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Jhajjar-Bahadurgarh News: धूप निकलने पर ही करें खरपतवार नाशक दवा का छिड़काव
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बादली। रबी सीजन में तहसील और आसपास के क्षेत्रों में गेहूं की बुवाई का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में कम रहा है। कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष रकबा घटने का मुख्य कारण क्षेत्र में अधिक बारिश होना है। जलभराव के चलते गेहूं की फसल कम रकबे में हुई है लेकिन जो फसल लगी है उसकी सुरक्षा के लिए किसान कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
फिलहाल किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या खरपतवार बना है। गेहूं में अनचाहे पौधे होने से गेहूं की फुटाव पर असर पड़ रहा है। ऐसे में किसानों ने खरपतवार नाशक दवाई का छिड़काव शुरू कर दिया है। ऐसे में छिड़काव धूप निकलने के बाद ही करें।
किसान दीपक, धर्मवीर और कुलदीप ने बताया कि गेहूं में बथुआ, मेथा और जंगली जई जैसे खरपतवार बड़ी मात्रा में उग आए हैं। छोटे और चौड़े पत्तों की खरपतवार इस बार ज्यादा देखने को मिल रही है। पिछले 10-12 दिनों से किसान इन खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए बड़े पैमाने पर खरपतवार नाशक दवाओं (वी डिसाइड) का छिड़काव कर रहे हैं।
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कृषि विशेषज्ञ एवं एसडीओ सुनील कौशिक ने किसानों को छिड़काव के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। कहा कि सही तरीके से छिड़काव न करना भी गेहूं फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
कृषि विशेषज्ञों की किसानों को सलाह
- खरपतवार नाशक का छिड़काव पहली सिंचाई के 10-12 दिन बाद करे
- छिड़काव धूप निकलने के बाद ही करें
- गिल्ली डंडा और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों का अलग-अलग सप्रे करें
- सही नमी और फ्लैट फैन नोजल का इस्तेमाल करें
- स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मुंह पर कपड़ा रखकर ही करें सपना
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फिलहाल किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या खरपतवार बना है। गेहूं में अनचाहे पौधे होने से गेहूं की फुटाव पर असर पड़ रहा है। ऐसे में किसानों ने खरपतवार नाशक दवाई का छिड़काव शुरू कर दिया है। ऐसे में छिड़काव धूप निकलने के बाद ही करें।
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किसान दीपक, धर्मवीर और कुलदीप ने बताया कि गेहूं में बथुआ, मेथा और जंगली जई जैसे खरपतवार बड़ी मात्रा में उग आए हैं। छोटे और चौड़े पत्तों की खरपतवार इस बार ज्यादा देखने को मिल रही है। पिछले 10-12 दिनों से किसान इन खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए बड़े पैमाने पर खरपतवार नाशक दवाओं (वी डिसाइड) का छिड़काव कर रहे हैं।
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कृषि विशेषज्ञ एवं एसडीओ सुनील कौशिक ने किसानों को छिड़काव के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। कहा कि सही तरीके से छिड़काव न करना भी गेहूं फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
कृषि विशेषज्ञों की किसानों को सलाह
- खरपतवार नाशक का छिड़काव पहली सिंचाई के 10-12 दिन बाद करे
- छिड़काव धूप निकलने के बाद ही करें
- गिल्ली डंडा और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों का अलग-अलग सप्रे करें
- सही नमी और फ्लैट फैन नोजल का इस्तेमाल करें
- स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मुंह पर कपड़ा रखकर ही करें सपना