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। वायु सेना में कमीशन हासिल कर फिलहाल रवि को हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में सेवा करने का मौका मिला है। युवा अधिकारी रवि जून ने बताया कि उन्होंने दसवीं तक की शिक्षा बहादुरगढ़ के विजय सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हासिल की। इसके बाद कुरुक्षेत्र के गुरुकुल से बारहवीं की कक्षा में प्रथम स्थान पाया। एयर फोर्स ज्वाइन करने को लेकर शुरू से ही उनमें जज्बा रहा। जिसके कारण बारहवीं के बाद एनडीए की परीक्षा भी दी पर साक्षात्कार में किन्ही कारणों से सफल नहीं हो पाए, लेकिन उन्होंने अपनी उम्मीदों को नहीं छोड़ा और सपनों को साकार करने के लिए बी-टेक के बाद एएफसीएटी की परीक्षा पास की और वायुसेना अकादमी में चयन हुआ। उन्होंने बताया कि 18 महीनों की कठिन ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कमीशन दिया गया है।
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परिजनों को दिया श्रेय
रवि कुमार के पायलट बनने के बाद से ही गांव में खुशी का माहौल है। रवि का कहना है कि उनके पिता जहां किसान हैं तो दादा राजकरण जून मुख्य अध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हैं। मां नीलम गृहणी हैं। परिवार के सभी सदस्यों के आशीर्वाद के चलते वे सफलता की ऊंचाइयां छू सके हैं। रवि के पायलट बनने पर विधायक नरेश कौशिक, शिक्षाविद डॉ. कुलदीप जून ने भी उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
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