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आंदोलनकारी किसानों ने बिजली आपूर्ति के लिए लगाया जाम
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बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर से जाखोदा गांव तक करीब 15 किलोमीटर लंबे पड़ाव में धरना दिए बैठे किसानों को आजकल गर्मी की वजह से परेशानी हो रही है। नियमित रूप से बिजली नहीं मिलने से परेशान आंदोलनकारियों ने शुक्रवार को दिल्ली-रोहतक बाईपास पक कसार मोड़ के निकट जाम लगा दिया। इससे कुछ देर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार दोपहर बाद करीब 3 बजकर 10 मिनट पर पंजाब के 50 से अधिक आंदोलनकारी किसान बिजली की समस्या को लेकर बाईपास पर कसार मोड़ के पास हाईवे पर बैठ गए, इससे जाम लग गया। कुछ ही देर में काफी संख्या में वाहन फंस गए। राहगीर वाहन चालकों ने किसानों से जाम खोलने की विनती की तो किसानों ने आपस में सलाह कर कुछ ही देर बाद जाम खत्म कर दिया।
इधर, वीरवार रात को किसानों की एक झोपड़ी में आग लग गई। इसको किसानों ने खुद ही बुझा दिया। इस झोपड़ी को बनाने में लकड़ी का अधिक इस्तेमाल हुआ है। इस घटना में कुछ निर्माण सामग्री जल गई। आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट होना बताया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह के पुत्र अजित सिंह को किसानों ने दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी।
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भाकियू जींद के अध्यक्ष जोगिंदर नैन ने टीकरी बॉर्डर पर आयोजित मुख्य सभा में किसानों संबोधित करते हुए प्रशासन से किसानों के पड़ाव में एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड की सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध करवाने की मांग की, ताकि कोई अप्रिय घटना नहीं घट सके। उन्होंने कोरोना महामारी बारे में कहा कि देश में ऑक्सीजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। नैन ने कहा कि आंदोलन के दौरान जितने भी चुनाव होंगे हर चुनाव में भाजपा पश्चिम बंगाल की तरह हारेगी। बंगाल में अपनी हार को देखते हुए प्रधानमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। रोहतक के टिटोली से आए जयपाल कुंडू, भारतीय किसान सभा दिल्ली के महावीर राठी नीलवाल, कैथल जिले के पाई से आए सुमित ढुल और रमेश ढुल ने टीकरी बॉर्डर सभा में अपने विचार व्यक्त किए।
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शुक्रवार दोपहर बाद करीब 3 बजकर 10 मिनट पर पंजाब के 50 से अधिक आंदोलनकारी किसान बिजली की समस्या को लेकर बाईपास पर कसार मोड़ के पास हाईवे पर बैठ गए, इससे जाम लग गया। कुछ ही देर में काफी संख्या में वाहन फंस गए। राहगीर वाहन चालकों ने किसानों से जाम खोलने की विनती की तो किसानों ने आपस में सलाह कर कुछ ही देर बाद जाम खत्म कर दिया।
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इधर, वीरवार रात को किसानों की एक झोपड़ी में आग लग गई। इसको किसानों ने खुद ही बुझा दिया। इस झोपड़ी को बनाने में लकड़ी का अधिक इस्तेमाल हुआ है। इस घटना में कुछ निर्माण सामग्री जल गई। आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट होना बताया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह के पुत्र अजित सिंह को किसानों ने दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी।
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भाकियू जींद के अध्यक्ष जोगिंदर नैन ने टीकरी बॉर्डर पर आयोजित मुख्य सभा में किसानों संबोधित करते हुए प्रशासन से किसानों के पड़ाव में एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड की सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध करवाने की मांग की, ताकि कोई अप्रिय घटना नहीं घट सके। उन्होंने कोरोना महामारी बारे में कहा कि देश में ऑक्सीजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। नैन ने कहा कि आंदोलन के दौरान जितने भी चुनाव होंगे हर चुनाव में भाजपा पश्चिम बंगाल की तरह हारेगी। बंगाल में अपनी हार को देखते हुए प्रधानमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। रोहतक के टिटोली से आए जयपाल कुंडू, भारतीय किसान सभा दिल्ली के महावीर राठी नीलवाल, कैथल जिले के पाई से आए सुमित ढुल और रमेश ढुल ने टीकरी बॉर्डर सभा में अपने विचार व्यक्त किए।